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पानीपत में एक माह के अंदर दूसरा थानेदार सस्पेंड, देखें किस मामले में हुई कार्रवाई

ग्रामीण का अहपरण कर उसकी हत्या करने के मामले में आरोपितों पर कार्रवाई नहीं करने और वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं देने के आरोप में थाना सदर के एसएचओ इंस्पेक्टर सतबीर को निलंबित किया है।

3 कॉन्स्टेबल सस्पेंड, शराब पीकर उत्पात मचाने और अनुशासनहीनता के चलते हुई कार्रवाई
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पुलिसकर्मी सस्पेंड

पानीपत। पानीपत के पुलिस कप्तान शशांक सावन ने ग्रामीण का अहपरण कर उसकी हत्या करने के मामले में आरोपितों पर कार्रवाई नहीं करने और इतनी बडी घटना की जानकारी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं देने के आरोप में थाना सदर के एसएचओ इंस्पेक्टर सतबीर को पद से निलंबित कर दिया है। वहीं एक माह के अंदर अपराधी केस की जांच में लापरवाही व आरोपितों पर केस दर्ज नहीं करने के मामले में इंस्पेक्टर सतबीर पद से निलंबित होने वाले दूसरे थानेदार हैं।

इससे पहले पानीपत के गांव रिसालु में दो दामादों द्वारा सास व साले का अपहरण कर उनकी पिटाई करने व मारपीट में सास की मौत होने के बाद हत्यारोपितों द्वारा महिला के शव गांव रिसालू के तालाब में फैंके जाने के गंभीर मामले में आरोपितों पर केस दर्ज नहीं करने पर पुलिस अधीक्षक शशांक सावन ने हुडा सेक्टर 29 थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर राजबीर को पद से निलंबित कर दिया था। वहीं थाना सदर में नए थानेदार की नियुक्ति होने तक थाने में सबसे सीनियर सब इंस्पेक्टर कामकाज देखेंगे। जबकि एसपी शशांक द्वारा एक के बाद एक थानेदारों के निलंबन से पानीपत पुलिस महकमें में हड़कंप मचा हुआ है।

यह है मामला

शराब का कारोबार करने वाले सुरजीत, राजपाल, अजीत उर्फ सोनू, गौरव, प्रदीप, रोहित ने गांव निंबरी निवासी जयकरण का अपहरण कर उसके साथ मारपीट कर उसके दोनों पैर तोड़ दिए थे और शरीर के अन्य अंगों को भी चोटिल किया था। शराब कारोबारियों के साथ कथित रूप से थाना सदर की मिलीभगत के चलते घायल जयकरण इतना खौफजदा हो गया था कि उसने अपने दोनों पैर टूटने की घटना को हादसा बताया था। इधर, जयकरण का मामला मीडिया में उछलने के बाद एसपी शशांक सावन की पहल पर आरोपितों पर थाना सदर पुलिस ने केस दर्ज किया, हालांकि उपचार के दौरान जयकरण की मौत हो गई, इसके बाद थाना सदर पुलिस ने आरोपितों पर हत्या के आरोप में केस दर्ज किया।

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