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स्नातक परीक्षा में ऑनलाइन पैटर्न बनी आफत, अधिकांश विद्यार्थी परीक्षा से ही रह गए वंचित

परीक्षा शुरू होने पर किसी को कोड (Code) मिलने में परेशानी आई, किसी विद्यार्थी को पूरा समय ही नहीं मिला तो कोई परीक्षा के पूरे समय पेपर (Paper) आने का ही इंतजार करता रह गया, लेकिन पेपर नहीं आया।

स्नातक परीक्षा में ऑनलाइन पैटर्न बनी आफत, अधिकांश विद्यार्थी परीक्षा से ही रह गए वंचित
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पेपर देने से वंचित रहे विद्यार्थी हिंदू प्राचार्य के सामने अपनी समस्या रखते हुए।

हरिभूमि न्यूज. सोनीपत। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू), रोहतक की ओर से आयोजित स्नातक की आनलाइन परीक्षा (Online exam) में आई खामियां विद्यार्थियों पर भारी पड़ रही हैं। रविवार को आयोजित परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ऑनलाइन परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय से पहले ही पूरी तैयारी कर परीक्षा देने के लिए बैठ गए थे।

परीक्षा शुरू होने पर किसी को कोड मिलने में परेशानी आई, किसी विद्यार्थी को पूरा समय ही नहीं मिला तो कोई परीक्षा के पूरे समय पेपर आने का ही इंतजार करता रह गया, लेकिन पेपर नहीं आया। जिस कारण काफी विद्यार्थी परीक्षा देने से वंचित रह गए। जिससे गुस्साए विद्यार्थी एकत्रित होकर कालेज प्रबंधन के पास पहुंचे और अपनी समस्या बताते हुए ज्ञापन सौंपा।

कालेज प्रबंधन ने विद्यार्थियों को कहा कि ऑनलाइन परीक्षाएं यूनिवर्सिटी अपने स्तर पर हैंडल कर रही हैं, इस समस्या का समाधान भी वही कर सकते हैं। कालेज प्रबंधन ने विद्यार्थियों द्वारा दिए ज्ञापन को विश्वविद्यालय भेजने का आश्वासन दिया।

बता दें कि महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक की तरफ से कोरोना महामारी के बीच स्नातक की परीक्षाएं आयोजित करवाने का निर्णय लिया है। ये परीक्षाएं ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से आयोजित करवाई जा रही है।

रविवार को ऑफलाइन माध्यम से आयोजित परीक्षाएं जहां शांतिपूर्ण तरीके से हुई। वहीं ऑनलाइन माध्यम से आयोजित परीक्षाओं में विद्यार्थियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पेपर ना मिलने, समय अधुरा मिलने व कोड मिलने में आई परेशानियों के चलते विद्यार्थी परीक्षा देने से वंचित रहे गए हैं।

इस स्थिति में विद्यार्थी परेशान हैं कि अब वे इस पेपर को कैसे दे पाएंगे। विद्यार्थियों ने कहा कि यूनिवर्सिटी की खामी परिणाम विद्यार्थियों को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने पेपर दोबारा सुनियोजित तरीके से करवाने की मांग की।

रविवार को ये पेपर हुए

स्नातक की परीक्षाओं के दौरान रविवार को प्रात:कालीन सत्र में बीएससी का कैमेस्ट्री विषय का पेपर हुआ। वहीं सायंकालीन सत्र में बी.कॉम का टैक्सेशन लॉ-2 और कास्ट अकाउंटिंग-2 विषय की परीक्षा हुई। ये परीक्षाएं ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से आयोजित की गई। हालांकि अधिकतर विद्यार्थी ऑनलाइन माध्यम से ही परीक्षा दे रहे हैं।

बीएसी के पेपर में आई परेशानी

रविवार को बीएसी के विद्यार्थी आनलाइन परीक्षा देने के लिए निर्धारित समय से पहले ही कम्प्यूटर के आगे बैठ गए थे, ताकि यूनिवर्सिटी द्वारा दी जाने वाली गाइडलाइन को पढ़कर उसका पालन कर सकें। विद्यार्थी पेपर का इंतजार करते रहे, लेकिन परीक्षा के 45 मिनट बीतने के बाद भी काफी विद्यार्थियों को पेपर ही नहीं मिला।

यही नहीं कुछ विद्यार्थियों का कहना है कि उनके पास कोड ही नहीं आया, वहीं कुछ विद्यार्थियों ने परीक्षा के पूरे 45 मिनट ना मिलने की शिकायत दी है। शिकायत लेकर हिंदू कालेज पहुंचे विद्यार्थियों ने बताया कि काफी विद्यार्थियों की आईडी समय से पहले ही बंद हो गई। जिस कारण वे परीक्षा देने से वंचित रह गए। शिकायत लेकर हिंदू कालेज पहुंचे विद्यार्थियों ने कालेज प्रबंधन को अपनी समस्या बताई और ज्ञापन सौंपा। परीक्षा से वंचित रहे विद्यार्थियों का कहना है कि उन्हें पेपर ही नहीं मिला तो वे पास भी नहीं होंगे।

विश्वविद्यालय स्तर पर ही हो सकेगा समाधान : प्राचार्य

रविवार को बीएससी के विद्यार्थी परीक्षा के दौरान पेपर व कोर्ड ना मिलने, कोड, आइडी समय से पहले बंद होने और पूरा समय न मिलने की समस्या लेकर पहुंच थे। उन्होंने बताया गया कि ऑनलाइन माध्यम से हो रही परीक्षाओं की पूरी निगरानी विश्वविद्यालय स्तर पर हो रही है। कालेज प्रशासन केवल ऑफलाइन परीक्षा ही हैंडल कर रहा है। इस पर विद्यार्थियों की मांग को विश्वविद्यालय भेज दिया है। अब विद्यार्थियों की इस समस्या का समाधान भी वहीं से हो सकेगा। - डा. बीके गर्ग, प्राचार्य, हिंदू कालेज, सोनीपत



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