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रिटायरमेंट के बाद 10 साल से गर्भपात कर रही थी स्टाफ नर्स, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रंगे हाथ पकड़ी

करनाल स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि पानीपत के आठ मरला में एक स्टाफ नर्स अपने घर में गर्भपात करती है। जिसके बाद एक गर्भवती महिला को फर्जी ग्राहक बनाया गया।

रिटायरमेंट के बाद 10 साल से गर्भपात कर रही थी स्टाफ नर्स, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रंगे हाथ पकड़ी
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माडल टाउन स्थित आठ मरला की स्टाफ नर्स पर कार्रवाई करती स्वास्थ्य विभाग की टीम।

पानीपत। जाटल रोड स्थित माॅडल टाउन के आठ मरला क्षेत्र में घर में गर्भपात करने हुए करनाल-पानीपत स्वास्थ्य विभाग ने एक पूर्व स्टाफ नर्स को रंगे हाथ पकड़ा है। टीम ने ये कार्रवाई एक महिला को फर्जी ग्राहक बनाकर की। टीम ने उसके घर से गर्भपात में इस्तेमाल होने वाले औजार, ग्लूकोज की बोतलें, सिरिंज व दवा बरामद की है। स्वास्थ्य विभाग ने आरोपी स्टाफ नर्स के खिलाफ मॉडल टाउन थाना पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया। करनाल स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि पानीपत के आठ मरला में एक स्टाफ नर्स अपने घर में गर्भपात करती है। करनाल की टीम ने इसी सप्ताह एक गर्भवती महिला को फर्जी ग्राहक बनाया। ग्राहक ने पूर्व स्टाफ नर्स वीरा देवी पत्नी जीत सिंह निवासी आठ मरला से संपर्क किया। महिला ने वीरा देवी को बताया कि वो पांच माह की गर्भवती है और उसे गर्भपात कराना है।

वीरा देवी ने उससे गर्भपात के बदले 13 हजार रुपये मांगे और शनिवार को गर्भपात के लिए बुलाया। करनाल स्वास्थ्य विभाग की टीम ने करनाल सिविल सर्जन को मामले की जानकारी दी। करनाल की टीम ने फ र्जी ग्राहक को 10 हजार रुपये के नोटों पर अपने हस्ताक्षर कर दिए। पानीपत पहुंचने पर करनाल की टीम ने पानीपत पीएनडीटी टीम के इंचार्ज डा. अमित कुमार को इसकी सूचना दी। डा. अमित व डा. रजत आठ मरला में पहुंचे। इस दौरान दोनों जिलों की टीम आठ मरला चौक पर खड़ी रही। टीम ने फर्जी ग्राहक को स्टाफ नर्स वीरा के घर भेज दिया। स्टाफ नर्स वीरा ने महिला के गर्भपात की प्रक्त्रिया शुरू कर दी। इस दौरान महिला वीरा देवी को ये कहकर घर से बाहर निकल आई कि वो बाकी के तीन हजार रुपये लेकर आती है। बाहर निकलते ही महिला ने स्वास्थ्य विभाग की टीमों को इशारा कर दिया। टीम ने वीरा देवी को रंगे हाथ पकड़ लिया। इस दौरान उसने हाथों में ग्लब्स भी पहने हुए थे। यहां जांच करने में पुराने खून से सने कपड़े, ग्लूकोज, दवा व सीरिंज भी मिले।

10 साल से कर रही गर्भपात

डॉक्टरों की पूछताछ में ये सामने आया कि वीरा देवी 10 साल पहले निजी अस्पताल से रिटायर हो गई थी। वो घर पर पैसे कमाने के लिए गर्भपात जैसे अपराधिक कार्य कर रही थी। गर्भपात के लिए वो 10-15 हजार रुपये लेती थी।

आरोपी स्टाफ नर्स को किया पुलिस के हवाले

पानीपत पीएनडीजी इंचार्ज डा. अमित कुमार का कहना है कि करनाल व पानीपत स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने स्टाफ नर्स के खिलाफ कार्रवाई की है। रिटायरमेंट के बाद से ही स्टाफ नर्स गर्भपात कर रही थी। उसके पास से दवाए ग्लूकोजए सिरिंज व खून से सने कपड़े मिले हैं। उसके खिलाफ मॉडल टाउन थाना पुलिस में शिकायत दी गई। पुलिस ने उस पर केस दर्ज कर लिया है। उन्होंने स्टाफ नर्स वीरा को पुलिस के हवाले कर दिया है।

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