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Software ऐसा जो विद‍्यार्थियों को ऑनलाइन एडमिशन देने के साथ प्रमाण-पत्रों की भी करेगा जांच

हरियाणा के तकनीकी (technology) शिक्षा मंत्री अनिल विज ने शनिवार को विभाग द्वारा वर्ष 2020-21 हेतु इंजीनियरिंग डिग्री एवम् डिप्लोमा कोर्स हेतु आरंभ की गई ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया का उद्घाटन किया गया। इससे विद्यार्थियों को घर बैठे ही इन विषयों में अपना दाखिल करवाने का अवसर मिलेगा।

Software ऐसा जो विद‍्यार्थियों को ऑनलाइन एडमिशन देने के साथ प्रमाण-पत्रों की भी करेगा जांच
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गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज (फाइल फोटो)

चंडीगढ़। हरियाणा के तकनीकी शिक्षा मंत्री अनिल विज (Anil Vij) ने शनिवार को विभाग द्वारा वर्ष 2020-21 हेतु इंजीनियरिंग डिग्री एवम् डिप्लोमा कोर्स हेतु आरंभ की गई ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया का उद्घाटन किया गया। इससे विद्यार्थियों को घर बैठे ही इन विषयों में अपना दाखिल करवाने का अवसर मिलेगा।

विज ने कहा कि कोविड-19 के कारण उत्पन्न परिस्थितियों के चलते जहां फिलहाल छात्र-छात्राओं को विभिन्न संस्थानों में जाकर दाखिला प्रक्रिया को पूर्ण करना कठिन है, वहीं बिना मूल प्रमाण पत्रों के उनके प्रमाणपत्र सत्यापन भी संभव नहीं है।

इस स्थिति को सरल बनाने हेतु राज्य तकनीकी शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र हरियाणा की मदद से एक विशेष सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जिसका प्रयोग इस बार दाखिले प्रक्रिया हेतु किया जाएगा। यह सॉफ्टवेयर न सिर्फ ऑनलाइन (Online) प्रार्थनापत्र स्वीकार करेगा अपितु डिजिलॉकर की मदद से उनके प्रमाणपत्रों का सत्यापन भी करेगा। इससे विद्यार्थियों को भौतिक रूप से उपस्थिति ना होने पर भी उनके लिए दाखिले करवाना संभव होगा।

तकनीकी शिक्षा मंत्री ने बताया कि हरियाणा में वर्तमान में 37 राजकीय बहुतकनीकी संस्थान हैं तथा 4 सहायता प्राप्त संस्थान है, जिनमे 36 विभिन्न ट्रेडों में डिप्लोमा पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। इन संस्थानों में इंजीनियरिंग डिप्लोमा की 13131 सीटें तथा वोकेशनल डिप्लोमा कोर्स की 810 सीटो पर दाखिले होने हैं। इसके अतिरिक्त 151 स्व वित्तपोषित संस्थान भी है, जहां इंजीनियरिंग डिप्लोमा की लगभग 26000 सीटें हैं।

तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव अंकुर गुप्ता ने बताया कि विभाग विभिन्न उद्योगों की आवश्यकतानुसार उन्नत और अद्यतन ए आईसीटीई मॉड्यूल पाठ्यक्रम लागू करके विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करने हेतु प्रयासरत है। तकनीकी शिक्षा के महानिदेशक अजीत बालाजी जोशी ने बताया कि इस नए सॉफ्टवेयर की सहायता से प्रमाणपत्र सत्यापन भी हो सकेगा।

इसके लिए डिजिलॉकर पर उम्मीदवारों द्वारा अपलोड किए गए प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विभिन्न राज्यों के डिजिलॉकरों तक पहुंच कर उस राज्य के उम्मीदवारों के प्रमाणपत्र सत्यापन हेतु अनुमति पत्र ले लिए गए हैं तथा इनके लिंक विभिन्न संस्थानों को उपलब्ध करा दिए जाएंगे, जिससे यह प्रक्रिया सरलता से पूर्ण की जा सकेगी।


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