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Dap Crisis : त्योहारी सीजन में पुलिस को मिला नया काम, थानों में बांटी जा रही डीएपी खाद

अब थाने में खाद बंटवाने के लिए रोजाना थानाध्यक्ष से लेकर अन्य सभी स्टाफ खाद की सप्लाई किसानाें को उचित तरीके से मिले इसमें लगे रहते हैं। जिससे पुलिस कर्मचारियाें पर कार्य का अतिरिक्त बोझ बढ़ा है, वहीं थाना परिसर में दिनभर भारी संख्या में महिलाएं-पुरुष किसान मौजूद रहते हैं।

Dap Crisis : त्योहारी सीजन में पुलिस को मिला नया काम, थानों में बांटी जा रही डीएपी खाद
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 थाने में पुलिस की देखरेख में खाद लेते किसान। 

हरिभूमि न्यूज : कनीना

कोरोना संकट के बाद हालात सामान्य हुए तो दीपावली के सीजन में अब बाजरों में रौनक छाने लगी थी, ऐसे में बाजाराें में भीड़-भाड़ के चलते पुलिस बल को अतिरिक्त सावधानी बरती पड़ती है। अब थाने में खाद बंटवाने के लिए रोजाना थानाध्यक्ष से लेकर अन्य सभी स्टाफ खाद की सप्लाई किसानाें को उचित तरीके से मिले इसमें लगे रहते हैं। जिससे पुलिस कर्मचारियाें पर कार्य का अतिरिक्त बोझ बढ़ा है, वहीं थाना परिसर में दिनभर भारी संख्या में महिलाएं-पुरुष किसान मौजूद रहते हैं।

अपने जीवन में कुछ महिलाएं पहली बार थाने में पहुंची है, वो भी खाद लेने ऐसे में वो हरियाणा सरकार को कोस रही है कि किस कार्य के लिए उन्हंे बैगर बात थाने में पहुंचा दिया, लेकिन मजबूरी वश उनको आना पड़ रहा है। क्षेत्र में डीएपी खाद का गंभीर संकट अभी भी बना हुआ है जबकि सरकार हवाई दावे कर रही है। ऐसे संकट के लिए कौन जिम्मेवार है उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही और सरसांे की बिजाई का सीजन निकला जा रहा है। किसानांे का कहना है कि सरकार ने उनके साथ नाइंसाफी की है। खाद के लिए किसान गांवों में बने पैक्स ब्रांच, इफ्को किसान सेवा केंद्र के अलावा निजी डीलरों के यहां पर चक्कर लगा लगाकर थक चुके हैं। खाद लेने के लिए महिलाओं की संख्या भी कम नहीं है। घरेलू कार्य छोड़कर खाद के लिए एक घर से लगभग तीन व्यक्ति खाद लेने के लिए कतारों में लगते हैं। उसके बाद भी खाद न मिलने से सरसों की बिजाई दिनोंदिन लेट होती जा रही है।

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