Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

नगर निगम सदन में हंगामा : कांग्रेसी पार्षद ने कहा- औकात में रहो तो भाजपा पार्षद बोलीं- ओए बोलने की तमीज सिखा दूंगी

अंबाला में नगर निगम के सदन की मीटिंग में औकात व ओए शब्दों के इस्तेमाल पर कांग्रेसी- भाजपा पार्षदों में बढ़ा तनाव, हंगामा रोकने के लिए बुलानी पड़ी पुलिस।

नगर निगम सदन में हंगामा : कांग्रेसी पार्षद ने कहा- औकात में रहो तो भाजपा पार्षद बोलीं- ओए बोलने की तमीज सिखा दूंगी
X

सदन में कांग्रेसी पार्षद मिथुन वर्मा के साथ भिड़ते भाजपा पार्षद।

हरिभूमि न्यूज. अंबाला

नगर निगम के सदन की दूसरी ही मीटिंग में सोमवार को दो शर्मनाक घटनाएं हुई। पहली कांग्रेसी-भाजपा पार्षद में तीखी झड़प हुई। विवाद इतना बढ़ा कि सदन में पुलिस बुलानी पड़ी। दूसरी पांच घंटे मीटिंग चलने के बावजूद सदन में एजेंडा ही नहीं रखा गया। बिना एजेंडा रखे मेयर शक्तिरानी ने मीटिंग खत्म करने का ऐलान कर दिया। उनका आरोप है कि भाजपा पार्षद सदन में खलल डाल रहे हैं। ऐसी स्थिति में सदन को सुचारू नहीं चलाया जा सकता है। कई मुद्दों पर खूब हंगामा हुआ। हरियाणा जनहित पार्टी व भाजपा के पार्षद ज्यादातर मौके पर टकराते रहे।

तेरे को बोलने की तमीज सिखा दूंगी

सदन की मीटिंग में सोमवार को तनाव की स्थिति तब पैदा हो गई जबकि कार्यवाही के दौरान कांग्रेसी पार्षद मिथुन वर्मा व भाजपा की मोनिका मल के बीच बहस हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि ओए कहने पर कांग्रेसी पार्षद मिथुन के मुंह से औकात में रहने की बात निकल गई। यह सुनते ही मोनिका मल भड़क गई। उसने कहा कि तेरी ऐसे बोलने की कैसे हम्मित हो गई। तूझे मैं बोलने की तमीज सिखा दूंगी। इसके बाद भाजपा पार्षद अर्चना, हितेष जैन, मनीष आनंद, यतिन बंसल व शोभा सिंह पूनिया भी मोनिका के पक्ष में लामबंद हो गए। अमर्यादित भाषा इस्तेमाल करने पर इन पार्षदों ने मिथुन को चुनौती दी। साथ ही उसे चुप रहने के लिए कहा।

मेयर व निगम कमिश्नर धीरेंद्र के सामने दोनों पक्ष में आपस में काफी देर तक उलझते रहे। मिथुन सभी पार्षदों से अकेले जूझते दिखे। भाजपा नेता सुंदर ढींगरा ने भी सदन के बीच एडवोकेट मिथुन को मुंह बंद रखने की धमकी दी। ज्यादा तनाव बढ़ने पर सदन में पुलिस बुलानी पड़ी। तब हजपा पार्षद राजेश मेहता व एचडीएफ के टोनी चौधरी ने बीचबचाव कर दोनों पक्षों को शांत किया। मोनिका का आरोप है कि पूरे सदन में हर मुद्दे पर मिथुन जानबूझकर हस्तक्षेप करता है। इसके कारण दूसरे पार्षदों को बोलने का मौका ही नहीं मिलता।

शिलापटों पर नामकरण को लेकर घिरे एक्सईएन

सदन की पहली मीटिंग में कांग्रेसी पार्षद मेघा गोयल ने एक प्रस्ताव रखा था कि निगम एरिया में शुरू होने वाले विकास कार्यों के शिलापटों पर संबंधित एरिया के पार्षद के साथ मेयर का नाम भी लिखा जाए। सहमति से यह प्रस्ताव पारित हो गया था। बेशक नर्मिाण कार्य का शुभारंभ विधायक या फिर सांसद ही क्यों न करे? हजपा पार्षद राजेश मेहता ने इस मुद्दे पर एक्सईएन को घेर लिया। उनहोंने कहा कि करीब छह महीने से शहर में नई विकास योजनाएं शुरू हो रही हैं। पर किसी भी शिलापट पर न तो मेयर का नाम न ही पार्षदों का। मेयर के साथ कमश्निर ने एक्सईएन रमन से इस पर जवाब मांगा तो वे बोल ही नहीं पाए। पंद्रह दिन में उन्होंने इस शिकायत पर कार्रवाई करने की बात कही। इस बीच हजपा पार्षद राजद्िं कौर ने एक्सईएन रमन पर फोन न उठाने का आरोप लगाया। हजपा के ज्यादातर पार्षद एक्सईएन को सस्पेंड करने की मांग कर रहे थे। फिलहाल कमश्निर ने उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया।

एनडीसी व सफाई के मुद्दे पर हंगामा

सदन में एनडीसी व सफाई के मुद्दे पर भी खूब हंगामा हुआ। साथ ही बरसाती पानी की निकासी न होने से भी ज्यादातर पार्षद नाराज दिखे। एचडीएफ के पार्षद टोनी चौधरी ने कहा पुरानी दल्लिी रोड, दशमेश मार्केट समेत कई जगह अवैध निर्माण की सीलिंग हटा दी गई। साजिश तहत यह काम हुआ। उन्होंने मेयर शक्तिरानी शर्मा को हैरीसन का एक ताला देकर कहा कि यह लो मैडम यह अपनी चाबी से ही खुलता है। सफाई को लेकर भी हजपा पार्षद फकीरचंद, सरदूल सिंह, जसबीर सिंह व राकेश सिंगला ने भी खूब हल्ला किया। सिंगला ने तो सदन में कुछ तस्वीरें भी दिखाकर अपने वार्ड का हाल बयान किया।

बिना एजेंडा रखे खत्म कर दी मीटिंग

शायद यह पहला मौका होगा जब सदन की पांच घंटे मीटिंग चले और एजेंडा रखे बिना ही उसे खत्म कर दिया जाए। सोमवार को सदन की मीटिंग पूरे नौ बजे शुरू हो गई थी। शुरूआत प्रश्नकाल से हुई। हर पार्षद को अपने वार्ड के दो- दो प्रश्न रखने का मौका दिया गया। इसके बाद पुराने पारित प्रस्तावों पर निगम अधिकारियों की ओर से सिलसिलेवार हुई कार्रवाई की जानकारी दी गई। दोपहर दो बजे तक नया एजेंडा ही सदन में नहीं रखा गया। तब मेयर शक्ति रानी शर्मा ने मीटिंग खत्म करने का ऐलान कर दिया। हैरत की बात है कि किसी भी पार्षद ने नए एजेंडे को सदन में रखने में दिलचस्पी नहीं दिखाई।

Next Story