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राेहतक पीजीआई में इस महीने रहेगी डॉक्टरों की कमी, छुट्टी पर जाएंगे 350 डॉक्टर, देखें पूरा मामला

350 डॉक्टर 2 बैच में छुट्टी पर रहेंगे। इनमें से पहले बैच के 175 डॉक्टर 10 जुलाई से छुट्टी पर चले जाएंगे। पहला बैच 10 से 19 जुलाई तक छुट्टी पर रहेगा। 20 जुलाई को कॉमन ड्यूटी होगी। इसके बाद 21 से 30 जुलाई तक दूसरे बैच के 175 डॉक्टर छुट्टी पर रहेंगे।

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प्रतीकात्मक तस्वीर

मनोज वर्मा : रोहतक

कोविड की दूसरी लहर से निपटने के बाद अब डॉक्टर छुट्टियां लेने और परिवार के साथ समय बिताने का प्लान बनाने में लगे हैं। जल्द ही पीजीआई निदेशक इस बाबत विधिवत पत्र जारी कर देंगे। इसके बाद 175 डॉक्टर छुट्टियां मनाने के लिए रवाना होंगे। जिसके चलते पीजीआई में इस महीने डॉक्टर्स का टोटा रहेगा। 350 डॉक्टर 2 बैच में छुट्टी पर रहेंगे। इनमें से पहले बैच के 175 डॉक्टर 10 जुलाई यानी शनिवार से छुट्टी पर चले जाएंगे। पहला बैच 10 से 19 जुलाई तक छुट्टी पर रहेगा। 20 जुलाई को कॉमन ड्यूटी होगी। इसके बाद 21 से 30 जुलाई तक दूसरे बैच के 175 डॉक्टर छुट्टी पर रहेंगे। बता दें पीजीआई में 350 फैकल्टी सदस्य हैं।

हर साल इन्हें गर्मियों में एक महीने और सर्दियों में 25 दिन की छुट्टी दी जाती है। लेकिन कोविड के कारण दो साल से छुट्टियों का पूरा सिस्टम बिगड़ा हुआ है। पिछले दिनों छुट्टी और कॉमन कैडर के मुद्दे पर डॉक्टर वीसी से भी मिले थे। इसके बाद डॉक्टर्स को गर्मियों की छुट्टी देने का रास्ता साफ हुआ। हालांकि अभी तक पीजीआई की तरफ से इस फैसले को लेकर कोई पत्र जारी नहीं किया गया, लेकिन उम्मीद है कि आज या कल अधिकारिक रूप से पत्र जारी हो जाएगा।

एक महीने से घटाकर 10 दिन की छुट्टी

फैकल्टी सदस्यों को हर साल गर्मियों में एक महीना और सर्दियों में 25 दिन की छुट्टी दी जाती है। गर्मियों में एक बैच को 15 मई से 15 जून तक छुट्टी पर भेजा जाता है। दूसरा बैच 15 जून से 15 जुलाई तक छुट्टी पर रहता है। सर्दियों में एक बैच 1 से 25 दिसंबर और दूसरा बैच 25 से 21 जनवरी तक छुट्टी पर रहता है। लेकिन इस बार सिर्फ 10 दिनों के लिए छुट्टी मिलेंगी।

पिछले साल छुट्टी नहीं मिली

पिछले साल कोविड के कारण गर्मियों की छुट्टी रद कर दी गई थी। सर्दियों में पहले बैच को दिसंबर में 15 दिन के लिए छुट्टी दी गई थी। इसके बाद दूसरा बैच छुट्टी पर गया तो सभी डॉक्टर्स को छुट्टी के 2 दिनों के बाद ही वापस बुला लिया गया था। इसलिए डॉक्टर्स की छुट्टियों का शेड्यूल गड़बड़ा रहा था।

हर रोज 6 हजार मरीज

पीजीआई की ओपीडी में 29 जून को शुरू कर दी गई थी। यहां हर रोज करीब 5-6 हजार मरीज आते हैं। इसके अलावा इमरजेंसी में लगभग 1 हजार केस हर रोज आते हैं। वार्ड में दाखिल मरीज अलग हैं। पीजीआई में एमबीबीएस की कक्षाएं भी शुरू हो चुकी हैं। ट्रामा सेंटर नॉन कोविड हो चुका है। एमडी और एमएस की परीक्षा भी चल रही हैं।

6 महीने से डीए नहीं

पीजीआई के डॉक्टर्स के सामने एक परेशानी ये भी है कि 6 महीने से उन्हें डीए नहीं मिल पाया है। इस मुद्दे को लेकर भी पिछले दिनों डॉक्टर कुलपति डॉ. ओपी कालरा से भी मिले थे। अभी तक इस बारे में कोई पत्र जारी नहीं किया गया।

कॉमन कैडर: लिखित में तो कुछ दो

:पिछले दिनों जब डॉक्टर, नर्सिंग और नॉन टीचिंग एसोसिएशन के सदस्य रजिस्ट्रार डॉ. एचके अग्रवाल और वीसी डॉ. ओपी कालरा से मिले थे तो कॉमन कैडर का मुद्दा मुख्य था। यहां आश्वासन मिला और चिंता न करने की बात कही। लेकिन तीनों एसोसिएशन का कहना है कि उन्हें लिखित में आश्वासन चाहिए।

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