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हजारों कामगारों को मुहैया कराया काम : विश्व की एकमात्र ऐसी योजना जो दे रही 100 दिन रोजगार की गारंटी

देश के गरीब और बेरोजगार परिवार अपनी आजीविका के लिए इस योजना का लाभ उठा रहे है। ऐसे कमजोर आय वर्ग के लोगों को उनके ही ग्राम पंचायत में रोजगार दिया जाता है, इससे पलायन की समस्या को भी काफी हद तक रोका जा सका है।

हिमाचल न्यूज: कोरोना काल में संकटमोचन बनी मनरेगा,एक लाख से अधिक लोगों को गांव में मिला रोजगार
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प्रतीकात्मक तस्वीर

हरिभूमि न्यूज, नारनौल

कोराना काल के दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) गरीब परिवारों का सहारा बन कर आई है। इस वर्ष जिला महेंद्रगढ़ में 12197 कामगारों को 214994 दिन का रोजगार दिया गया है।

यह जानकारी देते हुए अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग ढालिया ने बताया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना देश के सभी राज्यों में ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित ये योजना भारत सरकार की बहुत बड़ी योजना है। मनरेगा योजना विश्व की एकमात्र ऐसी योजना है जो 100 दिन रोजगार की गारंटी देती है। देश के गरीब और बेरोजगार परिवार अपनी आजीविका के लिए इस योजना का लाभ उठा रहे है। ऐसे कमजोर आय वर्ग के लोगों को उनके ही ग्राम पंचायत में रोजगार दिया जाता है, इससे पलायन की समस्या को भी काफी हद तक रोका जा सका है।

उन्होंने बताया कि कोरोना काल में इस योजना के तहत काम करने के इच्छुक परिवारों को रोजगार मुहैया करवाया गया है। उन्होंने बताया कि देश के गरीब परिवारों का आर्थिक स्तर सुधारने और बेहतर जीवन यापन के लिए सरकार कई सरकारी योजनाएं संचालित करती है। इसी योजना में से एक है मनरेगा योजना।

उन्होंने बताया कि मनरेगा का सबसे बड़ा उद्देश्य ग्रामीण विकास और रोजगार के दोहरे लक्ष्य को प्राप्त करना है। ग्रामीण भारत में निवास करने वाले गरीब व कमजोर आय वर्ग के परिवारों को 100 दिनों की रोजगार प्रदान करना है ताकि वे अपनी आजीविका चला सकें। विकास कार्य के साथ साथ आर्थिक मजबूती प्रदान करना। ग्राम पंचायत स्तर पर रोजगार प्रदान करना जिससे रोजगार के लिए अन्य शहरों में होने वाले पलायन को रोका जा सकें। आजीविका को मजबूत करना और गरीब परिवारों की आय में वृद्धि करना। मनरेगा योजना का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्ग को भी मुख्य धारा में सम्मिलित करना है।

यह है मनरेगा योजना की पात्रता

मनरेगा योजना के लिए लाभार्थी 18 वर्ष का होना चाहिए लाभार्थी किसी तरह के रोजगार में नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत मजदूरी का भुगतान उनके अकाउंट के माध्यम से किया जाएगा। इस योजना के तहत 100 दिन का रोजगार दिया जाता है। काम की मांग करने पर यदि किसी कारण से 15 दिन के अंदर रोजगार प्रदान नहीं किया जाता है तो सरकार के द्वारा उसे बेरोजगारी भत्ता भी दिया जाता है।

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