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Pollution : तापमान के साथ हवा में बढ़ रहा प्रदूषण, 500 से ऊपर पहुंचा PM-10 का स्तर, रखें यह सावधानियां

हवा में सबसे ज्यादा मात्रा धूल व धुआं के कणों की है। इनके चलते हवा में धूल कणों की मात्रा जानलेवा स्तर तक पहुंच गई है। ऐसे में खुली हवा में सांस लेना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।

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प्रदूषण का बढ़ा कहर

हरिभूमि न्यूज : सोनीपत

एक तरफ गर्मी ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ प्रदूषण ( pollution ) अपना कहर बरपा रहा है। गर्म हवाओं के बावजूद प्रदूषण की घनी परत छा गई है। हवा में सबसे ज्यादा मात्रा धूल व धुआं के कणों की है। इनके चलते हवा में धूल कणों की मात्रा जानलेवा स्तर तक पहुंच गई है। ऐसे में खुली हवा में सांस लेना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। विशेषज्ञों ने मास्क का प्रयोग करने की सलाह दी है। वहीं तबीयत खराब होने पर तुरंत चिकित्सक से उपचार करवाना बेहद आवश्यक है।

बता दें कि तापमान ज्यादा होने से धूल-धुआं के कण ज्यादा फैल रहे हैं। ये हवा के साथ ही वातावरण में फैल रहे हैं। हीट वेव के चलते हवा का प्रवाह कम है। हवा की गति कम होने से धूल और धुआं के कण हवा में ज्यादा ऊपर तक नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसे में भीषण गर्मी में भी हवा में धूल और घुआं के कणों की मात्रा जानलेवा स्तर तक छा गई है। धूल-धुआं के मोटे कण पीएम-10 का स्तर मानक 50 के सापेक्ष 500 से भी ज्यादा हो गया है। इसी तरह महीन कण पीएम-2.5 का स्तर 50 के सापेक्ष पांच गुना तक पहुंच गया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक ( air quality index ) भी पांच गुना के करीब बढ रहा है।

सर्दी के मुकाबले गर्मी में प्रदूषण बेहद खतरनाक

विशेषज्ञों के अनुसार सर्दी के मुकाबले गर्मी का प्रदूषण ज्यादा घातक है। दरअसल सड़क ज्यादा गर्म होने से टायर ज्यादा घिसते हैं। ऐसे में धूल कणों के साथ ही रबर के महीन कणों की भरमार होती है। ये कण सांस के साथ शरीर में पहुंचकर फेफड़ों और स्वांस नली में जम जाते हैं। पीएम-2.5 के कण इतने बारी होते हैं कि यह फेफड़ों में भी फिल्टर नहीं हो पाते हैं और सीधे खून में मिलकर शहर के विभिन्न अंगों तक पहुंच जाते हैं। इससे कैंसर, हार्ट अटैक, ब्रेन स्टोक और गुर्दा फेल होने का खतरा बढ़ जाता है।

वायु प्रदूषण बेहद ज्यादा

गर्मी के साथ-साथ प्रदूषण की मात्रा बढ़ रही हैं। वायु प्रदूषण बेहद ज्यादा हो गया है। बारिश होने के बार प्रदूषण के कम होने की आंशका जताई जा रही है। घर से बाहर निकलते ह मुुंह पर मास्क डालकर अवश्य चलें। बारिश के बाद ही वायु प्रदूषण में कमी आ सकेगी। -नवीन गुलिया, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सोनीपत।

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