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दूसरी बेटी होने पर जो मारते थे ताने, नीट में सफलता पर अब वही दे रहे बधाइयां

कुमुद ने बताया कि मेरे जन्म के समय जो लोग परिवार (family) में दूसरी बेटी होने पर ताना मारते थे, आज नीट एग्जाम में सफलता पर वही हमें बधाइयां दे रहें हैं। कुमुद अब एमबीबीएस (MBBS) करेगी और डाक्टर बन सेना मे जाकर अपनी सर्विस देना चाहती हैं।

दूसरी बेटी होने पर जो मारते थे ताने, नीट में सफलता पर अब वही दे रहे बधाइयां
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नीट एग्जाम में सफलता पर बेटी कुमुद को मिठाई खिलाती उसकी मां समीक्षा।

हरिभूमि न्यूज. सोनीपत। बेटियां हर क्षेत्र में खुद को साबित कर रही हैं और लड़कों को पीछे छोड़ रही हैं, उसके बावजूद भी उन्हें लड़कों के मुकाबले (Compared) कमतर ही आंका जाता है। शनिवार को जारी हुए नीट एग्जाम में साउथ पॉइंट की छात्रा कुमुद ने 4595वां रैंक हासिल कर खुद को साबित किया है।

लाडली की उपलब्धि पर दुकानदार पिता भी फूले नहीं समां रहे। अपनी उपलब्धि का श्रेय स्कूल के बेहतरीन माहौल, अध्यापकों के कुशल मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग को देते हुए कुमुद ने बताया कि मेरे जन्म के समय जो लोग परिवार में दूसरी बेटी (daughter) होने पर ताना मारते थे, आज नीट एग्जाम में सफलता पर वही हमें बधाइयां दे रहें हैं। कुमुद अब एमबीबीएस करेगी और डाक्टर बन सेना मे जाकर अपनी सर्विस देना चाहती हैं।

साउथ पॉइंट स्कूल की छात्रा मॉडल टाउन निवासी कुमुद ने बताया कि वह तीन बहन-भाइयों में दूसरे नंबर पर हैं। बड़ी बहन खुशबू बी.टेक फाइनल ईयर में हैं और छोटा भाई हर्षित अभी 11वीं कक्षा में है। कुमुद बताती हैं कि वह जब पैदा हुई तो परिवार में दूसरी बेटी पैदा होने पर लोग पैरेंट्स को ताने मारते थे, उसके बावजूद मम्मी-पापा ने सभी तानों को दरकिनार कर हमें बेहतर माहौल देने के साथ ही अच्छी शिक्षा दिलाई।

मम्मी का सपना था कि मैं डाक्टर बनूं और देश की सेवा करुं। मां के सपने को पूरा करने के लिए मैंने भी इसे ही अपने जीवन का ध्येय बनाया और लक्ष्य प्राप्ति के लिए परीश्रम शुरू कर दिया। साउथ पॉइंट स्कूल में मिले बेहतर माहौल और शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन ने मेरी राह आसान बना दी। सितंबर माह में 13 तारीख को हुए नीट एग्जाम देने के बाद मुझे पूरी उम्मीद थी कि मेरा सिलेक्शन हो जाएगा। शनिवार को जैसे ही रिजल्ट आया, पूरा परिवार खुशी से झूम उठा। मारे खुशी के मां ने मुझे गले से लगा लिया, उस वक्त उनकी आंखों में खुशी के आंसू थे।

दुकानदार पिता बोले-बेटी ने सीना कर दिया चौड़ा

कुमुद के पिता राकेश पाराशर बताते हैं कि वे मॉडल टाउन में ही दुकान चलाते हैं। मेरी बड़ी बेटी बी.टेक फाइनल ईयर में है और दूसरे नंबर की बेटी ने नीट एग्जाम क्लीयर कर मेरा सीना चौड़ा कर दिया। आज के समय में भी जहां लोग बेटियों को बोझ समझते हैं, वहीं मेरी दोनों बेटियां मेरी शान हैं। बेटियां मेरा अभिमान : समीक्षा

कुमुद की मां समीक्षा बताती हैं कि मेरी दोनों बेटियां मेरा अभिमान हैं। मेरा सपना था कि बेटी कुमुद डाक्टर बने। नीट एग्जाम में कुमुद का ऑल इंडिया रैंक 4595 हैं और कैटेगरी रैंक 2543 है। कुमुद ने 646 अंको (99.65 पर्सनेंटाइल) के साथ डाक्टर बनने की राह में कदम बढ़ा दिए हैं। समीक्षा बताती हैं कि नीट एग्जाम में सफलता पाने के लिए कुमुद ने कोई कोचिंग नहीं ली, इसके लिए वह प्रतिदिन 15 घंटे तक पढ़ाई करती थी। कठोर परीश्रम के बल पर ही उसने यह सफलता हासिल की है।



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