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Rewari में मात्र दस रुपए में 'अटल कैंटीन' में भरेगा गरीबों का पेट

नई अनाज मंडी में प्रदेश की तीसरी अटल किसान मजदूर कैंटीन का शुभारंभ हो चुका है। मात्र 10 रुपए में गरीबों को स्वादिष्ट सब्जी, रोटी, दाल और चावल परोसे जा रहे है। कैंटीन की खास बात यह है कि इसे सात महिलाओं का स्टाफ संचालित कर रहा है।

Atal Canteen
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रेवाड़ी। अटल कैंटीन में खाना तैयार करती महिलाएं व कैंटीन में बैठकर खाना खाते हुए लोग।

मुकेश शर्मा. रेवाड़ी

महंगाई के दौर में गरीब मजदूरों के लिए दो जून की रोटी का जुगाड़ हो गया है। नई अनाज मंडी में प्रदेश की तीसरी अटल किसान मजदूर कैंटीन का शुभारंभ हो चुका है। मात्र 10 रुपए में गरीबों को स्वादिष्ट सब्जी, रोटी, दाल और चावल परोसे जा रहे है। कैंटीन की खास बात यह है कि इसे सात महिलाओं का स्टाफ संचालित कर रहा है। ट्रायल बेस पर शुरू हुई कैंटीन में पहले दिन सिर्फ 30 ही ग्राहक पहुंचे थे, लेकिन दो दिन में ही ग्राहकों की संख्या बढ़कर 150 हो चुकी है। कैंटीन में साफ सफाई से लेकर कोरोना खतरे को देखते हुए सैनिटाइज का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है।

हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तत्वाधान में नया सवेरा महासंघ रेवाड़ी की तरफ से कैंटीन संचालिक की जा रही है। नई अनाज मंडी के भाड़ावास भाटक के निकट एंट्री गेट पर बनाई गई इस कैंटीन में स्वयं सहायता समूह की 7 महिलाओं का स्टाफ कार्यरत है। महिलाएं खाना तैयार करती है और उसके बाद उसे ग्राहकों को परोसा जाता है। एक थाली का रेट 25 रुपए है, लेकिन ग्राहक से सिर्फ 10 रुपए ही लिए जाते है। 15 रुपए सरकार की तरफ से दिए जाते है। एक थाली में रोटी-सब्जी के अलावा चावल व दाल भी दी जाती है। बैठने के लिए कैंटीन में काफी अच्छी व्यवस्था की गई है। सुबह 11 बजे शुरू होने वाली कैंटीन 3 बजे तक चालू रहती है। इस दौरान कोई भी गरीब मजदूर कैंटीन में पहुंचकर 10 रुपए में अपना पेट भर सकता है।

अभी ट्रायल बेस पर शुरू की कैंटीन

प्रदेश में पहली कैंटीन एक साल पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने क्षेत्र करनाल में शुरू की थी। उसके बाद दूसरी कैंटीन भी प्रदेश में संचालित हुई। तीसरे नंबर पर अब ट्रायल बेस पर रेवाड़ी में अटल कैंटीन शुरू की गई है। शुरूआत में ही उम्मीद से ज्यादा रिस्पोंस मिल रहा है। कैंटीन स्टाफ के अनुसार 10 जून को कैंटीन की शुरूआत के साथ 30 ग्राहकों ने भोजन किया था। अगले दिन यह संख्या 70 पर पहुंची और गुरूवार 150 ग्राहक खाने के लिए पहुंचे। इसी तरह कैंटीन चलती रही तो यहां और भी सुविधाएं दी जा सकती है।

कैंटीन द्वार पर लगाई सैनिटाइज मशीन

कोरोना के खतरे के बीच कैंटीन में इससे बचाव के लिए भी पूरे इंतजाम किए गए है। कैंटीन में प्रवेश करते ही एक मशीन लगाई गई है। मशीन पर पैर रखते ही कोई भी ग्राहक खुद के हाथ सैनिटाइज से साफ कर सकता है। उसके बाद ही कैंटीन के भीतर घुसने की इजाजत दी जाती है। इतना ही नहीं कैंटीन में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए एक टेबल पर दो ही ग्राहक को बैठाया जाता है।

एक साथ 50 लोग खा सकते है खाना

कैंटीन में ग्राहकों के बैठने की व्यवस्था भी काफी अच्छी की गई है। एक साथ 50 लोग कैंटीन में खाना खा सकते है। वैसे ओर अधिक लोगों के भी बैठने की व्यवस्था है, लेकिन कोरोना के खतरे को देखते हुए अभी एक साथ 50 लोग ही खाना खा सकते है।

बड़ी तदाद में मजदूरों को फायदा

नई अनाज मंडी में सस्ती दर पर मिलने वाले भोजन की कैंटीन खुलने से गरीबों के बड़े तबके को फायदा मिल सकता है। अनाज मंडी में हजारों पल्लेदार व गरीब मजदूर दिनभर काम करते है। ऐसे में उन्हें मात्र 10 रुपए में खाना मुहैया कराने की योजना उनके लिए काफी फायदेमंद है।

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