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Chief Secretary केशनी आनंद अरोड़ा ने हरियाणा के निवेश से लेकर इज ऑफ डूइंग बिजनेस रैकिंग पर क्या-क्या कहा, पढ़े

हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनन्द अरोड़ा ने आज यहां वर्ष 2019-2020 के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग की प्रगति की समीक्षा की।

Chief Secretary केशनी आनंद अरोड़ा ने हरियाणा के निवेश से लेकर इज ऑफ डूइंग बिजनेस रैकिंग पर क्या-क्या कहा, पढ़े
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चंडीगढ़

हरियाणा के निवेश के लिए पसंदीदा गंतव्य के स्तर में कोई गिरावट नहीं आई है। यह इस तथ्य से पता चलता है कि पिछले एक साल में हरियाणा में 8600 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश और 9100 लोगों के रोजगार सृजन के साथ मेगा इन्वेस्टमेंट कैटिगरी (100 करोड़ रुपये से अधिक की फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट) में 6 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

इसके अलावा, राज्य ने 68 बड़ी और मध्यम तथा 42,624 सूक्ष्म और लघु कंपनियों में भी कुल 7500 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित (Attracted) किया है और इनके माध्यम से 3 लाख से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए हैं। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने औद्योगिक उद्देश्यों के लिए निवेश करने हेतु भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) के 187 मामले अनुमोदित किए हैं।

यह जानकारी हरियाणा की मुख्य सचिव (Chief Secretary) केशनी आनन्द अरोड़ा ने आज यहां वर्ष 2019-2020 के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित विभिन्न विभागों के साथ हुई बैठक में दी। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव अपूर्व कुमार सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) ने उद्यमियों को 914 प्लॉटस आवंटित किए हैं, जिससे 281 एकड़ भूमि औद्योगिक गतिविधियों के तहत आई है और लगभग 3600 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित हुआ है।

हालांकि, वर्ष 2020-21 में निगम ने कुल 51 प्लॉटस आवंटित किए, जिससे लगभग 7500 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित हुआ। मुख्य सचिव ने कहा कि यह हरियाणा को औद्योगिक निवेश के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में बढ़ावा देने की हमारी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

हरियाणा में 12 मेगा प्रोजेक्टस के बारे विस्तृत जानकारी देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि वर्ष 2016 से लेकर अब तक भारत तथा विदेशों के 7 बड़े बिजऩेस घरानों ने हरियाणा में 1759 करोड़ रुपये की बड़ी राशि का निवेश किया है । इतना ही नहीं, वर्ष 2020 और अगामी वर्ष 2021 में दो विदेशी कंपनियों सहित पांच और बहुराष्ट्रीय कंपनियां हरियाणा में 8094 करोड़ रुपये के निवेश के लिए तैयार है।

बैठक में बताया गया कि इस वर्ष हरियाणा में निवेश करने वाले बिजऩेस घरानों में गुरुटेक इंफ्रा अर्थ प्राइवेट लिमिटेड कंपनी शामिल है। यह कंपनी पंचकूला में 109 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसी प्रकार , आरती ग्रीनटेक लिमिटेड द्वारा आईएमटी रोहतक में 151 करोड़ रुपये का, अडानी विल्मर लिमिटेड द्वारा मुंडलाना, सोनीपत में 450 करोड़ रुपये का, वंडर सीमेंट लिमिटेड द्वारा झज्जर में 300 करोड़ रुपये का और एम्परेक्स टेक्नोलॉजी द्वारा आईएमटी सोहना में 7083 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

इसी दौरान गत चार वर्षों में सात कंपनियों ने हरियाणा में निवेश किया। इन कंपनियों की सूची में कैन पैक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का नूंह में 500 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है और कंपनी ने 160 लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करवाए हैं। पैनासोनिक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने झज्जर में 95 करोड़ रुपये का निवेश किया और 184 लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए।

इसी प्रकार, कांधारी बेवरेजिस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने अंबाला में 350 करोड़ रुपये का निवेश किया और 220 लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाया। स्टारवायर (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने बल्लभगढ़, फरीदाबाद में 235 करोड़ रुपये का निवेश किया और 1081 लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान किए। इसके अतिरिक्त, एटोटेक डेवलपमेंट सेंटर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा गुरुग्राम में 301 करोड़ रुपये का निवेश किया और 108 लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान किए।

मेसर्स एनरिच एग्रो फूड प्रोडक्ट्स ने आईएमटी रोहतक में 218 करोड़ रुपये का निवेश किया और 120 लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए। कैप कोन्स ने प्रथम चरण में धारूहेड़ा, रेवाड़ी में 60 करोड़ रुपये का निवेश किया और 60 लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (ईओडीबी) रैंकिंग में दो आयामों अर्थात सुधारों का कार्यान्वयन और उपयोगकर्ताओं की प्रतिपुष्टि पर विचार किया जाता है। पहले समझने वाली बात यह है कि भारत सरकार द्वारा जारी की गई सूचना के अनुसार सुधारों के कार्यान्वयन पर हरियाणा ने अब तक शत प्रतिशत स्कोर प्राप्त किया है। यह वर्ष 2017 में सुधारों के कार्यान्वयन के 99.73 प्रतिशत स्कोर में सुधार दर्शाता है जब हरियाणा इस मामले में देश में तीसरे स्थान पर था।

उन्होंने कहा कि उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग द्वारा प्रतिपुष्टि के आधार पर स्कोर अभी तक जारी नहीं किये गए हैं। वर्ष 2017 में फीडबैक के आधार पर हरियाणा का स्कोर 82.89 प्रतिशत था। इस आंकड़े पर राज्य ने सुधार किया है या नहीं, यह केवल तभी पता चलेगा जब यह डाटा जारी किया जाएगा। मुख्य सचिव ने कहा कि बहरहाल रैंक में आई गिरावट निश्चय ही यह दर्शाती है कि कुछ राज्यों ने अपने फीडबैक स्कोर में हरियाणा से अधिक सुधार किया है।

मुख्य सचिव ने कहा कि सापेक्ष संख्या भी प्रतिक्रिया स्कोर पर एक पूर्ण गिरावट का संकेत देती है या नहीं इसका आंकलन करने के लिए हमें भी स्कोर के जारी होने की प्रतीक्षा करनी होगी। चाहे जो हो, सभी विभाग सुनिश्चित करेंगे कि सुधारों के कार्यान्वयन में कोई कोताही न हो और राज्य सरकार के चल रहे सुधार अभियान में उपयोगकर्ताओं का बेहतर अनुभव हो ताकि ईओडीबी रैंकिंग में ही सुधार न हो, बल्कि ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स की रैंकिंग में भी सुधार हो।

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