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रणदीप सुरजेवाला बोले- टीजीटी इंग्लिश की भर्ती रद्द करना युवाओं के साथ बड़ा धोखा

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह युवा विरोधी सरकार षड्यंत्र रचकर सरकारी स्कूलों और उनमें पढ़ने वाले लाखों छात्रों के भविष्य के साथ- साथ सरकारी नौकरियों और युवाओं को पूरी तरह से खत्म करने पर तुली हुई है।

रणदीप सुरजेवाला बोले- टीजीटी इंग्लिश की भर्ती रद्द करना युवाओं के साथ बड़ा धोखा
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रणदीप सुरजेवाला

हरियाणा सरकार द्वारा टीजीटी इंग्लिश (ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर) के 1,035 पदों के लिए चल रही भर्ती प्रक्रिया रद्द करने को प्रदेश के युवाओं और छात्रों के साथ बड़ा धोखा बताते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इस फैसले को तुरंत वापिस लेने की मांग की है।

सुरजेवाला ने कहा कि टीजीटी इंग्लिश अध्यापकों के लिए अभ्यर्थियों की वर्ष 2015 में भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। जिसके लिए लिखित परिक्षा सात फरवरी 2016 को हुई और 3 सितम्बर 2016 को परिणाम घोषित किया गया। उसके बाद स्क्रूटिनी और उसके बाद 5 व 6 अक्टूबर, 2020 को इंटरव्यू हुए, लेकिन अब भर्ती की सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे आज रद्द कर दिया गया, जिसने इस भर्ती में पास अभ्यर्थियों के भविष्य को पूरी तरह से अंधकारमय कर दिया है। टीजीटी इंग्लिश की भर्ती रद्द करना न केवल लिखित परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों के साथ धोखा है, बल्कि उन सरकारी स्कूलों के अंग्रेजी भाषा के छात्रों के साथ भी धोखा है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। इससे पहले यह सरकार वर्ष 2015 में ही विज्ञापित पीजीटी संस्कृत के 626 पदों पर निकली भर्ती को रद्द कर चुकी है।

सुरजेवाला ने कहा कि छह साल पहले भाजपा सरकार ने लाखों अभ्यर्थियों से फॉर्म के नाम पर पैसे वसूले, फिर प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं के भविष्य से 6 साल तक खिलवाड़ किया और अब भर्ती ही रद्द कर दी है। यह युवा विरोधी सरकार षड्यंत्र रचकर सरकारी स्कूलों और उनमें पढ़ने वाले लाखों छात्रों के भविष्य के साथ- साथ सरकारी नौकरियों और युवाओं को पूरी तरह से खत्म करने पर तुली हुई है। यह सरकार की विफलता का सीधा उदाहरण है। भाजपा की गलत नीतियों के कारण हरियाणा प्रदेश की बेरोजगारी दर पहले ही पूरे देश में सबसे अधिक है। प्रदेश में उद्योग धंधे चौपट हैं। हरियाणा की खट्टर- चौटाला सरकार द्वारा पहले तो सरकारी नौकरियां विज्ञापित नहीं की जाती, फिर सालों-साल तक विज्ञापित नौकरियों के लिखित/इंटरव्यू नहीं होते, उसके बाद लिखित परीक्षा में पेपर लीक होते हैं और अन्य नौकरियों में परिणाम घोषित होने के सालों-साल बाद भी उन्हें जॉइनिंग नहीं दी जाती।

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