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Panipat डायर्स ने चीन को दिया सालाना 1100 करोड रू. का झटका

डायर्स ने चीन (China) से केमिकल व रंगों का आयात पूरी तरह से बंद किया। स्वदेसी कंपनियों के केमिकलों (Chemicals) व रंगों के प्रयोग शुरू किया। पानीपत में चीन से प्रति दिन तीन करोड से अधिक का केमिकल आयात होता था

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इंडस्ट्री

विकास चौधरी, पानीपत। पानीपत टेक्सटाइल उद्योग की मां डाई उद्योग ने चीन (China) को करारा आर्थिक तमाचा मारा है। पानीपत डाई उद्योग ने चीन से केमिकल का आयात पूरी तरह से बंद कर दिया है, वहीं डायर्स अब स्वदेसी कंपनियों के केमिकलों का प्रयोग कर रहे है, जबकि जरूरी होने पर ही वियतनाम व दक्षिण कोरिया से कमेकल व रंगों का आयात कर रहे है।

हालांकि डायर्स को स्वदेशी रंग व केमिकल, चीन के मुकाबले महंगे पड रहे है, वहीं डायर्स का कहना है कि देश व हमारी बहादुर सेना पहले है, काम बंधा (Tied to work) बाद में है। डायर्स की नाराजगी के चलते चीन के केमिकल उद्योग को 1100 करोड से अधिक का झटका लगा है। वहीं डायर्स ने चीन से डाई संबंधी हर तरह की मशीन का आयात नहीं करने का भी फैसला लिया है। स्मरणीय है कि पानीपत में एक हजार से अधिक डाई हाउस है, इनमें से 650 युनिट वैध है।

वहीं पानीपत डाई उद्योग में प्रति दिन तीन करोड रूपये से अधिक का केमिकल व रंगों का प्रयोग होता है और सारा माल चीन से आयात होता था। वहीं सीमा पर विवाद व भारत के जवानों की शाहदात को नमन करते हुए पानीपत डाई उद्योग ने चीन का हर तरह से बहिष्कार करने की घोषणा की और एक माह से भी कम समय में चीन से पूरी तरह से किनारा कर लिया। पानीपत डायर्स एसोसिएशन के चेयरमैन भीम सिंह राणा ने कहा कि काम धंधा बाद में है, पहले देश और हमारे बहादुर सैन्य अधिकारी व जवान है।

देश की बहादुर सेना की बदौलत ही हम शांति से रहते और काम धंधा करते है। उन्होंने कहा कि जिस दिन चीनी सेना के साथ मुठभेड में हमारे 20 बहादुर अधिकारी व जवान शहीद हुए थे, उसी दिन पानीपत के डायर्स में चीन के प्रति आक्रोश पैदा हो गया था। चीन का पानीपत टेक्सटाइल उद्योग से हर तरह से बहिष्कार करने के लिए 30 से अधिक एसोसिएशनों के पदाधिकारियों की बैठक हुई थी जिस में चीन के हर उत्पाद का बहिष्कार करना तय हुआ था और यह भी सहमती बनी थी कि स्वदेशी मशीनों व उत्पादों का प्रयोग करेंगे चाहे वह विदेशी के मुकाबले महंगे क्यों न हो।

बैठक में तय हुआ था बहुत जरूरी होने पर दक्षिणी कोरिया व चीन के दुश्मन देशों से माल व मशीनों की खरीद की जाएगी। उन्होंने कहा कि वादे के अनुसार पानीपत डायर्स उद्योग आज पूरी तरह से चीन के उत्पादों से मुक्त हो चुका है, अधिकतर डायर्स स्वदेशी केमिकलों का प्रयोग कर रहे है, बहुत जरूरी होने पर ही वियतनाम व दक्षिण कोरिया से केमिकल व मशीनें मंगाई जाएगी।

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