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फर्जी दस्तावेज लगाकर जमीन की रजिस्ट्री, नायब तहसीलदार सहित आठ लोगों पर केस

कंपनी के निर्देशक द्वारा मामले की शिकायत सीएम विंडो, गृह मंत्री व पुलिस विभाग के अधिकारियों के पास की गई थी। जिसके बाद थाना बड़ी पुलिस द्वारा यह कार्रवाई अमल में लाई गई है।

फर्जी दस्तावेज लगाकर जमीन की रजिस्ट्री, नायब तहसीलदार सहित आठ लोगों पर केस
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गन्नौर। थाना बड़ी पुलिस ने जमीन के फर्जी दस्तावेज लगा कर एक कंपनी की जमीन की रजिस्ट्री करवाने के आरोप में आठ व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपितों में तत्कालीन नायब तहसीलदार व सब रजिस्ट्रार भी शामिल हैं। कंपनी के निर्देशक द्वारा मामले की शिकायत सीएम विंडो, गृह मंत्री व पुलिस विभाग के अधिकारियों के पास की गई थी। जिसके बाद थाना बड़ी पुलिस द्वारा यह कार्रवाई अमल में लाई गई है।

शिकायत में तिरूपति कोटिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निर्देशक हॉल अशोक नगर निवासी ललित जैन ने बताया कि उनकी कंपनी का कारखाना सनपेड़ा में स्थित है जिसमें ऑटोमोबाइल व जेसीबी के पूर्जे बनते हैं। उनकी रिद्धि आटो इंडस्ट्री प्राईवेट लिमिटेड के नाम से दूसरी फर्म भी है। दोनों फर्मों में उसकी पत्नी अंजली व संयम जैन निर्देशक हैं। ललित जैन ने बताया कि उनकी कंपनी ने गांव सनपेड़ा में 26 कनाल 19 मरले 4 सरसई कृषि योग्य जमीन सोनीपत ओमनगर निवासी बलवान के माध्यम से 1 करोड 78 लाख 18 हजार रुपए में खरीदी थी। इसमें से 4 कनाल जमीन को बेचने के लिए कंपनी की तरफ से बलवान को अधिकृत किया गया था जो नरेला निवासी गिरिश चंद को 28 लाख रुपए में बेच दी गई थी।

इसके बाद सरकार द्वारा नोटबंदी करने व जीएसटी लागू करने की वजह से उनकी कंपनी की आर्थिक स्थिती कमजोर हो गई थी। जिसके बाद उन्होंने बलवान व सनपेड़ा निवासी कृष्ण कुमार से अर्थिक मदद ली थी और इनमें से अधिकतर राशि वापिस भी कर दी थी। इसके बाद लॉकडाउन लगने की वजह से वे कंपनी में नहीं आ पाए और उनकी कंपनी बंद रही। लॉकडाउन में उनकी कंपनी में चोरी भी हो गई थी जिसमें उन्हें पता चला कि इस चोरी के पीछे बलवान भी शामिल था। लॉकडाउन के बाद उन्हें पता चला की उनकी कंपनी की जमीन को बेच दिया गया है। इसकी राजस्व विभाग से जांच करवाई गई तो सामने आया कि उनकी कंपनी की करीब 27 कनाल जमीन को बेचा दशार्या गया है। जबकि उनकी कंपनी ने करीब 26 कनाल जमीन खरीदी थी और उसमें से भी 4 कनाल जमीन पहले ही बेची जा चुकी थी। इसके अलावा यह भी सामने आया कि बलवान ने खुद को जमीन बेचने के लिए अधिकृत दिखा यह जमीन ओमनगर सोनीपत निवासी बिमला देवी व सनपेड़ा निवासी मनीता के नाम विक्रय पत्र के द्वारा बेच दिया। जबकि कंपनी की तरफ से बलवान को अधिकृत नहीं किया गया था।

रजिस्ट्री में चैक व अन्य माध्यमों से रुपए कंपनी की बजाय कंपनी के खाते की बजाय उनके खुद के खाते में वसूल दर्शाए गए हैं, जो पूरी तरह से फर्जी हैं, क्योंकि जमीन कंपनी के नाम था उनके खुद के नाम नहीं थी। ललित जैन का आरोप है कि इस फजीर्वाड़े में तत्कालीन नायब तहसीलदार, नंबरदार व गवाह भी शामिल हैं। पुलिस ने ललित जैन की शिकायत पर सोनीपत ओम नगर निवासी बलवान, बिमला देवी, गांव सनपेड़ा निवासी कृष्ण कुमार, मनीता, पिपलीखेड़ा निवासी कृष्ण नंबरदार, शेखपुरा निवासी सुरेश कुमार व तत्कालीन नायब तहसीलदार एवं सब रजिस्ट्रार के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

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