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Farmers Protest : ऑपरेशन क्लीन को फेल करने के लिए पंजाब के हजारों किसान दिल्ली रवाना

किसानों ने कहा कि अब सरकार का कोई भी ऑपरेशन किसान आंदोलन पर काम नहीं करेगा। इसलिए बेहतर होगा कि केंद्र सरकार तीनों नए कृषि कानूनों को रद्द करे ताकि किसान वापिस अपने घरों को लौट सकें।

Farmers Protest : ऑपरेशन क्लीन को फेल करने के लिए पंजाब के हजारों किसान दिल्ली रवाना
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 दिल्ली कूच करते समय गांव दातासिंहवाला में खड़े किसानों के वाहन।

हरिभूमि न्यूज. नरवाना ( जींद)

गेहूं सीजन के चलते किसान आंदोलन में किसानों का कूच कुछ कम नजर आने लगा था लेकिन बुधवार को पंजाब के हजारों किसानों के जत्थे फिर से दिल्ली की तरफ बढते दिखे। किसानों की सेवा के लिए गांव दातासिंहवाला के गुरूद्वारे में लंगर की सुविधा की गई है। गांव दातासिंहवाला में पहुंचे पंजाब के किसानों ने कहा कि गेहूं के सीजन के चलते किसान व मजदूर खेताें में व्यस्त थे। लेकिन सरकार ने इस व्यवस्तता को किसान आंदोलन की कमजोरी बताया और ऑपरेशन क्लीन करने की रणनीति बनाई।

सरकार के ऑपरेशन क्लीन को तबाह करने व किसान आंदोलन की मजबूती को दिखाने के लिए 21 अप्रैल को पंजाब से हजारों किसानों के जत्थे दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं। किसानों ने कहा कि अब सरकार का कोई भी ऑपरेशन किसान आंदोलन पर काम नहीं करेगा। इसलिए बेहतर होगा कि केंद्र की भाजपा सरकार तीनों नए कृषि कानूनों को रद्द करे ताकि किसान वापिस अपने घरों को लौट सके। कभी किसानों की झोपडि़याें में आग लगा दी जाती है तो कभी उन पर पत्थर फैंककर उकसाया जाता है लेकिन फिर भी किसान शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन चला रहे हैं।

हरियाणा पंजाब का भाईचारा विश्व के लिए प्ररेणा

गांव दातासिंहवाला पहुंचे पंजाब के किसानों ने कहा कि किसान आंदोलन के चलते हरियाणा के किसानों के किसानों द्वारा जो संघर्ष किया जा रहा है वह इस आंदोलन की सबसे मजबूत कड़ी है। इसलिए कहा जा सकता है कि इस आंदोलन की सफलता के बाद हरियाणा व पंजाब एक राज्य बन सकते हैं और हरियाणा पंजाब का यह भाईचारा पूरे विश्व के लिए एक बड़ी प्ररेणा बनेगा। पंजाब के किसानों ने कहा कि आंदोलन के चलते हरियाणा व पंजाब के लोगों के सम्बंध इतने गहरे हो गए हैं कि एक दूसरे के लिए जान देने के लिए तैयार हैं और अगर ऑपरेशन क्लीन जैसी कोई कार्यवाही करती है तो दिल्ली के बॉर्डरों पर जल्द ही सरकार को पंजाब बसा हुआ नजर आएगा।

कोरोना सरकार की चाल

किसानों ने कहा कि सरकार अब दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों की फिक्र करने की बात कहकर उनका कोरोना टैस्ट करवाने की तैयारी कर रही है लेकिन देश का किसान सरकार से पूछता है कि जमा देने वाली ठंड के कारण जब सैंकड़ों किसान शहीद हुए तक सरकार को किसान की फिक्र नहीं हुई। किसानों ने कहा कि देश में लॉकडाउन हुआ फिर खोल दिया गया तो कोरोना गायब और एक बार फिर कोरोना का बहाना बनाकर देश की जनता को परेशान कर रही है। किसानों ने कहा कि आंदोलन में बुजुर्गो की संख्या सबसे ज्यादा है। लेकिन अभी तक एक भी बुजुर्ग की कोरोना से मौत नहीं हुई। इसलिए आंदोलन में शामिल किसान सरकार के इस दिखावे में नहीं आएगा।



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