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सावधान : ठग बदल रहे बार-बार भेष, अब रिश्तेदार बनकर कर रहे लाखों की ठगी

हर तरफ ठगों का मायाजाल बढ़ता ही जा रहा है। कभी वह बैंक कर्मचारी बनकर, कभी किसी कंपनी के कस्टमर केयर अधिकारी बनकर तो कभी लाॅटरी दिलाने के नाम ठगी कर रहे हैं।

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हरिभूमि न्यूज: रोहतक

जिले में ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। हर तरफ ठगों का मायाजाल बढ़ता ही जा रहा है। ठग लोगों को शिकार बनाने के लिए बार बार भेष बदल रहे हैं। कभी वह बैंक कर्मचारी बनकर, कभी किसी कंपनी के कस्टमर केयर अधिकारी बनकर तो कभी लाॅटरी दिलाने के नाम ठगी कर रहे हैं। अब ठग लोगों से उनके रिश्तेदार बनकर ठगी करने लगे हैं। जिससे आमजन को सतर्क रहने की जरूरत है। हाल ही में शहर में दर्जनों लोगों के साथ इसी अंदाज में ठगी की जा चुकी है। इसके अलावा भी अलग अंदाज में ठगी की जा रही हैं।

इस बात का रहें ध्यान

कोई भी बैंक, कस्टमर केयर और निजी कंपनी आपके खाते की जानकारी, ओटीपी, एटीएम कार्ड का नम्बर, आधार कार्ड का नम्बर नहीं मांगती। न ही इसके लिए किसी अधिकारी को नियुक्त किया गया होता है। अपनी निजी जानकारियां आप किसी को न दें। किसी लाॅटरी देने, ईनाम देने, इंवेस्टमेंट प्लान के नाम पर बहकावे में न आएं। फेसबुक या मैसेंजर पर मिले मैसेज के आधार पर किसी को भी रुपये न दें। मोबाइल फोन पर अपने आप को आपका परिचित बताने पर भी रुपये न दें। गुगल पे या फोन पे समेत पेटीएम पर कोई भी बार कोड स्कैन करें। ऐसा करते ही आपके खाते से रुपये निकल जाएंगे।

साइबर थाना खुलने से जगी उम्मीद

रेंज के रोहतक, सोनीपत, चरखीदादरी, झज्जर और भिवानी जिलों के लिए साइबर थाना शुरू किया जा रहा है। थाना बनने के बाद ठगी के मामलों में सही तरीके से जांच पड़ताल हो सकेगी और लोगों को ऐसे मामलों में जल्द से जल्द न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा। जांच अधिकारियों को भी पुलिस विभाग द्वारा स्पेशल ट्रेनिंग दी गई है। जल्द ही थाना खुलने का परिणाम देखने को मिल सकेगा। साल भर में अकेले रोहतक में 500 से ज्यादा ठगी की शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं।

खाते से निकाली दो लाख 10 हजार रुपये की राशि

जगदीप मलिक निवासी माॅडल टाउन ने सिविल लाइन पुलिस को दी शिकायत में बताया कि किसी व्यक्ति ने उनके पीएनबी के खाते से दो लाख 10 हजार रुपये की रकम निकाल ली गई। जबकि उन्होंने खाते से यह रकम नहीं निकाली। वह बैंक गए तो उन्होंने उनका खाता ही फ्रीज करवा दिया। आरोपित का सुराग लगाया जाए।

खाते से दो बार में दस हजार, एक बार पांच हजार निकाले

लाखनमाजरा पुलिस को दी शिकायत में वकील ने बताया कि वह खेतीबाड़ी का काम करता है। उसका खाता पंजाब एंड सिंध बैंक लाखनमाजरा में है। जिसकी पासबुक व एटीम उसके पास घर पर रखे हुए हैं। 4 जनवरी को उनके खाते से दो बार दस हजार, एक बार पांच हजार रुपये निकाल लिए गए। इसके बाद पांच जनवरी को उनके खाते से दो बार में दस हजार, एक बार पांच हजार और एक बार झज्जर से 25 हजार रुपये निकाल लिए गए। इसके बाद 18 जनवरी को 22 हजार रुपये भिवानी से निकाले गए। आरोपित ने उनके खाते से कुल 72 हजार की ठगी कर डाली।

ऑनलाइन आर्डर पर चुराया जा रहा निजी डाटा

इंटरनेट पर किसी कस्टमर केयर या कंंपनी का नम्बर न खोजे। टीवी पर दिखाए जाने वाले कई विज्ञापनों के आधार पर सामान का आर्डर न करें। ऐसा करने पर आपका निजी डाटा चोरी हो रहा है। कंपनी से सामान की डिलीवरी होने के बाद ठग आपको कॉल करना शुरू कर देते हैं। जिसके बाद ठगी की जाती है। हाल ही में इस बात का खुलासा हुआ है।

साइबर थाना शुरू होने से जांच में होगी आसानी

ठगी के मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच पड़ताल की जाती है। आरोपितों को गिरफ्तार करने के लिए हर सम्भव प्रयास किए जाते हैं। साइबर थाना शुरू होने के बाद ऐसे मामलों में अपराधियों तक पहुंचा जा सकेगा। जिससे ठगी के मामलों में भी कमी आएगी। - गोरखपाल राणा, डीएसपी मुख्यालय।


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