Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

Farmers Protest : दिल्ली सीमा बंद होने से ट्रांसपोर्ट कारोबार भी थमा

यहां से रोजाना छोटे-बड़े लगभग 100 मालवाहक वाहन रोजाना दिल्ली जाते थे, लेकिन सीमा बंद होने के कारण ये वाहन माल से भरे खड़े हैं। इस कारण उद्यमियों और ट्रांसपोर्टरों को काफी नुकसान हो रहा है।

Farmers Protest : दिल्ली सीमा बंद होने से ट्रांसपोर्ट कारोबार भी थमा
X

बहादुरगढ़। आंदोलन के कारण सड़क किनारे खड़े ट्रक।

हरिभूमि न्यूज. बहादुरगढ़

किसान आंदोलन के चलते दिल्ली सीमा बंद होने के कारण बहादुरगढ़ का ट्रांसपोर्ट व्यवसाय भी काफी हद तक ठप हो गया है। यहां से रोजाना छोटे-बड़े लगभग 100 मालवाहक वाहन रोजाना दिल्ली जाते थे, लेकिन सीमा बंद होने के कारण ये वाहन माल से भरे खड़े हैं। इस कारण उद्यमियों और ट्रांसपोर्टरों को काफी नुकसान हो रहा है।

दरअसल, बहादुरगढ़ में बड़ी तादाद में औद्योगिक इकाइयां हैं। यही वजह है कि यहां ट्रांसपोर्ट कारोबार भी बड़ा है। बहादुरगढ़ की तमाम यूनियनों में छोटे-बड़े लगभग सात हजार माल वाहक वाहन हैं। रोजाना काफी गाडि़यां माल भरकर दिल्ली सहित अन्य राज्यों का रुख करती हैं। किसान आंदोलन के कारण बीते दो दिन से काफी हद तक यह व्यवसाय चरमरा गया है। फिलहाल एक भी मालवाहक दिल्ली नहीं जा पा रहा।

ट्रांसपोर्टर संजीव मलिक और राजेश आदि ने बताया कि बहादुरगढ़ की फैक्ट्रियों से माल लेकर लगभग 100 छोटी बड़ी गाडि़यां दिल्ली जाती हैं। वीरवार को ही काम प्रभावित होने लगा था। टीकरी बार्डर, झाड़ोदा बार्डर सहित अन्य सीमाएं बंद होने के कारण शुक्रवार और शनिवार को गाडि़यां दिल्ली नहीं जा सकी। कुछ गाडि़यां तो फैक्ट्रियों और काफी गाडि़यां यूनियनों में ही माल से भरी खड़ी हैं। इसके अलावा जो गाडि़यां पहले बाहर निकल चुकी थी, वे फंसी हुई हैं।

इस वजह से ट्रांसपोर्टरों को तो नुकसान हो ही रहा है, माल न पहुंचने के कारण उद्यमियों को भी नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसके अलावा दूसरे कार्यों में लगी गाडि़यां भी ऐसे ही खड़ी हैं। काम धंधा चौपट हो गया है। पहले ही ट्रांसपोर्ट व्यापार मंदी की मार झेल रहा है। अगर यह आंदोलन लंबा बढ़ा तो ट्रांसपोर्टरों की कमर टूट जाएगी। सरकार को किसानों की मांग मान लेनी चाहिए, ताकि सब कुछ सामान्य हो सके।



Next Story