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Online Training : एक क्लिक पर पंचायत का लेखा- जोखा होगा आंखों के सामने

भिवानी में डीपीआरसी ''डिस्ट्रिक्ट पंचायत रिसोर्स सेंटर'' बनाया गया। ऑनलाइन मीटिंग में अकाउंट व ऑडिट के बारे बताया। जिसमें ई-ग्राम स्वराज पोर्टल एवं एप में कोई भी डिटेल देख सकता है कितनी आमदनी कितना खर्च कितना बकाया है।

Online Training : एक क्लिक पर पंचायत का लेखा- जोखा होगा आंखों के सामने
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दीपक कुमार डुमड़ा : बवानीखेड़ा

ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों (Development works) के सही लेखा-जोखा होने सहित विकास कार्यों पर लगाई गई राशि में पारदर्शिता स्पष्ट नजर आएगी। इसी के लिए सचिव और कोषाध्यक्ष के प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। यह आयोजन 15 व 16 जुलाई को ऑनलाइन आयोजित हुआ। इसके लिए भिवानी में डीपीआरसी ''डिस्ट्रिक्ट पंचायत रिसोर्स सेंटर'' बनाया गया। ऑनलाइन मीटिंग में अकाउंट व ऑडिट के बारे बताया। जिसमें ई-ग्राम स्वराज पोर्टल एवं एप में कोई भी डिटेल देख सकता है कितनी आमदनी कितना खर्च कितना बकाया है।

जिला प्रशिक्षण कोर्डिनेटर ''डीटीसी'' छतर सिंह एवं प्रवीण शर्मा ने बताया कि दो दिनो में चार जिलों की ट्रेनिंग निर्धारित स्थान पर आयोजित हुई। यह आयोजन सुबह साढ़े दस बजे से एक बजे तक किया गया। जल्द ही 6 जिलों की ट्रेनिंग निर्धारित स्थान व समय पर अलग- अलग स्थानों पर होगी।

क्या है लक्ष्य : जिला प्रशिक्षण कोर्डिनेटर ''डीटीसी''छतर सिंह ने बताया कि विभाग की पीछे क्या योजनाएं थे और क्या कार्य हुआ और भविष्य की क्या योजनाएं होगी। जिसका लक्ष्य है जिस काम के लिए ग्रांट आए उसी में लगे और उसका लेखा-जोखा ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज हो। इसे आम व्यक्ति भी देख सकता है। इसे देखने के लिए ई-ग्राम स्वराज एप और पोर्टल लिखते ही साइट खुलेगी और पंचायत की आईडी पासवर्ड देखते ही सारा खाका सामने होगा। कोई ग्राम पंचायत मना नहीं कर पाएगी। ग्राम सभा में पारदर्शिता लाने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे वर्ष 24 अप्रैल 2020 में लागू किया था। इस प्रशिक्षण के लिए प्रदेश की सभी डाइट से एक-एक जिला प्रशिक्षण कोर्डिनेटर पंचायती राज विभाग में लगाया गया। ताकि इस कार्य को अमलीजामा पहनाया जा सके। बताया जाता है कि यह प्रशिक्षण एचआईआरडी के माध्यम से ऑनलाइन करवाया जा रहा है।

कर्मचारियों ने लिया ऑनलाइन प्रशिक्षण : जिला प्रशिक्षण कोर्डिनेटर ''डीटीसी''छतर सिंह एवं प्रवीण शर्मा ने बताया कि इस पोर्टल एवं ऍप के माध्यम से खाता में विधवा पेंशन खाता, वृद्ध का खाता, बुढ़ापा पेंशन आई या नहीं आई की जानकारी मिलेगी साथ में पीएफएमएस की भी रिपोर्ट देखी जा सकती है। हालांकि प्रशिक्षण में ग्राम पंचायत के सचिव व कोषाध्यक्ष 40 मौजूद रहे जिन्होंने ऑनलाइन प्रशिक्षण ग्रहण किया। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि किसी भी कार्य में बताया की ऑडिट क्या है और क्यों किया जाता है। इसका मुख्य लक्ष्य पारदर्शिता लाना व सही कार्य को अमलीजामा पहनाना है।

ग्राम बाण चित्र करेगा पूरा खुलासा : जिला प्रशिक्षण कोर्डिनेटर ''डीटीसी''छतर सिंह एवं प्रवीण शर्मा ने बताया कि पोर्टल एवं एप पर ग्राम बाण चित्र पूरा खुलाया करेगा। यह बाण यह दर्शाएगा कि किस एरिया में कहा स्कूल, मंदिर है, रास्ता कहा जाता है इस बारे पूरी जानकारी देगा। वहीं उन्होंने लाल डोरे के अंदर जमीन, रजिस्ट्री के बारे, ड्रॉन के बारे बताया कि इस कार्य को जायज कार्य ही करना है बहकावे में गलत नहीं करना, सही पैमाइश को अमलीजामा पहनाना है। किसी भी सूरत में गलत कार्य के लिए पूरी निगाह रखी जाएगी।

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