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हरियाणा के आबकारी राजस्व में रिकॉर्ड बढोतरी, इस वर्ष 65 प्रतिशत ज्यादा कलेक्शन

डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बताया कि इस आबकारी वर्ष 2021-22 के दौरान विभाग के सभी चार प्रकार के टैक्स से 20,558 करोड़ रुपए का राजस्व एकत्रित हुआ है जबकि इसी समय अवधि में पिछले वर्ष 12,831 करोड़ रुपए का राजस्व सरकार को मिला था।

हरियाणा के आबकारी राजस्व में रिकॉर्ड बढोतरी, इस वर्ष 65 प्रतिशत ज्यादा कलेक्शन
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 उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला।

हरियाणा सरकार के आबकारी एवं कराधान विभाग ने अपने राजस्व में बढ़ोतरी के रिकार्ड को कायम रखते हुए फिर से 65 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। आबकारी विभाग को जहां नई आबकारी नीति का खूब लाभ मिला है वहीं समय-समय पर चैकिंग ने भी राजस्व को बढ़ाया है।

हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला,जिनके पास आबकारी एवं कराधान विभाग का प्रभार भी है, ने बताया कि इस आबकारी वर्ष 2021-22 के दौरान 26 अगस्त तक विभाग के सभी चार प्रकार के टैक्स (वैट,सीएसटी,जीएसटी व आबकारी) से 20,558 करोड़ रूपए का राजस्व एकत्रित हुआ है जबकि इसी समय अवधि में पिछले वर्ष 12,831 करोड़ रूपए का राजस्व सरकार को मिला था। पिछले वर्ष की तुलना में उक्त अवधि में इस वर्ष 65 प्रतिशत की वृद्घि हुई है। उन्होंने पिछले 3 वर्षों के दौरान वैट,सीएसटी,जीएसटी व आबकारी से कुल संग्रहित राजस्व की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2018-19 में 37,350 करोड़ रूपए, वर्ष 2019-20 में 39,837 करोड़ तथा वर्ष 2020-21 में 45,119 करोड़ रूपए सरकारी खजाने में जमा हुए।

डिप्टी सीएम ने आगे बताया कि वर्ष 2020-21 के लिए आबकारी विभाग के शराब के ठेकों की नीलामी 3,559 करोड़ रूपए में हुई जबकि रिजर्व-प्राइस 3,128 करोड़ रूपए थी। उन्होंने बताया कि आबकारी वर्ष 2021-22 के लिए उन लाइसेंसधारकों को 10 प्रतिशत वृद्घि के साथ ठेका लेने का विकल्प दिया गया जिनके पास पहले से ही लाइसेंस था और इस प्रकार 85 प्रतिशत ठेके रिन्युअल हो गए। इस आबकारी वर्ष में 3,803 करोड़ रूपए में शराब के ठेकों से फीस के तौर पर राजस्व प्राप्त हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2020 के दौरान देशी शराब का 32.42 प्रतिशत तथा भारत में बनी विदेशी शराब का 25.45 प्रतिशत अतिरिक्त कोटा उठाया गया। श्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि आबकारी वर्ष 2020-21 में निरीक्षण के दौरान 1,249 मामले नियमों का उल्लंघन करने के पकड़े गए जिनमें डिफाल्टर पाए जाने पर 257 करोड़ रूपए का जुर्माना किया गया। उनसे करीब 136 करोड़ रूपए की वसूली भी कर ली गई है।

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