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शिक्षक ने चार साल के बेटे के साथ ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली

रेलवे पुलिस मामले की जांच कर रही है।मृतक कप्तान दिल्ली के झाडौदा में गेस्ट टीचर के रूप में कार्यरत था। फिलहाल रेलवे पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

शिक्षक ने चार साल के बेटे के साथ ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली
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मृतक शिक्षक और उसके बेटे का फाइल फोटो। 

हरिभूमि न्यूज : सोनीपत

सोनीपत में बंदेपुर कालोनी के पास रविवार रात अनुबंधित अध्यापक (गेस्ट टीचर) ने अपने चार साल के बेटे के साथ कालका-दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस के आगे कूद आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची जीआरपी ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया। सोमवार सुबह पिता-पुत्र के शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिए। संभावना जताई जा रही है कि अध्यापक ने घरेलू कलह से परेशान होकर यह कदम उठाया है। हालांकि अभी परिजनों ने आत्महत्या करने के कारणों के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। जीआरपी का कहना है कि परिजनों के बयान के आधार पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।

रोहतक के गांव कुल्ताना निवासी कप्तान (36) दिल्ली के झाड़ोदा में बतौर गेस्ट टीचर कार्यरत है। बताया जा रहा है कि वह रविवार को दोपहर बाद करीब तीन बजे अपने बेटे नमन (04) के साथ घर से निकला था। रात करीब 9.15 बजे उसने सोनीपत में बंदेपुर कालोनी के पास अपने चार साल के बेटे को साथ लेकर कालका से दिल्ली जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस के आगे कूद आत्महत्या कर ली। सूचना मिलते ही जीआरपी मौके पर पहुंची और डाउन ट्रैक से दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया था, जहां सोमवार सुबह दोनों शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों के सुपुर्द कर दिए।

बंदेपुर में रहती है कप्तान की बुआ

जीआरपी अधिकारियों का कहना है कि बंदेपुर में कप्तान की बुआ रहती है। संभावना जताई जा रही है कि कप्तान अपने बेटे को साथ लेकर बुआ के घर आने के लिए निकला था, लेकिन वह अपनी बुआ के घर भी नहीं पहुंचा। परिजन जब बंदेपुर पहुंचे तो हादसे की सूचना मिली। जिसके बाद उन्होंने सिविल अस्पताल पहुंचकर कप्तान व नमन के शवों की शिनाख्त की।

इकलौता बेटा है नमन

परिजनों ने बताया कि नमन अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। हादसे के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। नागरिक अस्पताल में शव लेने पहुंचे परिजनों में कप्तान के छोटे भाई कपिल ने बताया कि भाई व भाभी के बीच अक्सर झगड़ा होता रहता था। इसी झगड़े से परेशान होकर उसके भाई ने यह कदम उठाया है। हालांकि परिजनों ने जीआरपी को दिए बयान में आत्महत्या के कारणों के बारे में फिलहाल कुछ भी कहने से इनकार किया है। परिजनों का कहना है कि अंतिम संस्कार के बाद ही इस बारे में बात करेंगे।

शवों की पहचान होते ही बिलख-बिलखकर रोने लगा मृतक का पिता

जीआरपी पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवाया। क्षेत्र में वीटी करवाने के बाद परिजन नागरिक अस्पताल में पहुंचे। जहां मृतक के भाई ने शवों की शवगृह में शिनाख्त की। जिसके बाद बाहर आकर अपने पिता को अवगत कराया। बेटे व पोते की मौत के बारे में सूनते ही बुजुर्ग बिलख-बिलखकर रोने लगा। साथ में आया व्यक्ति उसके पिता को सांत्वना देने लगा।

परिजनों के बयान के आधार पर होगी कार्रवाई

रविवार रात एक गेस्ट टीचर ने अपने बेटे के साथ डाउन ट्रैक पर आ रही कालका-दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस के आगे कूद आत्महत्या कर ली। पिता-पुत्र के शवों को नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिए। परिजनों ने आत्महत्या के कारणों के बारे में फिलहाल कुछ भी कहने से इनकार किया है। परिजनों ने इस मामले में पहले दोनों शवों का अंतिम संस्कार करने की बात कही है। इस मामले में परिजनों के बयान के आधार पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। -सुरेश कुमार, जांच अधिकारी, जीआरपी, सोनीपत

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