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विद्यार्थियाें को रोडवेज बसों में सफर करने में हो रही परेशानी, अप्लाई के कई दिनों बाद भी नहीं मिले बस पास

आईटीआई, स्कूल व अन्य संस्थान खुल चुके हैं, जहां पर विद्यार्थियाें का आवागमन हो रहा है। वहीं दूर दराज से आने वाले विद्यार्थी बसों मेंं सफर करके शहर में स्थित शिक्षण संस्थानों में आ रहे हैं, मगर उनके बस पास नहीं बने हैं। जिनके कारण उनको काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

विद्यार्थियाें को रोडवेज बसों में सफर करने में हो रही परेशानी, अप्लाई के कई दिनों बाद भी नहीं मिले बस पास
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 महेंद्रगढ़ : संस्थान की ओर से विद्यार्थी को जारी की गई रसीद। 

हरिभूमि न्यूज : महेंद्रगढ़

कोरोना काल के दूसरे दौर के बाद शिक्षण संस्थान खुलने लगे हैं। आईटीआई व कालेजों में दाखिले जारी हैं। आईटीआई, स्कूल व अन्य संस्थान खुल चुके हैं, जहां पर विद्यार्थियाें का आवागमन हो रहा है। वहीं दूर दराज से आने वाले विद्यार्थी बसों मेंं सफर करके शहर में स्थित शिक्षण संस्थानों में आ रहे हैं, मगर उनके बस पास नहीं बने हैं। जिनके कारण उनको काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि संस्थान की ओर से उन्हें एक रसीद काटकर दी हुई है, मगर बसों में परिचालक व फ्लाइंग अधिकारी इस रसीद को भी नहीं मान रहे है। जिसके कारण स्टूडेंट को काफी जुर्माना भी लग रहा है। इससे विद्यार्थियां को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विद्यार्थियाें का कहना है कि रोडवेज विभाग उनके जल्द से जल्द पास बनाकर दे, ताकि उन्हें अनावश्यक जुर्माना नहीं देना पड़े।

जिले में गत एक माह से कोरोना के कोई केस नहीं आए हैं। ऐसे में दूसरी लहर के समाप्त हो गई है। वहीं प्रदेश में भी कोरोना के न के बराबर केस हैं। जिसकी वजह से प्रदेश सरकार ने स्कूलों में सभी कक्षाओं के संचालन की छूट दे दी है। वहीं कॉलेजों में भी एडमिशन का दौर जारी है। आईटीआई व नर्सिंग कॉलेज लगने भी लग गए हैं। ऐसे में विद्यार्थियों का आना-जाना स्कूल, कॉलेजों व आईटीआई जैसी संस्थानाें में होने लग गया है।

शहर से दूर गांवों से अनेक युवा इन शिक्षण संस्थानों में पढ़ने के लिए रोजाना बसों सफर करके आते हैं, मगर इन दिनों उनके सामने बस पास न होने की समस्या आ रही है। यहां आईटीआई में पढ़ने वाले योगेश शर्मा, दर्शन कुमार, दिनेश कुमार व प्रीतम ने बताया कि उन्होंने बस पास के लिए संस्थान की ओर से रोडवेज को ऑनलाइन पैसे भी जमा करा दिए हैं। इसकी रसीद भी उनके पास है। वहीं संस्थान की ओर से भी उन्हें लिखकर दिया गया है कि वे आईटीआई में पढ़ते हैं तथा उक्त ट्रेड के विद्यार्थी हैं। मगर उनकी रसीद कोई काम नहीं आ रही है। बसों में परिचालक उनकी रसीदों को नहीं मान रहे है। कई परिचालक तो इस रसीद को फाड़ने तक की भी कह देते हैं। वहीं फ्लाइंग मिल जाती है तो उनको जुर्माना लगा देते हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि कई बार तो पास 20 से एक माह तक में नहीं आता। ऐसे में उनको काफी परेशानी होती है।

क्या कहते बस स्टैंड इंचार्ज : इस बारे में रोडवेज के स्थानीय बस स्टैंड प्रभारी वेदप्रकाश ने बताया कि बस पास बनवाना संस्थान का काम है, संस्थान जल्द से जल्द बच्चों के बस पास बनवाए। संस्थान की ओर से दी गई रसीद दो-तीन दिन के लिए तो मान्य हो सकती है, मगर ज्यादा दिनों के लिए वह मान्य नहीं होती। विद्यार्थी भी स्वयं नारनौल जाकर अपना बस पास बनवा सकते हैं।

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