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रणदीप सुरजेवाला बोले- बिजली उपभोक्ताओं से सिक्योरिटी जमा कराने के फैसले को वापस ले सरकार

सुरजेवाला ने कहा की हरियाणा की खट्टर-चौटाला सरकार आम जनता को परेशान करने और उन पर आर्थिक बोझ लादने के नित रोज़ नए तरीके खोजने में लगी रहती है।

रणदीप सुरजेवाला बोले- बिजली उपभोक्ताओं से सिक्योरिटी जमा कराने के फैसले को वापस ले सरकार
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रणदीप सुरजेवाला, फोटो ट्विटर

Haryana : कांग्रेस नेता और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा बिजली उपभोक्ताओं से चार माह के बिजली बिलों के बराबर सिक्योरिटी जमा कराने के तुगलकी और अहंकारी फैसले को तुरंत वापिस लेने की मांग की है।

सुरजेवाला ने कहा की हरियाणा की खट्टर-चौटाला सरकार आम जनता को परेशान करने और उन पर आर्थिक बोझ लादने के नित रोज नए तरीके खोजने में लगी रहती है, उनके इस नए फैसले से बिजली उपभोक्ताओं के बिल काफी बढकर आ रहे हैं। जिससे आम उपभोक्ता काफी रोष में है, लेकिन यह घमंडी सरकार जनता से बिल्कुल बेपरवाह है। सिक्योरिटी बढ़ाने से मंदी के इस दौर में उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ पड़ेगा और उन्हें काफी परेशानी होगी।

मुख्यमंत्री-उपमुख्यमंत्री से सीधे स्पष्टीकरण की मांग करते सुरजेवाला ने कहा कि कोरोना महामारी और केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकारों की गलत नीतियों के कारण हरियाणा के लोग पहले ही गिरते व्यापार, घटती आमदनी और लगातार बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी से परेशान थे, ऐसे में जनविरोधी भाजपा-जजपा सरकार के नए फैसलों से जनता को परेशान कर रही है।

उन्होंने याद दिलाया की हाल ही में भाजपा-जजपा की प्रदेश सरकार ने पंचायतों का नाम लेकर गांवों के सभी बिजली उपभोक्ताओं पर 2 प्रतिशत टैक्स लगा कर 125 करोड़ रुपए का बोझ डाला था। उससे कुछ पहले बिजली के मीटरों सहित बिजली सेवा दरों में 100 से 500 फीसदी बढ़ोत्तरी की गयी थी। सरकार ने बिजली मीटर का किराया बढ़ाकर 150 फीसदी, एप्लीकेशन की प्रोसेसिंग चार्ज को बढ़ाकर 500 फीसदी किया था और मीटर-लाइन को चेक करवाने के लिए भी चार्ज लगा दिया था, जिस पर पहले कुछ नहीं लिया जाता था। बिजली देने के मामले में भी खट्टर सरकार द्वारा समय-समय पर किए गए बड़े-बड़े दावे खोखले साबित हो रहे हैं और अभी गर्मी शुरू भी नहीं हुई लेकिन विभिन्न इलाकों में बिजली कमी और अघोषित कट लगने की शिकायत आनी शुरू हो गयी हैं। जिन गांवों में 24 घंटे बिजली देने की घोषणा भी की गई थी, उन गांवों में भी केवल 10 से 12 घंटे बिजली दिए जाने की शिकायतें आ रही हैं।

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