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पानी की बर्बादी पर सख्त विभाग ने बनाई अवैध कनेक्शन काटने की योजना, 31 दिसंबर तक नलकूपों पर लगाए जाएंगे मीटर

जनस्वास्थ्य विभाग ने सभी वैध नलकूपों पर मीटर लगाने की योजना बनाई है। योजना के मुताबिक मीटर का खर्चा उपभोक्ताओं को खर्च करना होगा। जितना पानी खर्च होगा, उसका बिल भरना पड़ेगा। अधिकारियों का मानना है कि मीटर लगने के बाद पानी की बचत करने लगेंगे, क्योंकि अधिक पानी खर्च करने पर उन्हें पैसों का नुकसान झेलना पड़ेगा।

पानी की बर्बादी पर सख्त विभाग ने बनाई अवैध कनेक्शन काटने की योजना, 31 दिसंबर तक नलकूपों पर लगाए जाएंगे मीटर
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प्रतीकात्मक तस्वीर

हरिभूमि न्यूज:नांगल चौधरी

जीवित रहने के लिए जितना पानी जरूरी है, उतनी जरूरत भोजन नहीं होती। बावजूद अधिकतर लोग पानी की महता से अवगत नहीं और अनावश्यक बर्बादी करते हैं। शिकायत मिलने पर जनस्वास्थ्य विभाग ने अवैध कनेक्शनों को काटने की योजना बनाई है। साथ ही 31 दिसंबर तक नलकूपों पर मीटर लगाने का अभियान चलाया गया है।

उपभोक्ता जितना पानी खर्च करेंगे, उसका बिल अदायगी करना पड़ेगा। गौरतलब है कि 21 जनवरी 2013 को नांगल चौधरी को नपा का दर्जा मिला था। नवगठित नपा में नोलायजा, नोलपुर, मोहनपुर समेत 6 ढाणियों को शामिल किया गया है। जिससे लोगों को बिजली-पानी व अन्य मूलभूत सुविधाएं शहरों की तर्ज पर मिलने की उम्मीद हुई थी। योजना के मुताबिक सरकार ने करीब 45 करोड़ की पेयजल व सीवर लाइन के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी। बजट स्वीकृत होने के बाद 2016 में टैंडर छोड़े गए थे। जनवरी 2018 में सीवर का काम पूरा हो चुका, आठ महीने पहले प्रत्येक वार्ड में पेयजल की पाइप दबवा दी गई। जिसमें लोगों ने अवैध कनेक्शन जोड़कर पानी इस्तेमाल करना आरंभ कर दिया।

सूत्रों की मानें तो तलहटी के वार्डों में अंधाधुंध जल दोहन होता है। जिस कारण ऊंचाई वाले वार्डों में पानी नहीं पहुंच रहा। गर्मी बढ़ते ही शहर में पेयजल का संकट उत्पन्न हो जाता है। परेशान लोग टैंकरों से पानी मंगवाकर पीने को मजबूर हैं। शिकायत मिलने पर विभाग ने पेयजल सप्लाई को आधे घंटे बढ़ाया। किंतु यह पानी भी तलहटी के वार्डों में ही खर्च हो जाता है। लोगों में रोष-प्रदर्शन बढ़ने पर विभाग ने अवैध कनेक्शन काटने की योजना बनाई है। योजना के मुतबिक लोग 31 दिसंबर तक अवैध कनेक्शनों को नियमित करवा सकते हैं। इसके बाद प्रत्येक वार्ड में अवैध कनेक्शनों की सूची तैयार की जाएगी। जिन घरों में वैध कनेक्शन है, उन्हें जल संरक्षण करने को प्रेरित किया जाएगा। विभाग का तर्क है कि पानी की आवश्यकता पूरी होते ही लोग वाहनों की धुलाई, सब्जी की सिंचाई तथा छिड़काव करने लगते हैं। बर्बादी पर अंकुश लगाने के लिए विभागीय टीम घर-घर विजिट करके नलकूपों पर टूंटी लगाने के दिशा-निर्देश हैं।

जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ रामपाल ने बताया कि पानी की बर्बादी को लेकर सरकार गंभीर है। अवैध कनेक्शन धारकों को 31 दिसंबर तक फाइल जमा कराने का अवसर दिया है। इसके बाद लाइन में लीकेज मिलने, पानी की चोरी करने पर जुर्माना किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक जनवरी से चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इसलिए लोगों को समय रहते कनेक्शनों को नियमित करवाना अनिवार्य है।

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