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रोहतक पीजीआई में डॉक्टर को सांस लेने में हुई दिक्कत, ट्रॉमा सेंटर में लाने के 15 मिनट बाद ही मौत

उनका कोविड सैम्पल जांच के लिए भेज गया है। रिपोर्ट आने के बाद कन्फर्म होगा कि मौत का कारण कोरोना वायरस ही है। वैसे डॉक्टर का ऑक्सीजन लेवल कम होने पर उन्हें परेशानी शुरू हुई थी।

रोहतक पीजीआई में डॉक्टर को सांस लेने में हुई दिक्कत, ट्रॉमा सेंटर में लाने के 15 मिनट बाद ही मौत
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रोहतक पीजीआई

Haribhoomi News Rohtak : रोहतक पीजीआई में रविवार देर रात एक डॉक्टर की मौत हो गई। उनका कोविड सैम्पल जांच के लिए भेज गया है। रिपोर्ट आने के बाद कन्फर्म होगा कि मौत का कारण कोरोना वायरस ही है। वैसे डॉक्टर का ऑक्सीजन लेवल कम होने पर उन्हें परेशानी शुरू हुई थी।

पीजीआई में बायोटेक्नोलॉजी के डॉक्टर दया शंकर की तबीयत रात को अचानक बिगड़ गई। उन्हें सांस लेने में परेशानी महसूस होने लगी। डॉक्टर को तुरंत ट्रॉमा सेंटर में लाया गया। इलाज शुरू किया, लेकिन ऑक्सीजन लेवल रिकवर नहीं हो पाया। ट्रॉमा सेंटर में लाने के 15 मिनट के बाद ही उनकी मौत हो गई। फिलहाल उनका कोविड सैम्पल जांच के लिए भेजा गया है। लक्षण को देखते हुए यही माना जा रहा है कि डॉक्टर की मौत कोरोना से हुई है। लेकिन रिपोर्ट आने के बाद ही यह बात स्पष्ट होगी।

बता दें कि एक ही दिन में 51 हेल्थ केअर वर्कर संक्रमित मिले हैं। इनमें 16 डॉक्टर, 16 छात्र-छात्राएं, 7 नर्स, 4 पैरामेडिकल स्टाफ, 7 मिनिस्ट्रियल स्टाफ कर्मी और एक ड्राइवर शामिल हैं। इसी तरह हेल्थ केअर वर्कर संक्रमित होते रहे तो स्थिति इससे भी गंभीर होने वाली है। 13 से 18 अप्रैल तक पीजीआई में हालात बिगड़े हुए हैं। इन छह दिनों में कुल 217 हेल्थ केअर वर्कर वायरस की जद में आ चुके हैं। इनमें 67 डॉक्टर, 38 नर्स और 48 छात्र-छात्राएं भी शामिल हैं। 18 बियरर-स्वीपर, पैरामेडिकल स्टाफ के 20, मिनिस्ट्रियल स्टाफ के 26 कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं।

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