Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

Positive News : पिता हुए बीमार तो डॉक्टर बन गए चार बेटे, दो Mbbs तो दो Bams

बीमारी के कारण बलवंत ने वीआरसी लेनी पड़ी, मगर उनके बेटे तेजवीर ग्रेवाल व डा. जंगवीर ग्रेवाल ने एमबीबीएस पूरी की। सुनील व संजय बीएएमएस (आयुर्वेद) की पढ़ाई कर सेवा कर रहे हैं।

Positive News : पिता हुए बीमार तो डॉक्टर बन गए चार बेटे, दो Mbbs तो दो Bams
X

डॉ. तेजबीर ग्रेवाल।

हरिभूमि न्यूज : चरखी दादरी ( भिवानी समाचार)

गांव चंदेनी निवासी रोडवेज परिचालक बलवंत सिंह को लकवा लगा तो बेटे लंबे समय तक अस्पतालों व चिकित्सकों चक्कर काटकर थक गए। पिता की बीमारी ने सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बेटों में जुनून पैदा कर दिया। चार बेटों पर चिकित्सक बनने को भूत सवार हो गया। बीमारी के कारण बलवंत ने वीआरसी लेनी पड़ी, मगर आर्थिक तंगी को दरकिनार कर बलवंत के बेटे तेजवीर ग्रेवाल व डा. जंगवीर ग्रेवाल ने एमबीबीएस पूरी की। दोनों का सफर यहीं खत्म नहीं हुआ, तेजवीर ग्रेवाल ने डीएम कोर्डियो व डा. जंगबीर ने यूरो सर्जन की डिग्री हासिल की। बलवंत के दो बेटे सुनील व संजय बीएएमएस (आयुर्वेद) की पढ़ाई कर सेवा कर रहे हैं।

पांचवें बेटे ने कानून की पढ़ाई पूर्ण कर ली है। बलवंत सिंह ग्रेवाल राजस्थान राज्य परिवहन विभाग में बतौर परिचालक तैनात थे। बलवंत लकवाग्रस्त हो गए। सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले पांचों बेटे बलवंत को लंबे समय तक चिकित्सकों के पास ले जाते रहे। जब पिता को आाराम नहीं मिला तो बेटों ने खुद चिकित्सक बनने की ठान ली। पिता के समय से पूर्व सेवानिवृत होने के बाद आर्थिक तंगी आ गई। मगर बेटों ने सरकारी स्कूल व फिर कालेज में पढ़ाई जारी रखी। आज बलवंत के चार बेटे चिकित्सक हैं। दो बेटों ने एमबीबीएस के बाद चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में उच्च डिग्री हासिल की। डा.तेजवीर ने डीएम कार्डियो, डॉ. जंगवीर ने यूरो सर्जन, डॉ.संजय व डॉ. सुनील ने बीएएमएस की डिग्री हासिल की। डॉ. तेजवीर ग्रेवाल गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में बतौर डीएम कार्डियो के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। डॉ. जंगवीर ग्रेवाल मेडिकल कालेज मदुरई यूरो सर्जन हैं। शिक्षाविद एवं समाज सेवी डॉ. विजय सांगवान मंदौला ने बताया कि जल्द ही निकट भविष्य में अधिवक्ता अनिल कुमार व चारों डाक्टरों के सम्मान में समारोह का आयोजन किया जाएगा।

Next Story