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हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी : यूथ कांग्रेस चुनाव ने सुरजेवाला और जेपी के बीच फिर खींची दुश्मनी की तलवार, 2018 में बने थे दोस्त

जयप्रकाश जेपी बोले - मैंने प्रदेश के तीनों लालों को मात दी लेकिन बेटे को ऑनलाइन वोटिंग में धोखाधड़ी से हराया, सोनिया गांधी सहित वरिष्ठ नेताओं से करेंगे चुनाव प्रक्रिया में धांधली की शिकायत।

हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी : यूथ कांग्रेस चुनाव ने सुरजेवाला और जेपी के बीच फिर खींची दुश्मनी की तलवार, 2018 में बने थे दोस्त
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रणदीप सुरजेवाल और जयप्रकाश जेपी

सूरज सहारण. कैथल

कांग्रेस के भीतर और बाहर लंबे समय तक एक दूसरे के राजनीतिक विरोधी रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश जेपी और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला की सितंबर 2018 में बार एसोसिएशन कैथल में एक दूसरे को दोस्ती का मीठा लडडू खिलाया और उसी समय अपनी दुश्मनी को भूलाकर एक दूसरे का सहयोग करने का विश्वास दिलाया। तीन साल के अंतराल के बाद एक फिर दोनों का दोस्ताना माहौल बिगड़ गया, बात थी यूथ कांग्रेस चुनाव।

दरअसल बुधवार को यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष का परिणाम सामने आया जिसमें एक ओर से रणदीप सुरजेवाला के प्रत्याशी सतीश चहल दिलोवाली तथा वहीं दूसरी ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश जेपी के बेटे विकास सहारण प्रत्याशी थे। चुनाव में रणदीप गुट के प्रत्याशी सतीश चहल विजयी रहे। हालांकि चुनाव परिणाम से पूर्व जिले के सभी कार्यकर्ता विकास सहारण की भारी मतों से जीत का अंदाजा लगाए हुए थे लेकिन जैसे ही परिणाम आया तो इसका पासा पलट चुका था तथा सतीश चहल भारी मतों

चुनाव प्रक्रिया में धांधली को लेकर मायूस : विकास सहारण

विकास सहारण ने बताया कि वे चुनाव परिणाम को लेकर काफी मायूस हैं। इसे लेकर वे 16 नवंबर को पत्रकारों से मुखातिब होंगे। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में हुई धांधली की शिकायत सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और वेणू गोपाल व प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं को अवगत करवाने का मन बनाया। उन्होने कहा कि उन्हें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर पूरा विश्वास है कि वे चुनाव प्रक्रिया की उनके साथ न्याय करेंगे।

उन्होंने कहा कि सुरजेवाला ने वोट होल्ड पर रख साफ्टवेयर डाटा चेंज कर चुनाव का आंकड़ा बदला है। उन्होंने ऐसा कर कांग्रेस पार्टी को नुकसान पहुंचाने का काम किया है। चार बार साफ्टवेयर का डाटा चेंज किया। जब वोटों को होल्ड पर किया तो उनके कार्यकर्ताओं ने वोटों को ठीक करने के लिए दिन रात एक कर दिया लेकिन सतीश दिलोंवाली गुट ने ऐसा कुछ नहीं किया। इसके बावजूद दिलोंवाली चुनाव जीतते हैं तो स्पष्ट है कि दाल में कुछ काला ही नहीं बल्कि पूरी दाल काली है। इस छोटे से चुनाव परिणाम का खामियाजा पार्टी को ही नहीं बल्कि आने वाले समय में रणदीप सुरजेवाला को भी भुगतना पड़ेगा।

सुरजेवाला ने ऑनलाइन वोटों में धांधली करवा बनाया विजयी : जयप्रकाश जेपी

पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश जेपी ने चुनाव प्रक्रिया में धांधली का आरोपी रणदीप सुरजेवाला के सिर जड़ते हुए कहा कि जब उन्हें लगा कि विकास सहारण का पलड़ा भारी है तो सुरजेवाला ने तकनीक का सहारा लेते हुए आनलाइन वोटों में धांधली करवाई तथा अपने प्रत्याशी को विजयी बनाया। जेपी ने कहा कि उन्होंने चौधरी देवीलाल परिवार, भजन लाल तथा बंसीलाल परिवार के लालों को भी मात देने का काम किया है लेकिन इस प्रकार धोखाधड़ी से नहीं बल्कि चुनावी मैदान में उतरकर जनता के प्यार व विश्वास से। जेपी ने कहा कि वे पार्टी हाई कमान से दरखास्त करेंगे कि उन्हें अगला चुनाव कैथल से लड़वाया जाए ताकि जनता ने जो मुझ पर व मेरे बेटे पर विश्वास किया था, उसका कर्ज चुका सकूं।

गुटबाजी का सवाल ही नहीं : रणदीप सुरजेवाला

रणदीप सिंह सुरजेवाला ने उन पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। उन्होंन कहा कि यह नियुक्तियां हर बार होती हैं। कोई न कोई चुनाव लडता है। एक हारता है एक जीतता है। जो भी साथी चुनाव जीतता है, उसकी किसी न किसी नेता में आस्था होती है, गुटबाजी का सवाल ही नहीं है।



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