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रोहताश खिलेरी और अनु यादव अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी पर रचेंगे नया इतिहास

रोहताश खिलेरी और अन्नू यादव 3740 मीटर की ऊंचाई पर पहुंच गए हैं माउन्ट किलिमंजारो की ऊंचाई 5895 मीटर है जहां माइनस 20 डिग्री तापमान रहता है जिस पर रोहताश खिलेरी और अन्नू यादव 24 घण्टे शिखर पर रुककर भारत देश का तिरंगा लहराएंगे ओर विश्व रिकार्ड बनाएंगे।

रोहताश खिलेरी और अनु यादव अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी पर रचेंगे नया इतिहास
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रोहताश खिलेरी और अन्नू यादव 

हिसार जिले के गांव मलापुर में रहने वाले एवरेस्ट विजेता रोहताश खिलेरी और हिसार के विद्युतनगर में रहने वाली अन्नू यादव इस बार नया इतिहास रचने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 21 फरवरी को दिल्ली से अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी की चढ़ाई के लिए रवाना होना था । मौसम खराब होने के कारण नही जा पाए । 15 मार्च 2021को दिल्ली से अफ्रिका के लिए रोहताश खिलेरी और अन्नू यादव दोनो रवाना हुए । 17 मार्च 2021 को दोनो ने अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउन्ट किलिमंजारो की चढ़ाई शुरू कर दी ।

सोशल मीडिया पर डाली पोस्ट के माध्यम से पता चला कि रोहताश खिलेरी और अन्नू यादव 3740 मीटर की ऊंचाई पर पहुंच गए हैं माउन्ट किलिमंजारो की ऊंचाई 5895 मीटर है जहां माइनस 20 डिग्री तापमान रहता है जिस पर रोहताश खिलेरी और अन्नू यादव 24 घण्टे शिखर पर रुककर भारत देश का तिरंगा लहराएंगे ओर विश्व रिकार्ड बनाएंगे।अब से पहले यह रिकॉर्ड किसी के नाम नहीं है। इसके लिए उन्हें परमिशन भी मिल चुकी है। इससे पूर्व भी रोहताश खिलेरी ने दुनिया के सबसे ऊंचे पहाड़ पर चढऩे का सपना देखा और माऊंट एवरेस्ट आखिरकार 2018 में जीत लिया। इतना नहीं पर्वतारोही ने माऊंट एवरेस्ट के विख्यात शिखर को जीतने के लिए अपनी यात्रा शुरू की। वर्ष 2014 में एक दिन मार्शल आर्ट्स चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए काठमांडू जाते समय, युवा रोहताश ने अपने जीवन में पहली बार ऊंचे बर्फीले पहाड़ों की एक झलक पाई, जिसने उसे मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बारे में पूछने पर बगल में बैठे नेपाली ने जानकारी दी कि नेपाल में मशहूर सागरमाथा दुनियां में माउन्ट एवरेस्ट के नाम से सबसे ऊंचे पहाड़ों में से एक है। उसी क्षण रोहताश अपने भाग्य से मिले और उस पर चढऩे का सपना देखा।हालांकि, इस लक्ष्य के लिए रास्ता बेहद चुनौतीपूर्ण था जो उन्होंने पूरा किया। 16 मई 2018 को माउन्ट एवरेस्ट पर जीत हासिल करने के बाद 24 मई 2018 को रोहताश अपने शहर हिसार आया तो रोड़ शो के माध्यम से स्वागत किया गया ।

अखबारों में खबर छपी की रोहताश खिलेरी ने माउन्ट एवरेस्ट पर जीत हासिल की है और साथ में हिसार की 16 साल की लड़की को भी एवरेस्ट पर चढ़ाया है और एवरेस्ट पर ऑक्सीजन खत्म होने पर अपनी ख़ुद की ऑक्सीजन सिलेंडर देकर रोहताश खिलेरी ने उस लड़की की जान बचाई है तो उसी दिन अन्नू यादव ने रोहताश खिलेरी के बारे में पढ़ा उसी से प्रभावित होकर अन्नू यादव ने सोचा कि मैं भी एक दिन रोहताश खिलेरी की तरह देश का नाम रोशन करूगी । मै भी एक दिन माउन्ट एवरेस्ट पर जीत हासिल करूगी । अ

ब इस सपने को साकार करने के लिए उसे जानकारी इकठ्ठा करना बहुत जरूरी था हरियाणा के कई पर्वतारोहियो से मिली किसी ने भी अन्नु यादव की मदद नही की। 2 साल तक अनु यादव ने माउन्ट एवरेस्ट पर केसे चढ़ते हैं जानने की कोशिश की पर कहीं से भी जानकारी नही मिली जब अप्रेल 2020 में कॉरोना महामारी के कारण लॉकडाउन लगा हुआ था तब रोहताश खिलेरी के बारे मे गूगल पर सर्च किया और अपने पिता ओमबीर यादव के साथ रोहताश खिलेरी के गांव मलापुर उनके घर चले गए । रोहताश से मिले और उनसे अपने एवरेस्ट के सपने को साकार करने के लिए मदद मांगी ।

कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन लगा हुआ था तो उस समय रोहतास ने ऑनलाइन ट्रैनिंग देना शुरू कर दिया था 5 अगस्त को जब हिसार में जिम खुले तो अमन कोर जिम और महावीर स्टेडियम में अन्नु को एवरेस्ट के लिए ट्रैनिंग देना शुरू कर दिया । 9 अक्टूबर 2020 को रोहताश खिलेरी ने अनु यादव को हिमाचल के मनाली में स्तिथ माउन्ट फ्रेंडशिप पर्वत पर , 1 नवंबर 2020 को हरियाणा दिवस पर धर्मशाला में स्थित माउन्ट मून पर्वत पर भारत का झंडा लहराया ।

अब अन्नु यादव अपने गुरू रोहताश खिलेरी के साथ अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर 24 घण्टे शिखर पर रुककर भारत देश का तिरंगा लहराएंगी और अपने गुरू रोहताश खिलेरी अपने माता-पिता अपने देश का नाम रोशन करेंगी। अनु यादव फतेहाबाद के बुवान गावँ की बेटी है, सभी गावँ वासियो को उनकी इस मेहनत पर गर्व है

रोहिताश खिलेरी की अचीवमेंट

माउंट एवरेस्ट 16 मई 2018

माउंट किलिमंजारो 23 जुलाई 2018

माउंट एलब्रुस 4 सितंबर 2018

माउंट एलब्रुस 1 फरवरी 2020

माउंट फ्रेंडशिप 9 अक्टूबर 2020

रोहताश खिलेरी एलब्रुस को समर और विंटर में फतेह करने वाले पहले भारतीय हैं ।

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