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Farmers Protest : सिंघु बॉर्डर पर बोले टिकैत- सरकार मन का भ्रम निकाल दे कि किसान आंदोलन टूट जाएगा

उन्होंने सरकार को चेताया कि जाति-धर्म के नाम पर किसान को बांटने की साजिश बंद करे। बुधवार को मंच और प्रांगण खचाखच भरा रहा और दिनभर किसानों में नेताओं ने जोश भरा।

Farmers Protest  : सिंघु बॉर्डर पर बोले टिकैत- सरकार मन का भ्रम निकाल दे कि किसान आंदोलन टूट जाएगा
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सिंघु बॉर्डर पर किसान नेताओं को सुनते किसान।  फाइल फोटो

हरिभूमि न्यूज. सोनीपत

तीन कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की दहलीज पर चल रहे किसान आंदोलन के दौरान बुधवार को भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता व संयुक्त मोर्चा के सदस्य राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार को चेताया कि वह मन का भ्रम निकाल दे कि किसान आंदोलन टूट जाएगा। न तो मंच बदलेगा और ना ही किसानों का मोर्चा टूटेगा। उन्होंने किसानों से आह्वान किया है कि सभी किसान जागरुक रहें, क्योंकि बहुत से लोग उन्हें जाति, धर्म और इलाके के नाम पर तोड़ने की कोशिश करेंगे। इसलिए एकता बनाकर रखें। भाकियू नेता राकेश टिकैत सिंघु बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों को संबोधित कर रहे थे। गणतंत्र दिवस समारोह के बाद पहली बार वह यहां पहुंचे थे। उन्होंने किसानों में जोश भरते हुए आंदोलन को ओर मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने सरकार को भी चेताया कि जाति-धर्म के नाम पर किसान को बांटने की साजिश बंद करे। बुधवार को मंच और प्रांगण खचाखच भरा रहा और दिनभर किसानों में नेताओं ने जोश भरा।

भाकियू नेता राकेश टिकैत ने सवाल किया कि दिल्ली में चार लाख ट्रैक्टरों में तीन लाख आदमी पहुंचे और किसी की साइकिल की हवा तक नहीं निकाली गई। यह अनुशासन नहीं तो क्या था? सरकार बताए कि रातों रात लोगों को कैसे लालकिले तक पहुंचा दिया गया? इसकी निष्पक्ष व स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाई जाए तो पूरी हकीकत लोगों के सामने आ जाएगी। टिकैत ने कहा कि किसान किसी सूरत में रोटी को पूंजीपतियों की तिजौरी में कैद नहीं होने देंगे। इसके लिए किसान संघर्ष करने को तैयार हैं। अबकी बार 40 लाख ट्रैक्टर आएंगे और दिल्ली को बता देंगे कि यह किसी एक इलाके का नहीं पूरे देश का आंदोलन है। उन्होंने मदद और सहयोग के लिए हरियाणा की खाप पंचायतों का आभार प्रकट किया और कहा कि भाईचारे और सहयोग को इसी तरह बनाए रखें।

पीएम के बयान की कड़े शब्दों में की निंदा

राकेश टिकैत ने पीएम के आंदोलनजीवियों की एक नई जमात पैदा होने के बयान पर कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि आजादी भी इस देश को आंदोलन ने ही दिलाई थी। उन्होंने कहा कि अभी तो केंद्र सरकार सीड (बीज) बिल लाने जा रही है। सरकार बताएगी कि किसान को किस कंपनी का बीज बोना है। वरना, मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब तक सोने व अनाज में बढौतरी बराकर नहीं होती है, तब तक किसान को मुनाफा हो नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि किसान की कोई जाति नहीं होती है। किसान 36 बिरादरी में हैं और किसी ना किसी रूप से हर बिरादरी खेती से जुड़ी है। इसलिए भाजपा का यह षडयंत्र यहां नहीं चलेगा।

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