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सफाई जांचने दिल्ली से आएगी टीम, गंदगी मिली तो खैर नहीं

नगर निगम के आयुक्त प्रदीप गोदारा ने स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 के कार्य की समीक्षा की। नगर निगम आयुक्त ने सख्त लहजे में कहा है कि सभी नोडल अधिकारी कमर कस लें।

सफाई जांचने दिल्ली से आएगी टीम, गंदगी मिली तो खैर नहीं
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रोहतक :  बैठक के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश देते नगर निगाम के आयुक्त प्रदीप गोदारा। 

हरिभूूमि न्यूज : रोहतक

स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 का निर्णायक दिन नजदीक है। शहर की सफाई जांचने के लिए किसी भी दिन दिल्ली से टीम आ सकती है। उम्मीद है कि अगले सप्ताह टीम रोहतक में पहुंच जाएगी। इसके लिए नगर निगम ने तैयारी और तेज कर दी है। नगर निगम आयुक्त ने सख्त लहजे में कहा है कि सभी नोडल अधिकारी कमर कस लें। कहीं भी गंदगी मिली तो वे खुद जिम्मेदार होंगे। इस बार रोहतक को स्वच्छता में अव्वल स्थान दिलाना हमारा लक्ष्य हैं। बता दें कि तीन साल में रोहतक 395वें से 35वें स्थान पर पहुंच गया है। 2017 में स्वच्छता सर्वेक्षण हुआ तो देश में रोहतक को 395वां रैंक मिला। अगले ही साल 2018 के सर्वेक्षण में 89वां रैंक हासिल किया। 2019 में 69वां और स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 में देश में 35वां रैंक हासिल करके लोहा मनवाया। इस बार साफ-सफाई के मामले में देश के टॉप-10 शहरों में शामिल होने का लक्ष्य रखा गया है। बता दें कि पांच से सात दिसंबर के बीच हुए सर्वे में नगर निगम को ओडीएफ डबल प्लस घोषित किया जा चुका है।

नगर निगम के आयुक्त प्रदीप गोदारा ने स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 के कार्य की समीक्षा की। बैठक में नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी व वार्ड नोडल अधिकारी उपस्थित रहे। आयुक्त ने कहा कि स्वच्छता के काम में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी। सभी अपना 100 प्रतिशत योगदान दें। इसमें आमजन का भी सहयोग लें ताकि रोहतक को स्वच्छ, सुन्दर व जीरो वेस्ट बनाया जा सके।

ऐसे समझें : 6 हजार अंकों का होगा सर्वे

स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 में भी 6 हजार अंक दिए जाएंगे। पिछली बार चार भाग में अंक दिए गए थे, लेकिन इस बार अंक भाग में अंक दिए जाएंगे। गीला और सूखा कूड़ा निस्तारण के लिए 40 प्रतिशत, सिटीजन वाइस, ओडीएफ व कचरा मुक्त शहर के लिए 30-30 प्रतिशत अंक दिए जाएंगे।

गीला-सूखा कूड़ा निस्तारण के सबसे ज्यादा अंक

कुल 6 हजार में से 2400 अंक गीले-सूखे कूड़े पिस्तारण के मिलेंगे। कूड़ा कैसे एकत्रित किया गया, कैसे नष्ट किया और किस तरह उपयोग किया। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए विशेष जोर दिया गया है। इसे सर्विस लेवल प्रोग्रेस नाम दिया गया है।

जनता के हाथ में 1800

स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 में जनता के हाथ में 1800 अंक होंगे। पिछली बार सिटीजन फीडबैक के नाम से 1500 अंक जनता को देने थे। लेकिन इस बार सिटीजन वाइस के तहत स्वच्छता एप, ऑनलाइन और इंस्ट्राग्राम पर फीडबैक लिया गया है।

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