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पुलिस ने यहां तीन रेलगाड़ियां रोककर वापस भेजे लोग, जानिये वजह

पुलिस ने किसान एक्सप्रेस से करीब 150 ऐसे लोगों को उतारा जिनके हाथों में आंदोलन से जुड़े झंडे थे। इसके बाद उन्हें दूसरी ट्रेन से वापस भेज दिया गया। एक ट्रेन का रूट बदल दिया गया।

पुलिस ने यहां तीन रेलगाड़ियां रोककर वापस भेजे लोग, जानिये वजह
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रोहतक में ट्रेन रोककर उतारे गए किसान।

हरिभूमि न्यूज:रोहतक

पंजाब से दिल्ली जाने वाली ट्रेन में आंदोलनकारियों के होने की सूचना से प्रशासन तंत्र में हड़कंप मच गया। किसान एक्सप्रेस, पंजाब मेल और श्री गंगानगर-हरिद्वार-भटिंडा एक्सप्रेस को रोहतक में ही रोक दिया गया। एक ट्रेन का रूट बदल दिया गया। पुलिस ने किसान एक्सप्रेस से करीब 150 ऐसे लोगों को उतारा जिनके हाथों में आंदोलन से जुड़े झंडे थे। इसके बाद उन्हें दूसरी ट्रेन से वापस भेज दिया गया। पंजाब मेल जो दिल्ली होते हुए मुंबई जाती है उसे दिल्ली की बजाए रेवाड़ी के रास्ते अलवर और फिर मुंबई भेजा गया।

श्री गंगानगर-हरिद्वार-भटिंडा एक्सप्रेस ट्रेन में आंदोलनकारियों की संख्या ज्यादा होने के कारण उसे बहादुरगढ़ की ओर रवाना कर दिया गया। दरअसल मामले की जानकारी उस समय मिली जब गाड़ी भटिंडा से दिल्ली के लिए रवाना हुई। भटिंडा रेलवे स्टेशन के अधिकारियों ने मंत्रालय को बताया कि किसान एक्सपे्रस में ज्यादातर टिकट बहादुरगढ़ की बिकी हैं। चूंकि टीकरी बॉर्डर जाने वाले आंदोलनकारी किसान बहादुरगढ़ होकर ही धरनास्थल पर पहुंचते हैं। सूचना के बाद प्रशासन की सांसे फूल गई और ट्रेन को रोहतक स्टेशन पर ही रोक दिया गया। इसके बाद ऐसे लोगों को ट्रेन से उतारा गया जो आंदोलनकारी लग रहे थे या उनके हाथों में झंडे थे।

दिल्ली नहीं जाने दिया, किसानों को ऑटो में बैठाकर वापस भेज दिया

पुलिस ने ट्रेन से करीब 150 किसानों को ऑटो में बैठाकर वापस भेज दिया, जबकि ट्रेन में बैठे अन्य यात्रियों को दूसरी ट्रेनों में बैठाकर रवाना किया गया। थोड़ी देर बाद पंजाब मेल आई, जो पंजाब के फिरोजपुर से दिल्ली होते हुए मुम्बई की तरफ जाती है। इस ट्रेन को दिल्ली की तरफ से भेजने के बजाय रेवाड़ी-अलवर की तरफ से मुम्बई भेजा गया। इसके बाद श्रीगंगानगर-हरिद्वार-भटिंडा एक्सप्रेस ट्रेन आई। इस ट्रेन को रोहतक रेलवे स्टेशन पर ही रोका जाना था, जिसमें करीब एक हजार से अधिक किसानों के होने की सूचना थी। करीब पौने 12 बजे ट्रेन जैसे ही रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो फोर्स अलर्ट हो गई, लेकिन ट्रेन को निकाल दिया गया।

भटिंडा एक्सप्रेस में भीड़ थी, नहीं उतारे यात्री

रेलवे स्टेशन पर श्रीगंगानगर-हरिद्वार-भटिंडा एक्सप्रेस ट्रेन पहुंची तो वह यात्रियों से खचाखच भरी हुई थी। ट्रेन में कोरोना संक्रमण नियमों का कोई पालन नहीं किया गया था। बड़ी संख्या में पंजाब के किसान ट्रेन में सवार थे, जो अलग-अलग संगठनों के झंडे हाथों में लिए हुए थे। रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का स्टाप करीब दो मिनट का था, लेकिन ट्रेन को स्टेशन पर करीब 15 मिनट तक रोका गया। पुलिस अधिकारियों ने ट्रेन में किसानों की संख्या अधिक होने की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी, जिसमें बाद ट्रेन को रोहतक रेलवे स्टेशन पर रोके जाने का फैसला बदल दिया और उसे बहादुरगढ़ की तरफ रवाना कर दिया गया। पुलिस बल ने किसी भी किसान को कुछ नहीं कहा और ना ही ट्रेन से किसानों को नीचे उतारा। ट्रेन रवाना होने के बाद ही पुलिस ने राहत की सांस ली।

किसानों के आने की मिली थी सूचना

पंजाब से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में बड़ी संख्या में किसानों के आने की सूचना मिली थी, जिसके बाद सुरक्षा को देखते हुए फोर्स को तैनात किया गया था। किसान एक्सप्रेस ट्रेन में आए करीब 150 किसानों को अन्य वाहनों से वापस भेजा गया, जबकि अन्य ट्रेनों को उच्च अधिकारियों से बात करके आगे रवाना किया गया। -गोरखपाल राणा, डीएसपी हेडक्वार्टर


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