Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

बहादुरगढ़ : नगर परिषद के अनुभाग अधिकारी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के आदेश, यह है मामला

बहादुरगढ़ नगर परिषद (Nagar Parishad) के खाते से 8 चैक लगाकर 88 लाख 68 हजार रुपये निकालने और 2 अन्य चेक लगाकर करीब 20 लाख रुपये निकालने का प्रयास करने के मामले में प्रदेश सरकार ने संज्ञान लिया है।

बहादुरगढ़ : नगर परिषद के अनुभाग अधिकारी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के आदेश, यह है मामला
X

बहादुरगढ़ : नगर परिषद कार्यालय

हरिभूमि न्यूज. बहादुरगढ़

नगर परिषद के खाते से 8 चैक लगाकर 88 लाख 68 हजार रुपये निकालने और 2 अन्य चेक लगाकर करीब 20 लाख रुपये निकालने का प्रयास करने के मामले में प्रदेश सरकार ने संज्ञान लेते हुए नगर परिषद के तत्कालीन अनुभाग अधिकारी परमजीत जाखड़ के विरुद्ध गबन व रिकवरी को लेकर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। यह जानकारी सीएम के ओएसडी भूपेश्वर दयाल ने सीएम विंडो को लेकर आयोजित मासिक बैठक के समापन उपरांत दी।

बता दें कि नगर परिषद ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आईडीबीआई बैंक में खाता संख्या 0316104000171731 खोला था। खाता खोलते समय नगर परिषद को चेकबुक इशू हुई थी। लेकिन बाद में इस खाते को सरकार के पोर्टल से कनेक्ट कर लाभार्थियों को ऑनलाइन ही भुगतान किया जाने लगा। ऐसे में बैंक द्वारा उस चेक बुक को कैंसिल नहीं किया जाना भी अपने आप में गंभीर सवाल खड़े करता है। नगर परिषद अधिकारियों की भी लापरवाही साफ नजर आती है, उन्हें भी पोर्टल से अकाउंट कनेक्ट होते ही यह चेकबुक कैंसिल करवानी चाहिए थी। यह पैसा बिहार के गोपाल गंज में पीएनबी (पहले ओबीसी) बैंक में राम आश्रय के खाते में ट्रांसफर हुआ है। हैरत की बात है कि लगातार एक ही व्यक्ति के खाते में पैसे जाते रहे और बैंक के अधिकारी एक के बाद एक 8 चेकों को क्लीयरेंस दे चुके थे। जबकि यह खाता प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित था। इसमें लाभार्थी को केवल तीन किश्तों में 2.5 लाख रुपए का ही भुगतान होता है। जबकि एक ही खाते में करीब 5 लाख से 25 लाख का एकमुश्त भुगतान बैंक अधिकारियों द्वारा किया गया।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत केवल हरियाणा के लाभार्थी को ही बहादुरगढ़ नगर परिषद द्वारा भुगतान किया जा सकता है। लेकिन आईडीबीआई बैंक के अधिकारियों ने दिल्ली में लगाए गए चैक के आधार पर बिहार के अकाउंट में पैसा ट्रांसफर करने की क्लीयरेंस किस आधार पर दी, यह भी गंभीर जांच का विषय है। इस मामले में हरियाणा, दिल्ली और बिहार का कनेक्शन होने के कारण पुलिस को त्वरित और ठोस कदम उठाने की जरूरत है। यह सभी चैक दिल्ली के ईस्ट पटेल नगर स्थित पीएनबी की शाखा में ही लगाए गए हैं। ऐसे मे सबसे ज्यादा शक यही के स्टॉफ पर होना भी स्वाभाविक है। क्योंकि जब भी कोई चैक प्राप्त होता है, तो उसकी प्राइमरी जांच (क्लोनिंग तो नहीं है) के लिए उसे एक मशीन में रखकर देखना होता है। जानकारों के मुताबिक ऐसा नहीं किया गया, अन्यथा यह नकली चेक उस मशीन की पकड़ में अवश्य आ जाते। ऐसे में साफ लग रहा है कि बैंक कर्मी भी इस पूरे गड़बड़झाले में कहीं ना कहीं संलिप्त नजर आ रहे हैं।

ऐसे निकाले गए 88.68 लाख

आरोपितों द्वारा 23 जुलाई को चेक संख्या 288536 के माध्यम से 9 लाख 88 हजार, 31 जुलाई को चेक संख्या 288525 के माध्यम से 9 लाख 85 हजार, 4 अगस्त को चेक नंबर 288530 के माध्यम से 9 लाख 85 हजार, 6 अगस्त को चेक संख्या 288531 के माध्यम से 9 लाख 85 हजार और चेक संख्या 288532 के माध्यम से 9 लाख 95 हजार, 11 अगस्त को चेक संख्या 288521 के माध्यम से 24 लाख 50 हजार व चेक संख्या 288533 के माध्यम से 9 लाख 98 हजार व 17 अगस्त को चेक नंबर 288520 के माध्यम से 4 लाख 82 हजार रुपये निकाले गए थे। इस मामले में पांच महीने बाद भी स्थानीय पुलिस के हाथ खाली थे।

और पढ़ें
Next Story