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Rohtak पीजीआई में अचानक ऑक्सीजन प्रेशर कम हुआ तुरंत लगाए सिलेंडर, बची कई जान

ट्रामा सेंटर में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ गई। करीब 200 मरीज हो गए। ऑक्सीजन के सभी आउटलेट खोल दिए गए। इसका असर ये हुआ कि ऑक्सीजन का प्रेशर कम हो गया। मरीजों को जितनी मात्रा में ऑक्सीजन मिल रही थी उतनी नहीं मिल पा रही थी। इसका पता लगते ही ट्रामा सेंटर में हड़कंप मच गया।

Oxygen Crisis: दिल्ली के इस अस्पताल में बची 100 मरीजों की जान, पुसिल और कर्मचारियों ने ऐसे की मदद
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प्रतीकात्मक तस्वीर

हरिभूमि न्यूज : रोहतक

पीजीआई के ट्रामा सेंटर में मंगलवार को बड़ा हादसा होने से बच गया। अचानक ऑक्सीजन पाइप में फ्लो कम हो गई। जिन मरीजों को ऑक्सीजन लगाई गई थी उन्हें पूरी मात्रा में ऑक्सीजन मिलने में परेशानी होने लगी। तुरंत डॉक्टर हरकत में आए और नए सिलेंडर लगवाए। इसके बाद कई लोगों की जान में जान आई। दरअसल हुआ यूं कि ट्रामा सेंटर में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ गई। करीब 200 मरीज हो गए। ऑक्सीजन के सभी आउटलेट खोल दिए गए। इसका असर ये हुआ कि ऑक्सीजन का प्रेशर कम हो गया। मरीजों को जितनी मात्रा में ऑक्सीजन मिल रही थी उतनी नहीं मिल पा रही थी। इसका पता लगते ही ट्रामा सेंटर में हड़कंप मच गया।

ट्रामा संभाल रहे डॉ. संदीप तुरंत ऑक्सीजन सिलेंडर रूम में पहुंचे और सहयोगियों की सहायता से नए सिलेंडर से पाइप लाइन को जोड़ा गया। इसके बाद ऑक्सीजन प्रेशर ठीक हो गया। डॉक्टर्स का कहना है कि समय रहते सिलेंडर नहीं लगाए जाते तो बड़ी घटना हो सकती थी। ट्रामा सेंटर में 400 ऑक्सीजन सिलेंडर रिजर्व रखे हुए हैं।

सभी बेड पर ऑक्सीजन सप्लाई

कोरोना के बढ़़ते हुए मरीजों की संख्या को देखते हुए मनोरोग विभाग को कोविड-19 अस्पताल घोषित कर दिया गया है। मनोरोग विभाग कॉविड अस्पताल में 70 बेड की व्यवस्था की गई है, जिसमें सभी बेड पर ऑक्सीजन सप्लाई उपलब्ध है। मनोरोग कोविड-19 अस्पताल के प्रथम तल पर 35 बैंड हैं, जिसमे मरीजों को भर्ती कर दिया गया है। यदि जरूरत पड़ी तो इसके बाद लाला श्याम लाल बिल्डिंग को भी कोविड-19 अस्पताल बना दिया जाएगा। - डॉ. पुष्पा दहिया, चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआईएमएस।

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