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Faridabad : सिम अपग्रेड करने का झांसा देकर साफ कर देते थे बैंक अकाउंट, पांच गिरफ्तार

पुलिस को आरोपियों के देशभर में 300 खातों का भी पता चला है। आरोपित खुद को टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी बताकर 3 जी सिम को 4जी या ई.सिम में बदलने का झांसा देते थे। जैसे ही कोई राजी हो जाता तो उसे फांस लेते थे। ओटीपी सहित अन्य जानकारियां हासिल कर क्लोन सिम बना लेते और बैंक खाता खंगाल देते। इसके बाद संबंधित व्यक्ति का खाता खाली कर देते।

गिरफ्तार किए गए साइबर ठगों की जानकारी देते पुलिस अधिकारी।
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गिरफ्तार किए गए साइबर ठगों की जानकारी देते पुलिस अधिकारी।

फरीदाबाद। साइबर ठगों (Cyber ​​thugs) के गढ़ के रूप में कुख्यात झारखंड जामताड़ा से साइबर अपराध शाखा ने चार युवकों को गिरफ्तार (Arrested) किया है। इनके एक साथी को जालंधर पंजाब से पकड़ा है। साइबर अपराध शाखा के मुताबिक ये पांचों सिम अपग्रेड करने का झांसा देकर खातों (Accounts) से रुपये उड़ाने का रैकेट चला रहे थे। इनकी पहचान जामताड़ा झारखंड निवासी अजय मंडल, भरत कुमार मंडल, शत्रुघ्न मंडल, नरेंद्र मंडल और जालंधर पंजाब निवासी सौरभ के रूप में हुई। आरोपियों ने जुलाई में चार्मवुड विलेज फरीदाबाद निवासी मुनीश कुमार जैन को सिम अपग्रेड करने का झांसा देकर करीब 2.30 लाख रुपये उड़ा लिए थे। इस मुकदमे में पुलिस ने सवा लाख रुपये, 12 मोबाइल व सिम बरामद किए हैं।

पुलिस पीआरओ धारणा यादव ने बताया कि आरोपितों ने देशभर में ठगी की सैकड़ों वारदातें की हुई हैं। इस संबंध में उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस को आरोपियों के देशभर में 300 खातों का भी पता चला है। संदेह से बचने के लिए ठगी का रुपया इन खातों में छोटे-छोटे हिस्सों में ट्रांसफर होता था। अजय मंडल इस गिरोह का मास्टरमाइंड है। ठगी के रुपयों में 50 फीसद अकेले अजय लेता था, बाकी रुपया अन्य में बंटता था। यह गिरोह बैंकों की साइट पर जाकर खास तरीके से बैंक में पंजीकृत नंबर हासिल कर लेता था। इसके बाद आरोपी खुद को टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी बताकर 3 जी सिम को 4जी या ई.सिम में बदलने का झांसा देते थे। जैसे ही कोई राजी हो जाता तो उसे फांस लेते थे। ओटीपी सहित अन्य जानकारियां हासिल कर क्लोन सिम बना लेते और बैंक खाता खंगाल देते। इसके बाद संबंधित व्यक्ति का खाता खाली कर देते।

इस मुकदमे को सुलझाने में साइबर अपराध शाखा प्रभारी बसंत कुमार ने अहम भूमिका निभाई। एसआइ राजेश कुमार, एसआइ योगेश कुमार, एएसआइ बाबूराम, एएसआइ सत्यवीर, हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार, हेड कांस्टेबल नरेंद्र कुमार और सिपाही अंशुल ने अहम भूमिका निभाई। झारखंड का जामताड़ा साइबर ठगों के गढ़ के रूप में कुख्यात है। इस साल जनवरी में एक वेब.सीरीज भी आई थी, जिसमें जामताड़ा में साइबर ठगी को मुख्य रूप से चत्रिति किया गया।



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