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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना : खरीफ सीजन में क्रॉप कटिंग की रिपोर्ट तैयार, किसानों को मिलेंगे 16 करोड़

खरीफ सीजन में मानसून में रिकार्ड बरसात हुई थी। जिसके कारण कपास, ज्वार, बाजारा सहित धान की फसल भी कई क्षेत्रों में बुरी तरह से प्रभावित हुई थी। ऐसे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कृषि विभाग व संबंधित बीमा कम्पनी ने संयुक्त रूप से क्रॉप कटिंग का काम किया था।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना : खरीफ सीजन में क्रॉप कटिंग की रिपोर्ट तैयार, किसानों को मिलेंगे 16 करोड़
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जानकारी देते हुए कृषि अधिकारी।

सोनीपत जिले में खरीफ सीजन(Kharif Season) में किसान को खेती में हुए नुकसान की रिपोर्ट कृषि विभाग (Agriculture Department) की तरफ से क्रॉप कटिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली हैं। विभाग की तरफ से रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दिया हैं। जिसेक बाद फसलों में हुए नुकसान का 16 करोड़ रुपये मुआवना फसल खराब होने वाले किसानों को मिलेगा। विभाग की तरफ से उक्त राशि का मुआवजा देने की सिफारिश बीमा कंपनी से की हैं। उक्त नकदी बीमा कंपनी को अदा करनी हैं।

बता दें कि खरीफ सीजन में मानसून में रिकार्ड बरसात हुई थी। जिसके कारण कपास, ज्वार, बाजारा सहित धान की फसल भी कई क्षेत्रों में बुरी तरह से प्रभावित हुई थी। ऐसे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कृषि विभाग व संबंधित बीमा कम्पनी ने संयुक्त रूप से क्रॉप कटिंग का काम किया था। जिसके अंतर्गत जिले के सभी गांवों में पहुंचकर उत्पादन का आंकलन किया गया तथा जिन क्षेत्रों में उत्पादन पर असर पड़ा, उन क्षेत्रों में ऐसे किसानों को मुआवजा देने की सिफारिश की गई है, जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा करवाया है।

154 गांवों मेे कपास, 123 गांवों में धान में हुआ नुकसान

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के पैमानों के तहत जिले के 123 गांवों में किसानों को धान की फसल में नुकसान झेलना पड़ा है। इसके अतिरिक्त 154 ऐसे गांव रहे, जिनमें कपास की फसल में नुकसान पाया गया है। क्रॉप कटिंग प्रक्रिया के तहत उक्त गांवों के किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त बाजरे की बात करे तो क्रॉप कटिंग प्रक्रिया के तहत जिले के 34 गांव ऐसे रहे, जहां किसानों को बाजरे की फसल में नुकसान झेलना पड़ा है। जबकि एक गांव में ज्वार की फसल को नुकसान पहुंचा है। उक्त सभी गांवों के उन किसानों को जिन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा करवाया है, बीमा कम्पनी की तरफ से मुआवजा दिया जाएगा।

बरसात किसान पर आफत बनकर बरसीं, 1100 किसानों ने कार्यालय में दर्ज करवाई शिकायत

वहीं दूसरी तरफ खरीफ सीजन के बाद अब रबी सीजन में भी आवश्यकता से अधिक बरसात किसानों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फरवरी माह में हुई बरसात से अब तक 1100 से अधिक किसान फसल बर्बाद होने की शिकायत कृषि विभाग कार्यालय में जमा करवा चुके है। दरअसल, जनवरी माह के बाद फरवरी माह में भी इस बार काफी अधिक बरसात जिले में दर्ज हुई है, जोकि पिछले कई सालों की अपेक्षा सबसे अधिक है। परिणामस्वरूप जिले के कई क्षेत्रों में खेतों में जलभराव की समस्या पैदा हो गई है। जलभराव के कारण सरसों के साथ-साथ गेहूं की फसल पर भी बबार्दी की कगार पर पहुंच चुकी है। ऐसे में किसानों ने अपनी शिकायत कृषि विभाग को दी है। शिकायत दर्ज करवाने वाले सबसे अधिक किसान गोहाना ब्लाक के है।

रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दी

खरीफ सीजन में क्रॉप कटिंग की रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दी हैं। जिले में 16 करोड़ रुपये के नुकसान का आलंकन हुआ हैं। बीमा कंपनी को उक्त राशि अदा करने की सिफारिश की हैं। किसान बरसात होने पर 72 घंटे के अंदर कार्यालय में शिकायत दर्ज करवाएं। ताकि कर्मचारी समय पर बीमा कंपनी को नुकसान की शिकायत दर्ज करवा सके। फरवरी माह में हुई बारिश के कारण फसलें खराब होने पर 1100 किसानों की शिकायत दर्ज हुई हैं। -अनिल सहरावत, जिला कृषि अधिकारी।

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