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हरियाणा में अबकी बार पंचायत समिति वोटिंग भी ईवीएम से पंच के लिए पहले की तरह मतपत्र पर लगेगी मुहर

अभी तक सरपंच और जिला परिषद की वोटिंग इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन करवाई जाती थी। लेकिन अब पहली बार पंचायत समिति इलेक्शन में ईवीएम प्रयोग होंगी।

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ईवीएम (प्रतीकात्मक तस्वीर)

अमरजीत एस गिल : रोहतक

पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में करवाए जा रहे विधानसभा चुनावाें में ईवीएम को लेकर तरह-तरह की घटनाएं इन दिनों प्रकाश में आ रही हैं। बूथ के कुल मतों से अधिक मतदान, ईवीएम नेताओं की गाड़ी में मिलना, इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन लेकर चुनाव पार्टी बूथ पर जाने की बजाय अपने किसी रिश्तेदार के यहां रात्रि विश्राम के लिए चली गई समेत कई प्रकार की घटनाएं बीते दिनों में हुई हैं। यह घटनाएं लगातार सुर्खियां बंटोर रही हैं। इन सबके बीच पहली बार पंचायती राज संस्थाओं के छठे आम चुनाव में पंचायत समिति सदस्य चुनने के लिए हरियाणा का मतदाता ईवीएम का प्रयोग करेगा। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं।

अभी तक सरपंच और जिला परिषद की वोटिंग इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन करवाई जाती थी। लेकिन अब पहली बार पंचायत समिति इलेक्शन में ईवीएम प्रयोग होंगी। वर्ष 2016 में हुए चुनाव में रेवाड़ी और पंचकूला में जिला परिषद, सरपंच, पंच और पंचायत समिति सदस्य चुनने के लिए लाेगों ने ईवीएम के बटन दबाए थे। यानि की मतदाताओं ने अपने चारों वोट ईवीएम से डाले थे। अब आम चुनाव में वोटर जिला परिषद, पंचायत समिति और सरपंच चुनने के लिए इलेक्ट्रोनिक वाेटिंग मशीन के माध्यम से मत डालेंगे।

बीस अप्रैल को है सुनवाई

ऑड आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट में 20 अप्रैल को मामले की सुनवाई होनी है। इस दिन सरकार ऑड आरक्षण पर अपना पक्ष रखेगी। क्योंकि महिलाओं ने ऑड रिजर्वेशन को यह कहकर चुनौती दी है कि उन्हें ईवन कैटेगरी में इलेक्शन लड़ने से वंचित किया जा रहा है। याचिका में कहा गया कि ऑड नंबर या ओपन कैटेगरी में महिलाओं को चुनाव लड़ने से नहीं रोका जा सकता। इसके साथ ही, हाईकोर्ट से आग्रह किया गया था कि सरकार के इस निर्णय पर रोक लगाई जाए। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि शंकर झा और जस्टिस अरूण पल्ली पर आधारित बेंच ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न सरकार के इस निर्णय पर रोक लगा दी जाए। इसके बाद अब हरियाणा सरकार 20 अप्रैल को हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करेगी।

नई ईवीएम से होगा मतदान

निर्वाचन आयोग इस बार पंचायतों के चुनाव नई ईवीएम से करवाएगा। इसके लिए बेंगलुरू से इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन खरीदी जाएंगी। गत जनवरी में आयोग पुरानी ईवीएम को बेंगलुरू भेज चुका है। क्योंकि उनके फीचर काफी पुराने हो चुके थे। बताया जा रहा है कि आयोग को जल्द ही नई इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन मिलने वाली हैं। चुनाव में कागज-पत्र पोलिंग पार्टियों समेत अधिकारियों को चाहिए होते हैं, उनको जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय पिछले चंडीगढ़ से ले आया है।

कितनी ईवीएम चाहिए पूछा आयोग ने

राज्य निर्वाचन आयोग ने रोहतक समेत प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालयों को पत्र लिखकर यह पूछा था कि पंचायत समिति की वोटिंग इस बार ईवीएम से करवाया जाना है। ऐसे में अधिकारी यह बताएं कि उनके यहां कितनी-कितनी इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन की आवश्यकता है। आयोग को सरपंच और जिला परिषद इलेक्शन में कितनी ईवीएम चाहिए, इसकी जानकारी तो है। क्योंकि कई साल से सरपंच और जिला परिषद का चुनाव इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन से करवाया जा रहा है। पंचायत विभाग के मुताबिक इस बार चुनाव के लिए 900 के करीब बूथ बनाए जाएंगे। ऐसे में 2700 अतिरिक्त ईवीएम की आवश्यकता और पड़ेगी। इनके अलावा 270 के करीब इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन रिजर्व रखी जाएगी। इस हिसाब-किताब देखा जाए तो 3 हजार ईवीएम से पंचायत समिति की वोटिंग करवाने के लिए काम आसानी से चल जाएगा।


पहली बार पंचायत समिति के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से मतदान करवाया जाएगा। जिले में कितनी ईवीएम की आवश्यकता है, इसकी जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी जा चुकी है। -जितेंद्र लाठर, सहायक, जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय पंचायत

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