Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

जज की गाड़ी को ट्रक ने मारी टक्कर, फोन करने पर भी नहीं पहुंची पुलिस तो बोले ऊपर तक जाएगा मामला

दिल्ली तीस हजारी कोर्ट के जज पुनीत ने इस हादसे के दौरान पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। वहीं करीब 1 घंटे तक घटना स्थल पर न तो हाईवे पुलिस मौके पर पहुंची और न ही लोकल पुलिस पुलिस मौके पर पहुंची।

जज की गाड़ी को ट्रक ने मारी टक्कर, फोन करने पर भी नहीं पहुंची पुलिस तो बोले ऊपर तक जाएगा मामला
X

हरिभूमि न्यूज : करनाल

नेशनल हाईवे पर दिल्ली से चंडीगढ़ जाते समय दिल्ली के एक जज की गाड़ी को ट्रक चालक ने टक्कर मार दी। गनीमत ये रही इस हादसे में जज बाल-बाल बच गए। इस हादसे में गाड़ी बुरी तरह से क्षतग्रिस्त हो गई। वहीं ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। दिल्ली तीस हजारी कोर्ट के जज पुनीत ने इस हादसे के दौरान पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। वहीं करीब 1 घंटे तक घटना स्थल पर न तो हाईवे पुलिस मौके पर पहुंची और न ही लोकल पुलिस पुलिस मौके पर पहुंची। इस पर गुस्साए जज ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस के कार्य में सुधार की जरूरत है उन्होंने कहा कि गनीमत ये रही इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ अगर कोई घायल होता तो क्या परिणाम होते वो सब के सामने है।

करीब 30 मिनट तक किया पुलिस हैल्पलाइन नंबर पर फोन

जज पुनीत नागपाल ने बताया कि वह दिल्ली से चंडीगढ की ओर कार में जा रहे थे। जब वह करनाल पहुंचे तो एक ट्रक चालक ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही गाडी के ऐयरबैग खुल गए। जिससे उनको चोटे नहीं आई। वहीं गाडी डिवाईड्रर पर चढ़ गई और ट्रक चालक ट्रक को लेकर मौके से फरार हो गया। इस दौरान जब उन्होंने पुलिस हैल्प लाईन नंबर पर फोन किया तो 30 मिनट तक फोन नहीं लगा। फोन इसलिए किया गया था ताकि जो ट्रक चालक टक्कर मार कर फरार हुआ है तो उसे पकड़ा जा सके। लेकिन हादसे को 1 घन्टा बीत जाने के बाद भी पुलिस घटना स्थल पर नहीं पहुंंची।

क्रेन मंगाकर हाईवे से हटाई गाड़ी : जज पुनीत नागपाल ने बताया कि जब पुलिस 1 घंटे तक नहीं आई तो उन्होंंने जिस कंपनी से गाड़ी को खरीदा था। उस कंपनी में हादसे के बारे खबर दी तो कंपनी से 20 मिनट के अंदर क्रेन पहुंची और गाड़ी को हाईवे से हटाकर गैरेज में लेकर गई। लेकिन तब तक भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची थी।

हाई अथोरिटी को करेंगे शिकायत : जज पुनीत नागपाल ने करनाल में सेवा सुरक्षा और सहयोग की दम भरने वाली करनाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने करनाल पुलिस के बारे कहा कि पुलिस को अपने कार्य करने का तरीका बदलने पड़ेगा। वहीं उन्होंने कहा कि आज वह जल्दी में है वह एक दो दिन में हाई अथोरिटी को पुलिस की इस कार्य प्रणाली की शिकायत करनी पड़ेगी।

सूचना नहीं मिली थी : वहीं इस मामले में जब हाईवे थाना नरेश कुमार ने बताया कि उन्हें इस हादसे के बारे में कोई सूचना नहीं मिली थी। अगर पुलिस को सूचना मिलती तो पुलिस मौक पर पहुंच कर मामले की जांच करती।

जांच अधिकारी मौके पर पहुंचे थे : एसएचओ बलजीत सिंह ने बताया कि जैसे ही पुलिस को सूचना मिली थी तो मौके पर जांच अधिकारी संदीप लौहान मौके पर पहुंचे थे जब क्रेन से गाड़ी को हटाया जा रहा था। इस हादसे में न्यायाधीश को हल्की खरोंचे आई थी और उन्हें पुलिस द्वारा दूसरी गाड़ी से दिल्ली की ओर रवाना किया गया।

Next Story