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कूड़ा निस्तारण में घोटाले की गंध, जांच के आदेश जारी

पंचकूला विधायक व विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता व मेयर की मांग पर जांच के आदेश कर दिए गए हैं। निगम प्रशासन की ओर से चार आला अफसर मेयर की मानीटरिंग में पूरे मामले की जांच करेंगे।

कूड़ा निस्तारण में घोटाले की गंध, जांच के आदेश जारी
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विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता (फाइल फोटो)

योगेंद्र शर्मा : चंडीगढ़

अब कूड़ा निस्तारण के काम में बड़े घोटाले की बू आ रही है। पूरा मामला फिलहाल पंचकूला नगर निगम क्षेत्र का है लेकिन राज्य के अन्य हिस्सों से भी प्रदेश के शहरी निकाय मंत्री अनिल विज के पास में कई तरह की शिकायतें आ रही हैं। फिलहाल, पंचकूला विधायक व विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता व मेयर की मांग पर जांच के आदेश कर दिए गए हैं। निगम प्रशासन की ओर से चार आला अफसर मेयर की मानीटरिंग में पूरे मामले की जांच करेंगे। खुद मेयर ने टीम साथ में लेकर मौके पर दौरा किया और भारी गड़बड़ी पाई है।

कूड़ा निस्तारण की प्रक्रिया में भी भारी हेराफेरी और गोलमाल का मामला पंचकूला में तूल पकड़ गया है। पंचकूला में भारी गड़बड़ी की आशंका और मौके पर अनियमितताएं पाए जाने के बाद में इस पर गंभीरता दिखाते हुए सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। आला-अफसर और पंचकूला नगर निगम के नवनिर्वाचित मेयर कुल भूषण गोयल मामले में जांच पड़ताल करेंगे। जांच में दोषी पाए जाने के बाद शिकंजा कसा जाएगा।

पूरे मामले में कूड़ा निस्तारण की प्रक्रिया का काम पंचकूला के सेक्टर 23 में किया जाना था लेकिन इसमें भयंकर हेराफेरी और गोलमाल पाया गया है। पंचकूला विधायक और हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने संज्ञान लेते हुए पंचकूला नगर निगम मेयर कुलभूषण गोयल से लंबी चर्चा के बाद हरियाणा शहरी निकाय विभाग के चार वरिष्ठ अधिकारियों की कमेटी बनाकर नगर निगम मेयर के साथ तालमेल कर जांच सुझाव दिया था। इस पर हरियाणा के मुख्यमंत्री और शहरी निकाय मंत्री अनिल विज की मुहर लगने के बाद जांच की शुरुआत हो गई है। पंचकूला के सेक्टर 23 में कूड़ा निस्तारण पकड़े प्रक्रिया को लेकर बीते वर्ष लगभग 32 करोड़ में ठेका दिया गया था। नगर निगम और ठेकेदार कंपनी के बीच प्लांट लगाने के साथ-साथ गार वेज को उठाने की जिम्मेदारी थी ताकि डंपिंग मैदान को खाली किया जा सके। कंपनी के साथ हुए समझौते के तहत वहां पर सीसीटीवी कैमरो और अतिरिक्त कई प्रकार की व्यवस्था करनी थी। इसके अलावा गीले कचरे से गैस बनाने को लेकर भी अंबाला एरिया के जटवाड़ गांव के पास प्लांट लगाया था लेकिन उक्त प्लांट भी निरीक्षण के दौरान मौके पर यह बंद मिला है। कंपनी की ओर से जो प्लांट लगाया गया है, वो तीन सौ टन क्षमता वाला प्लांट है। ठेकेदार 8 सौ टन के हिसाब से भुगतान ले रहा है।

ठेकेदार कंपनी ने पंचकूला नगर निगम से पिछले 2 माह में 5 करोड़ से ज्यादा का भुगतान लिया है। उप कंपनी का कामकाज को लेकर शुरुआती दौर से ही शिकायतें मिल रही थी, जिसके बाद में मेयर कुलभूषण गोयल ने मौके पर टीम, कुछ पार्षदों, अधिकारियों और कर्मियों के साथ निरीक्षण किया था। मौके पर कई प्रकार की कमियां और सीसीटीवी कैमरे भी नहीं मिले थे। निगम और ठेकेदार कंपनी के बीच करार की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही थी। मामले में गोलमाल देखने के बाद कुल भूषण गोयल ने पंचकूला विधायक से चर्चा के बाद इसकी उच्च स्तरीय जांच कराने का सुझाव दिया था इस मामले में एक उच्च स्तरीय कमेटी जल्द ही जांच कर रिपोर्ट सौंप देगी।

उधर, हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष और पंचकूला विधायक ज्ञानचंद गुप्ता का कहना है कि हरियाणा शहरी निकाय विभाग के चार अफसरों के साथ मीटिंग की है। जिसमें पंचकूला नगर निगम के मैहर कुलभषण गोयल के साथ विचार विमर्श कर पूरे मामले में दूध का दूध और पानी का पानी हो इसकी जांच का फैसला लिया गया। जांच में जो भी अधिकारी व कर्मचारी घोटाले और राजस्व को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार होंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

पारदर्शी और बेहतर व्यवस्था पंचकूला नगर निगम के नवनिर्वाचित मेयर कुलभूषण गोयल का कहना है कि हम पंचकूला में पारदर्शी व्यवस्था के साथ बेहतर कामकाज करना चाहते हैं ताकि लोगों को समस्याओं से छुटकारा मिले।

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