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रोहतक पीजीआई में ओपीडी बंद हाेगी, गंभीर मरीज ही देखे जाएंगे, 6 दिन में 650 नए कोविड बेड बढ़ेंगे

सोमवार से ओपीडी में नए नियमों को लागू किया जा सकता है। ओपीडी बंद करने का फैसला संस्थान पर ही छोड़ दिया गया है। ओपीडी कब बंद करेंगे, किन-किन विभाग की ओपीडी बंद रहेंगी और कौन-कौन से विभाग की जारी रहेंगे, इस पर चिकित्सा संस्थान ही फैसला लेंगे।

रोहतक पीजीआई में ओपीडी बंद हाेगी, गंभीर मरीज ही देखे जाएंगे, 6 दिन में 650 नए कोविड बेड बढ़ेंगे
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रोहतक पीजीआई।

हरिभूमि न्यूज : रोहतक

पीजीआई में ओपीडी बंद की जाएगी या इनकी संख्या कम होगी इस पर रविवार को फैसला हो जाएगा। हालांकि चंडीगढ़ से स्टेट मॉनीटरिंग कमेटी की बैठक के बाद अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि संस्थानों को जनरल ओपीडी बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन क्रिटिकल मरीजों के लिए ओपीडी चलती रहेंगी। यानी गंभीर और जरूरी मरीजों की जांच ही ओपीडी में किया जाए। सोमवार से ओपीडी में नए नियमों को लागू किया जा सकता है। ओपीडी बंद करने का फैसला संस्थान पर ही छोड़ दिया गया है। ओपीडी कब बंद करेंगे, किन-किन विभाग की ओपीडी बंद रहेंगी और कौन-कौन से विभाग की जारी रहेंगे, इस पर चिकित्सा संस्थान ही फैसला लेंगे। शनिवार को डीएमईआर से डॉ. शालीन पीजीआई पहुंचे और इस पर वीसी डॉ. ओपी कालरा से बातचीत की। जिस तरह हर रोज डॉक्टर, नर्स और हेल्थ केयर वर्कर संक्रमित हो रहे हैं, इसे लेकर हेल्थ यूनिवर्सिटी चिंतित हैं। डॉक्टर, नर्स ऐसे ही पॉजिटिव होते रहे तो इलाज कौन करेगा।

दो दिन पहले हुई बैठक में भी कुछ डॉक्टर्स ने जरूरी विभाग छोड़कर सभी ओपीडी बंद करने का मुद्दा उठाया था। डॉ. शालीन ने ओपीडी बंद करने संबंधी और कोविड की तैयारियों का जायजा लिया। निर्देश दिए कि ऑक्सीजन की कमी नहीं रहनी चाहिए। दूसरी ओर दो दिन पहले हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। अब पीजीआई को पूरी तरह से कोविड अस्पताल में बदल दिया जाएगा। 650 नए कोविड बेड बढ़ा दिए गए हैं। चार से छह दिन के अंदर इनका काम पूरा हो जाएगा। पीजीआई में कोविड बेड की संख्या 1016 हो जाएगी। अब तक 6 जगहों पर 366 बेड थे। यह निर्णय लिया कि ऑनलाइन थ्योरी क्लास चलेगी। प्रैक्टिकल क्लास रद की है।

ऑक्सीजन कैपेसिटी भी बढ़ाई जाएगी। जो नए कोविड वार्ड बनाए गए हैं, उन सभी बैड तक ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था होगी। इसके लिए हेल्थ यूनिवर्सिटी ने बायोमेडिकल इंजीनियर मांगा है। इसके लिए डिपार्टमेंट ऑफ मेडिकल एजूकेशन और रोहतक के जिला उपायुक्त दोनों को कहा गया है कि बायोमेडिकल इंजीनियर की व्यवस्था करवाई जाए। इंजीनियर पीजीआई के ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता चेक करेंगे। सिलेंडर कैपेसिटी बढ़ाने के लिए रेट कांट्रेक्ट किया जाएगा। कंपनी से बात नहीं बनी तो सरकार से ग्रांट मांगी जाएगी। वहीं 500 डी टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर एचएमएससीएल से आएंगे।

बड़ी संख्या में पीजीआई की नर्स संक्रमित हो रही हैं। नर्सिंग सुप्रिन्टेंडेंट को भी कहा गया है दूसरे अस्पतालों के पैटर्न पर नर्सिंग स्टूटेंड की ड्यूटी भी कोविड वार्ड में लगाने का प्रबंध किया जाए। वहीं स्टाफ की कमी से जूझ रहे पीजीआई ने नए कोविड वार्ड के लिए नगर निगम आयुक्त से अतिरिक्त स्टाफ उपलब्ध करवाने के लिए कहा है। अगर वो नहीं देते हैं तो हेल्थ यूनिवर्सिटी अपने स्तर पर इंतजाम करेगा। दूसरी ओर सिविल सर्जन से भी 5 एंबुलेंस और 20 ड्राइवरों का इंतजाम करने के लिए भी पत्र लिखा है।

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