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कुरुक्षेत्र में रणदीप सुरजेवाला बोले, खेती और मंडी विरोधी भाजपा को जड़ से उखाड़ फेंकने का संकल्प ही एकमात्र ध्येय

पिपली पैराकीट में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस (Congress) खेती विरोधी तीनों काले कानूनों के खिलाफ संसद के अंदर व बाहर निर्णायक जंग लडेंगी।

कुरुक्षेत्र में रणदीप सुरजेवाला बोले, खेती और मंडी विरोधी भाजपा को जड़ से उखाड़ फेंकने का संकल्प ही एकमात्र ध्येय
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हरिभूमि न्यूज : कुरुक्षेत्र

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला (Randeep Singh Surjewala) ने कहा कि भाजपा व जजपा की गठबंधन सरकार ने किसान-आढ़ती-मजदूर विरोधी दमनकारी व बर्बर रवैया अपनाकर एक दिन भी सत्ता में बने रहने का अधिकार खो दिया है। कुरुक्षेत्र (Kurukshetra) की रणभूमि में किसानों-मजदूरों-आढ़तियों पर चलाई गई लाठियां भाजपा-जजपा के कफन में आखिरी कील साबित होंगी। पिपली पैराकीट में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस खेती विरोधी तीनों काले कानूनों के खिलाफ संसद के अंदर व बाहर निर्णायक जंग लडेंगी। खेती और मंडी विरोधी भाजपा को जड़ से उखाड़ फेंकने का संकल्प ही एकमात्र ध्येय है। सरकारों को किसान-आढ़ती-मजदूर की ड्योढ़ी पर घुटने टिकवा कर ही दम लेंगे।

सुरजेवाला ने कहा कि किसान व खेत मजदूर देश की रीढ़ की हड्डी हैं। वह खेत में काम करके देश का पेट पालता है, वहीं उसका बेटा सेना में भर्ती हो बॉर्डर पर देश की रक्षा करता है। देश की अर्थव्यवस्था का भी सबसे बड़ा आधार कृषि तंत्र है, जहां पूर्वनिर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य के आधार पर अनाज व सब्जी मंडियों में किसान की फसल, फल इत्यादि की बिक्री होती है। लाखों करोड़ों मजदूर-आढ़ती-कर्मचारी-ट्रांसपोर्टर इत्यादि इस व्यवसाय से जुड़े हैं तथा अपनी आजीविका कमाते हैं। मोदी-खट्टर सरकारें एक झटके से इस पूरी कृषि व्यवस्था को तहस-नहस कर खत्म करना चाहती हैं, ताकि मुठ्ठी भर पूंजीपति मित्रों का कब्जा करवा सकें।

साजिश के तहत कोरोना महामारी के बीच तीन काले कानून अध्यादेश माध्यम से लाए गए

रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा में भाजपा सरकार की गुंडागर्दी और पुलिस के जुल्म का नंगा नाच कुरुक्षेत्र की रणभूमि में पूरे देश ने देखा। तीनों अध्यादेशों का विरोध कर रहे किसान-आढ़ती-मजदूर शांतिप्रिय तरीके से किसान बचाओ-मंडी बचाओ रैली का पिपली मंडी में आयोजन करना चाहते थे परंतु चौबीस घंटों में हजारों पुलिसकर्मी लगा किसानों और आढ़तियों के नेताओं की जबरन धरपकड़ शुरू कर दी गई, घरों पर नोटिस लगाए गए व जगह जगह पुलिस नाके लगाकर किसानों-मजदूरों-आढ़तियों को पिपली आने से रोका गया। किसानों व आढ़तियों पर निर्दयता से लाठियां चलाई गईं। एक साजिश के तहत कोरोना महामारी के बीचों-बीच तीन काले कानून अध्यादेश माध्यम से लाए गए ताकि किसान-आढ़ती-मजदूर का गठजोड़ खत्म हो तथा पूरा कृषि तंत्र ही गुलामी की बेडिय़ों में जकड़ दिया जाए।

इस अवसर पर पूर्व विधायक अनिल धंतौडी, पूर्व विधायक रमेश गुप्ता, अमन चीमा, किसान कांगेस के जिलाध्यक्ष एडवोकेट मधसूदन बवेजा, किसान कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष धर्मबीर सिंह, जिला प्रधान अंबाला हरबीर सिंह, रण सिंह देशवाल, ललित मोहन सिंगला, जसवंत चीमा, प्रवेश राणा, रूबल शर्मा व तरसेम बकाली सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।


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