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मंत्रोच्चारण के बीच सरस्वती महोत्सव-2021 का शुभारंभ

महोत्सव का शुभारंभ केन्द्रीय जल शक्ति एवं सामाजिक न्याय अधिकारिता राज्यमंत्री रत्तन लाल कटारिया, त्रिनिदाद और टोबैगो के उच्चायुक्त डॉ. रोजर गोपोल द्वारा किया गया। मौके पर मुख्यातिथि समेत गणमान्य ने हवन-यज्ञ में आहुतियां डाली।

मंत्रोच्चारण के बीच सरस्वती महोत्सव-2021 का शुभारंभ
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यमुनानगर के आदिबद्री में हवन यज्ञ में आहुतियां डालकर महोत्सव का शुभारंभ करते मुख्यातिथि।

हरिभूमि न्यूज : यमुनानगर

शिवालिक पहाड़ियों में स्थित आदिबद्री में रविवार को 21 कुण्डीय हवन यज्ञ और मंत्रोच्चारण के बीच अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव-2021 का शुभारंभ किया गया। महोत्सव का शुभारंभ केन्द्रीय जल शक्ति एवं सामाजिक न्याय अधिकारिता राज्य मंत्री रतन लाल कटारिया, त्रिनिदाद और टोबैगो के उच्चायुक्त डॉ. रोजर गोपोल द्वारा किया गया। मौके पर मुख्यातिथि समेत गणमान्य ने हवन-यज्ञ में आहुतियां डाली। इस अवसर पर 27 नक्षत्रों पर आधारित पौधे लगाकर एक वाटिका तैयार की गई और मुख्यातिथि समेत अन्य अतिथियों ने पौधारोपण किया। महोत्सव के अवसर पर सरस्वती की आरती भी की गई।

मुख्यातिथि एवं केन्द्रीय राज्यमंत्री रतन लाल कटारिया ने कहा कि सरस्वती नदी की धारा को धरातल पर बहाने के लिए बनाई गई कार्य योजना अंतिम चरण में है। हिमाचल प्रदेश सरकार से कुछ अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलते ही इस योजना पर कार्य आरम्भ हो जाएगा। इस धरा को वर्तमान सरकार के कार्यकाल में ही धरातल पर बहाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना को गति देने के लिए केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री स्वयं भी आदिबद्री का दौरा करके हिमाचल व हरियाणा के अधिकारियों से चर्चा कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सोच के अनुसार गंगा नदी को पवित्र करने और देश की नदियों को जोड़ने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रही है। उन्होंने सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड को सांसद निधि कोष से 11 लाख रुपये का अनुदान देने की घोषणा की।

त्रिनिदाद और टोबैगो के उच्चायुक्त डॉ. रोजर गोपाल ने कहा कि भारत और उनके देश के सम्बन्ध महाभारत काल से हैं। उनके पूर्वजों का मूल भारत से जुडा हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत में महाभारत युद्घ के दौरान जहां भगवान कृष्ण ने गीता उपदेश के माध्यम से अर्जुन और अर्जुन के माध्यम से पूरी मानवता को कर्म का संदेश दिया।

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