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35 करोड़ के गबन मामले में संतोष यूनिवर्सिटी चेयरमैन के बेटे का रिमांड बढ़ाया

गाजियाबाद की संतोष यूनिवर्सिटी के संचालक व उसके परिजनों के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मामले में डीएलएफ फेज-तीन की पुलिस टीम संतोष मंगलम को लेकर चेन्नई गई थी। जहां पर उसकी ओर से तैयार किए गए फर्जी रिकॉर्ड को खंगाला गया।

35 करोड़ के गबन मामले में संतोष यूनिवर्सिटी चेयरमैन के बेटे का रिमांड बढ़ाया
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संतोष यूनिवर्सिटी ग़ाज़ियाबाद के संस्थापक डॉ. पी महालिंगम

गुरुग्राम। फर्जी दस्तावेज से 35 करोड़ रुपये का ऋण लेकर गबन करने के मामले में गाजियाबाद संतोष यूनिवर्सिटी के चेयरमैन के बेटे संतोष महालिंगम को अदालत ने 26 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर फिर से दे दिया है। संतोष महालिंगम को पहले भी पांच दिन के रिमांड पर लिया था।

गाजियाबाद की संतोष यूनिवर्सिटी के संचालक व उसके परिजनों के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मामले में डीएलएफ फेज-तीन की पुलिस टीम संतोष महालिंगम को लेकर चेन्नई गई थी। जहां उसकी ओर से तैयार किए गए फर्जी रिकॉर्ड को खंगाला गया। संतोष के एडवोकेट प्रशांत यादव ने बताया कि संतोष की पांच दिन रिमांड की अवधि समाप्त होने पर डीएलएफ फेज तीन थाना पुलिस उसे चेन्नई से वापस लेकर आई। पुलिस ने उसे एडिशनल सीजेएम की अदालत में पेश किया। पुलिस ने अदालत में मांग की संतोष को रिमांड पर दिया जाए, उससे अभी पूछताछ करनी बाकी है। जिस पर अदालत ने संतोष को रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया। संतोष से पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ कि प्रताप विहार के 272 फ्लैटों के दस्तावेज सिक्योरिटी के रूप में कंपनी के पास रखे गए थे। उसके कॉमन एरिया को जीडीए ने बेचने की इजाजत नहीं दी थी। इसके साथ ही तीन साल पहले 45 करोड़ का चेक दिया था, जो बाउंस हो गया था।

बता दें कि पीएम फिनकैप लिमिटेड के निदेशक राजेश गुलाटी ने दो जुलाई को डीएलएफ फेज-तीन थाना पुलिस को संतोष यूनिवर्सिटी के पदाधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दी थी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी से मार्च 2015 में रसूखदारी का प्रमाण देते हुए राजनीतिक और अन्य हस्तियों के साथ फोटो दिखाकर व अन्य साजिश के तहत उनकी कंपनी से 35 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। बृहस्पतिवार को वरिष्ठ अधिवक्ता केके मनन और रमेश गुप्ता भी अभियुक्त की ओर से अदालत में पेश हुए।

एसीपी बोले

एसीपी डीएलएफ करण गोयल ने कहा कि 35 करोड़ के गबन मामले में संतोष को अदालत ने 26 जुलाई तक रिमांड पर पुलिस को सौंपा है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। इससे पूर्व पुलिस टीम संतोष महालिंगम को लेकर चेन्नई गई थी। जहां उसने फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। इसके साथ ही उसकी ओर से हुए अन्य घोटालों की भी पुष्टि हुई है। जल्द ही अन्य खुलासा किया जाएगा।

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