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नए लुक में नजर आने लगा 60 के दशक में स्थापित ये पुस्तकालय

यहां हर रोज सैकड़ों छात्र विभिन्न प्रतियोगिताओं की तैयारियों के लिए आते हैं। लाइब्रेरी में कई प्रकार की किताबें, उपन्यास, समाचार पत्र और पत्रिकाएं उपलब्ध हैं। कोविड-19 के आगमन से पहले ही जिला प्रशासन ने इसे नॉलेज हब के रूप में विकसित करने की रणनीति बनानी शुरू कर दी थी।

नए लुक में नजर आने लगा 60 के दशक में स्थापित ये पुस्तकालय
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नारनौल : उपायुक्त को पुस्तकें सौंपते गुरुग्राम से आए युवक शुभम मुदगिल। फोटो: हरिभूमि

हरिभूमि न्यूज : नारनौल

बस स्टैंड के सामने 1960 के दशक में स्थापित किया गया जिला पुस्तकालय अब नए लुक में नजर आने लगा है। यहां हर रोज सैकड़ों छात्र विभिन्न प्रतियोगिताओं की तैयारियों के लिए आते हैं। लाइब्रेरी में कई प्रकार की किताबें, उपन्यास, समाचार पत्र और पत्रिकाएं उपलब्ध हैं। कोविड-19 के आगमन से पहले ही जिला प्रशासन ने इसे नॉलेज हब के रूप में विकसित करने की रणनीति बनानी शुरू कर दी थी। यहां आने वाले छात्रों को एक पुस्तक सूची तैयार करने के लिए कहा गया था। जिसे वे पुस्तकालय में रखना चाहते हैं। फिर प्रशासन द्वारा यूपीएससी, एचसीएस, पुलिस व सैन्य भर्ती, बैंकिंग के लिए किताबें खरीदी गई।

डीसी की अध्यक्षता में जिला पुस्तकालय समिति की नियमित बैठकें आयोजित की गईं। अब यह पुस्तकालय पढ़ने का एक नया केंद्र बन चुका है। छात्रों के उत्साह को देखते हुए जिला प्रशासन इसमें भविष्य में भी इसी प्रकार सुविधाएं बढ़ाएगा।

गुरुग्राम के शुभम मुदगिल ने दान की 800 पुस्तकें : उपायुक्त अजय कुमार की ओर से पुस्तकें दान करने की अपील के जवाब में कई लोग पुस्तकें दान करने के लिए आगे आए हैं। गुरुग्राम से आए शुभम मुदगिल ने रविवार को कैंप कार्यालय पहुंचकर उपायुक्त को अपनी 800 पुस्तकों की निजी लाइब्रेरी जिला पुस्तकालय को दान कर दी। डीसी ने उनके कदम की सराहना की।

पुस्तकालय को विकसित करने का सराहनीय प्रयास : गुरुग्राम से अपनी पुस्तकें दान करने आए शुभम मुदगिल ने उपायुक्त अजय कुमार के साथ बातचीत में कहा कि उन्हें लिंक्डइन पर सीएमजीजीए महेंद्रगढ़ कौस्तुभ के पुस्तकालय पुनर्विकास परियोजना के बारे में पता चला। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम में उनके घर पर इंजीनियरिंग व मेडिकल प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित लगभग 800 किताबें थी। जानकारी मिलने पर उन्होंने तुरंत सीएमजीजीए कौस्तुभ विराट को फोन किया और उन्होंने उपायुक्त को यह पुस्तकें दान करने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि उसके दान करने के बाद वह खुद जिला पुस्तकालय में गए तथा वहां की व्यवस्था देख कर बहुत खुशी हुई।

आदर्श पुस्तकालय के रूप में विकसित करने के लिए नामित : सीएमजीजीए कौस्तुभ विराट ने कहा कि केंद्र सरकार के सांस्कृतिक मंत्रालय ने जिला पुस्तकालय को राष्ट्रीय पुस्तकालय मिशन के तहत एक आदर्श पुस्तकालय के रूप में विकसित करने के लिए नामित किया है। इसके लिए हम सभी को बहुत खुशी है। इस योजना के तहत विभिन्न सुविधाएं जैसे पुस्तकालय का सुधार, रिकॉर्ड और पुस्तकों का डिजिटलीकरण, बच्चों के अनुकूल फर्नीचर और किताबें, सभी प्रकार की ऑडियो विजुअल शिक्षण सामग्री के साथ सम्मेलन हॉल उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे आगे आएं और लाइब्रेरी के लिए तथा प्रतियोगी परीक्षा के लिए किताबें आदि देकर योगदान दें। इससे वंचित बच्चों के समुदाय के छात्रों को लाभ होगा।

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