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हजारों की संख्या में मरे मुर्गे खुले फेंके, मचा हडक़ंप

मुर्गों के मृत मिलने की सूचना मिलने पर पशुपालन विभाग तथा वन्य प्राणी विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। जिन्होंने मरे हुए मुर्गों के सैंपल लेकर जांच के लिए लैबोरेटरी भेज दिए।

हजारों की संख्या में मरे मुर्गे खुले फेंके, मचा हडक़ंप
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 खुले में डाले गए मरे हुए मुर्गे व मृत पड़ा कौवा। 

हरिभूमि न्यूज. जींद। गांव बहादुरगढ़ के निकट बंद पड़े ईंट भट‍्ठे के पीछे रेलवे पेड़ पौधों में मरे हुए हजारों की संख्या में मुर्गे फैंके जाने से हडक़ंप मच गया। नजदीक ही हैचरियों की गंदगी पड़ी हुई थी।

मुर्गों के मृत मिलने की सूचना मिलने पर पशुपालन विभाग तथा वन्य प्राणी विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। जिन्होंने मरे हुए मुर्गों के सैंपल लेकर जांच के लिए लैबोरेटरी भेज दिए। मरे हुए मुर्गों को टीम ने गड्ढा खुदवा चूना डाल कर उन्हें दफनवा दिया।

गांव बहादुरगढ़ के निकट बंद पड़े ईंट भट‍्ठे के पीछे रेलवे पेड़ पौधों के साथ शनिवार शाम को लोगों ने काफी संख्या में मरे हुए मुर्गों को पड़े हुए देखा। जिसके साथ एक कौवा भी मरा हुआ था।

मरे हुए मुर्गों को खुले में सुनसान जगह पर फैंके जाने से साफ था कि ट्रैक्टर ट्राली में मरे हुए मुर्गों को लाया गया और फिर एकांत जगह देख कर डाल दिया गया। मरे हुए मुर्गे बुरी तरह सड़े हुए थे। यानी मुर्गों की तीन-चार दिन पहले मौत हुई है। साथ ही हैचरी की गंदगी भी वहीं पर पड़ी हुई थी।

किसी पोल्ट्री फार्मर ने मुर्गों को दफनाने की बजाए उन्हें एकांत में फैंक दिया। काफी संख्या में मरे हुए मुर्गे पड़े होने की सूचना मिलने पर वेटनरी सर्जन डा. विकास शर्मा तथा सुशील रोहिला व वन्य प्राणी विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। जिन्होंने मरे हुए मुर्गों के सैंपल लिए और उन्हें जांच के लिए जालंधर भेज दिया। रिपोर्ट आने के बाद ही खुलासा हो पाएगा कि आखिर मुर्गे कैसे मरे। मौके पर पहुंची टीम ने मरे हुए मुर्गों को गड्ढा खुदवा चूना डाल दफना दिया।

पश्ुापालन विभाग के उपनिदेशक डा. रविंद्र हुड्डा ने बताया कि मरे हुए मुर्गों को खुले में फैंकना सरासर गलत है। विभाग की टीम द्वारा मरे हुए मुर्गों के सैंपल लिए गए हैं जिन्हें जांच के लिए लैबोरेटरी भेजा गया है। मरे हुए मुर्गों को दफनवा दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मुर्गों के मरने के कारणों का खुलासा हो सकेगा।



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