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दिव्यांगों का होगा सर्वे, दोबारा कलस्टर वाइज खुलेंगे स्पेशल स्कूल

कृत्रिम अंग वितरित करने के लिए महेंद्रगढ़ जिला को एक करोड़ का मिलेगा बजट, मार्च तक चयनित दिव्यांग को मिलेगी इलेक्ट्रिक स्कूटी।

दिव्यांगों का होगा सर्वे, दोबारा कलस्टर वाइज खुलेंगे स्पेशल स्कूल
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पत्रकारों से बात करते आयुक्त राजकुमार मक्कड़।

सतीश सैनी : नारनौल

हरियाणा दिव्यांग जन आयुक्त राजकुमार मक्कड़ की ओर से कही गई बात पूरी होती है तो महेंद्रगढ़ जिला ही नहीं प्रदेशभर में दिव्यांगजन के लिए अच्छी खबर है। जिला में जल्द ही दिव्यांगजन का सर्वे होगा। इस सर्वे के हिसाब से कलस्टर वाइज स्पेशल स्कूल खुलेंगे। यहीं नहीं, मानसिक तौर पर दिव्यांग पुरूषों के लिए अलग से छात्रावास निर्माण की योजना पर भी काम चल रहा है।

उम्मीद है कि छह माह में सर्वे होने के बाद अगले एक साल में यह विशेष स्कूल स्थापित हो जाएंगे। इस संबंध में सीएम मनोहरलाल व शिक्षा मंत्री कवरपाल गुर्जर के साथ बैठक भी हो चुकी है। इस बैठक के बाद शिक्षा मंत्री ने केरल के ऐसे विशेष स्कूल की विजिट भी की है। इन स्कूलों में स्पेशल टीचर अलग से होंगे। सरकारी नौकरियों और शिक्षा संस्थानों में दिव्यांगों के लिए चार प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई है। तालीम अच्छी मिलने पर दिव्यांगजनों का भविष्य बेहतर होगा।

अन्याय होने पर करें ऑनलाइन शिकायत दिव्यांगजन के न्यायलय में होगा न्याय

आयुक्त राजकुमार मक्कड़ रविवार नारनौल पहुंचे थे। इस दौरान हरिभूमि से विशेष बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में दौरा करते हुए यह उनका 14वां जिला है। दिव्यांगजनों के साथ अगर किसी भी मामले में अन्याय हो रहा है तो वह ऑनलाइन शिकायत करें या जिला समाज कल्याण विभाग में शिकायत दें। इसके बाद उन्हें इधर-उधर जाने की जरूरत नहीं है। वह पंचकुला में प्रत्येक मंगलवार, बुधवार व बृहस्पितवार को ऑनलाइन कोर्ट में बैठते है। वहां से सीधे ही ऑनलाइन घर बैठे दिव्यांगजन की समस्या सुनेंगे। अगर दिव्यांगजन के पास ऑनलाइन से जुड़ने का संसाधन नहींं है तो वह गांव के कॉमन सर्विस सेंटर में जाए और यह सुविधा लें। संबंधित अधिकारी को आफिस से ही ऑनलाइन लेकर बातचीत कर समस्या का समाधान किया जाएगा।

महेंद्रगढ़ को मिलेगा एक करोड़ का बजट

आयुक्त से प्रश्न किया गया कि इस जिला में सैकड़ों दिव्यांग है, कृत्रिम अंग लेने के लिए माप ले लिया गया किंतु उन्हें कृत्रिम अंग नहीं मिला। ना ही यहां दिव्यांगजनों को इलेक्ट्रिक स्कूटी दी गई? इस पर आयुक्त ने बताया कि यह बात सहीं है इस जिला में तीन साल से असेसमेंट नहीं हो पाया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। अब ऐसा नहीं होगा। इस जिला को कृत्रिम अंग व अन्य उपकरण देने के लिए एक करोड़ का बजट मंजूर किया जा चुका है। जहां तक इलेक्ट्रिक स्कूटी देने का प्रश्न है, प्रदेशभर में दो हजार दिव्यांगजनों का चयन हुआ है। इस जिला से 126 आवेदन इलेक्ट्रिक स्कूटी के लिए मंजूरी किए गए है अभी ओर असेसमेंट चल रहा है। प्रयास रहेगा कि मार्च या अप्रैल माह में चयनित दिव्यांगजनों को इलेक्ट्रिक स्कूटी दे दी जाए।

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