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कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में लाल झंडा लेकर चल रहा है जबरन उगाही का खेल

पुलिस टीम पर हमला करने व फैक्टरी पर धावा बोलने के मामले में कई आरोपित पहले भी एक फैक्टरी मालिक पर वसूली समेत अन्य आरोपों में नामजद हो चुके हैं। उद्योगपतियों का आरोप था कि लाल झंडा लेकर वह तीन महीने से दबाव बनाकर जबरन उगाही करते हैं।

in the name of providing nutritious food money in saharsa illegal collection is being done from the families of children
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प्रतीकात्मक तस्वीर

हरिभूमि न्यूज : सोनीपत

कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस टीम पर हमला करने व फैक्टरी पर धावा बोलने के मामले में कई आरोपित पहले भी एक फैक्टरी मालिक पर वसूली समेत अन्य आरोपों में नामजद हो चुके हैं। आरोपियों ने श्रमिक हितों के नाम पर अपना संगठन बना रखा है। उद्योगपतियों का आरोप था कि लाल झंडा लेकर वह तीन महीने से दबाव बनाकर जबरन उगाही करते हैं। उगाही न देने पर फैक्ट्रियों पर हंगामा करते हैं। दो सप्ताह पहले भी उन पर मुकदमा दर्ज कराया गया था।

कुंडली उद्योगिक एसोसिएशन के वरिष्ठ उप प्रधान सुभाष गुप्ता ने बताया कि लाल झंडा लेकर 60-70 लोग आए दिन किसी फैक्टरी के सामने आ जाते हैं। वह सुरक्षा गार्ड से मारपीट करते हैं और उद्योग को बंद करा देते हें। मजदूरों का वेतन न देने का मनमाना आरोप लगाकर उगाही करते हैं। मजदूर मंच बने है और श्रम विभाग भी है। अगर किसी कर्मी को दिक्कत है तो वहां पर शिकायत कर सकता है। ऐसे में कुछ लोगों का हंगामा करना गलत है। वह उद्योगों से उगाही कर रहे हैं।

करीब 60-70 लोग पहुंचे धावा बोलने

फैक्टरी मालिक हरेंद्र सिंह के अनुसार एक श्रमिक नवंबर में 10 दिन काम करके वापस नहीं आया। उसने मोबाइल कॉल उठाना बंद कर दिया। उसकी जगह दूसरा मजदूर रख लिया। वह सोमवार को आकर नौकरी पर रखने को कहने लगा। हमने उसको रखने से मना कर दिया और मंगलवार को अपना 10 दिन का वेतन ले जाने को कह दिया। मंगलवार दोपहर में 60-70 लोग झंडे लेकर आ पहुंचे। गार्ड से मारपीट कर अंदर जाने लगे। वह एक मोटी धनराशि समझौते के नाम पर मांग रहे थे। हमने उद्योग पेट्रोलिंग टीम को बुलाया तो उससे मारपीट कर दी। वह फैक्टरी का गेट तोड़ने लगे तो हमने पुलिस को सूचना दी। सीसीटीवी में वह फैक्ट्री के गेट पर चढ़ते और पुलिस टीम पर लाठियां बरसाते दिख रहे हैं।

मजदूरों के लिए बनाया संगठन

मजदूर अधिकार संगठन के सोनू के अनुसार उद्योगपति श्रमिकों से काम कराकर उनका वेतन नहीं देते हैं। उनका संगठन ऐसे श्रमिकों को हक दिलाने पहुंचता है। वह फैक्टरी के बाहर रोष प्रकट करते हैं। फैक्ट्री मालिक एक श्रमिक का वेतन नहीं दे रहा था। वह फरियाद लेकर गए तो पुलिस आ गई। उसके बाद मारपीट हो गई और फायरिंग की गई।

28 दिसंबर को भी दर्ज हुआ था मुकदमा

28 दिसंबर को मजदूर अधिकार संगठन के सदस्यों पर हमला करने व जबरन वसूली का मुकदमा दर्ज हुआ था। तब भी हिंसक झड़प हुई थी। कुंडली थाना पुलिस ने पंजाब की एक नवदीप कौर, सोनीपत के साहिल समेत 15-20 अज्ञात युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। अभी तक उस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई थी।

उगाही करने या दबाव बनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती है

पुलिस हमलावरों की तलाश कर रही है। जबरन वसूली करना गलत है। किसी को उगाही करने या दबाव बनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। किसी श्रमिक को परेशानी है तो वह पुलिस या श्रम विभाग में जा सकता है।- वीरेंद्र सिंह, डीएसपी, मुख्यालय।

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