Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

हरियाणा में इस दिन से शुरू होगी धान और बाजरे की खरीद, सरकार ने जारी किए निर्देश

उपमुख्यमंत्री दुष्यंत ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि किसान मंडी में अपनी फसल बेचने के लिए अपना पंजीकरण जरूर करवाएं, क्योंकि 31 अगस्त तक मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है।

धान उठाव नहीं, सूखत की भरपाई समितियों से करने पर विपक्ष का हंगामा, बहिर्गमन
X

धान (प्रतीकात्मक फोटो)

चंडीगढ़। हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी 25 सितंबर से शुरू होने जा रही खरीफ सीजन की फसलों की खरीद के लिए मंडियों में आने वाले किसी भी किसान को कोई समस्या नहीं आनी चाहिए। मंडियों में शैड, सडक़ें, पैकेजिंग बैग, तुलाई मशीनें आदि ठीक कर लें ताकि किसान परेशान न हों।

डिप्टी सीएम, जिनके पास खाद्य,आपूति एवं उपभोक्ता मामले विभाग का प्रभार भी है, ने खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड, हैफेड, हरियाणा वेयरहाउसिंग कारपोरेशन समेत अन्य एजेंसियों के अधिकारियों से खरीफ फसलों की खरीद को लेकर तैयारियों का अपडेट लिया। बैठक में हैफेड के चेयरमैन कैलाश भगत समेत कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

डिप्टी सीएम ने बैठक के बाद बताया कि खरीफ फसलों की खरीद की तैयारियां प्रदेशभर में जोरों पर चल रही हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार इस बार धान फसल की खरीद 25 सितंबर से शुरू करेगी और यह खरीद कार्य 15 नवंबर तक चलेगा। वहीं बाजरा, मक्का, मूंग आदि फसल की खरीद 1 अक्टूबर से 15 नवंबर तक होगी। दुष्यंत चौटाला ने बताया कि इस वर्ष धान खरीद के लिए करीब 200 खरीद केंद्र बनाए गए हैं। इसी तरह बाजरा के लिए 86, मक्का के लिए 19 और मूंग के लिए 38 खरीद केंद्र होंगे। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस खरीफ सीजन में धान के लिए 1940, बाजरा के लिए 2250, मक्का के लिए 1870 रुपये व मूंग के लिए 7275, मूंगफली के लिए 5550 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया है।

उपमुख्यमंत्री ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि किसान मंडी में अपनी फसल बेचने के लिए अपना पंजीकरण जरूर करवाएं, क्योंकि 31 अगस्त तक मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। दुष्यंत चौटाला ने बताया कि अब तक धान बेचने के लिए 2 लाख 90 हजार, बाजरा के लिए 2 लाख 45 हजार व मूंग के लिए 66 हजार से अधिक किसानों ने अपना पंजीकरण करवा लिया है।

Next Story