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परिवार पहचान पत्र और ओटीपी के फेर में उलझ रहा ऑनलाइन एडमिशन

परिवार पहचान पत्र की ओटीपी में केवल 10 मिनट का समय दिया जा रहा है। विद्यार्थियों (Students) को ऑनलाइन की प्रक्रिया को पूरा भरने में 30 मिनट लग रहे हैं। जबकि जो विद्यार्थी साइबर कैफे व बाहर से ऑनलाइन आवेदन कर रहे है। वे अभिभावकों से ओटीपी पता करते है इतने में विद्यार्थी से भरा गया ऑनलाइन फॉर्म का सर्वर टाइमआउट हो जाता है। जिससे आवेदन की वही प्रक्रिया फिर से दोहरानी पड़ती है। तो वहीं परिवार पहचान पत्र में नाम की मिसमेचिंग भी विद्यार्थियों के लिए बढ़ी समस्या बन रही है।

परिवार पहचान पत्र  और ओटीपी के फेर में उलझ रहा ऑनलाइन एडमिशन
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भिवानी : कैफे शॉप पर ऑनलाइन आवेदन करते हुए विद्यार्थी ।

हरिभूमि न्यूज : भिवानी

दो दिन पहले शुरू हुआ कॉलेजों का मिशन एडमिशन अब परिवार पहचान पत्र के ओटीपी के फेर में उलझ गया है। परिवार पहचान पत्र का विवरण आवेदन में जरूरी होने से विद्यार्थियों के एडमिशन आवेदन के ओटीपी के मैसेज परिवार पहचान पत्र में जुड़े मोबाइल नंबर पर अभिभावकों के पास पहुंच रहे है। परिवार पहचान पत्र की ओटीपी में केवल 10 मिनट का समय दिया जा रहा है। विद्यार्थियों को ऑनलाइन की प्रक्रिया को पूरा भरने में 30 मिनट लग रहे हैं। जबकि जो विद्यार्थी साइबर कैफे व बाहर से ऑनलाइन आवेदन कर रहे है। वे अभिभावकों से ओटीपी पता करते है इतने में विद्यार्थी से भरा गया ऑनलाइन फॉर्म का सर्वर टाइमआउट हो जाता है। जिससे आवेदन की वही प्रक्रिया फिर से दोहरानी पड़ती है। तो वहीं परिवार पहचान पत्र में नाम की मिसमेचिंग भी विद्यार्थियों के लिए बढ़ी समस्या बन रही है।

कॉलेज के नए सत्र में ऑनलाइन एडमिशन आवेदन प्रक्रिया में परिवार पहचान पत्र जुड़ने से विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन ही बड़ी समस्या बनती जा रही है। क्योंकि सभी डॉक्यूमेंट परिवार पहचान पत्र से ऑनलाइन जोड़ दिए गए हैं परिवार पहचान पत्र मेें विवरण संबधी कुछ खामियां होने विद्यार्थियों के एडमिशन आवेदन पर भी इसका असर पड़ रहा है।

परिवार पहचान पत्र का आने वाला ओटीपी ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। जिन परिवारों में एक ही फोन है तथा पिता मजदूरी का कार्य करते हैं वो फोन का अपने साथ ले जाते हैं। कई बार नेटवर्क की समस्या तो कई बार पढ़े लिखे नहीं होने के चलते ओटीपी किसी से पूछ कर बताना पड़ रहा है जिसके चलते समय लगता है और टाइम आउट हो जाता है । इससे पूरा फार्म फिर से भरना पड़ रहा है। विद्यार्थियों ने मांग करते हुए कहा है कि ओटीपी की समस्या का स्थाई समाधान करते हुए जो परिवार पहचान पत्र विद्यार्थी अपने साथ ला रहे हैं उसे ही मान्य किया जाए ताकि बार बार होने वाली परेशानी से निजात मिल सके।

कॉलेजों को नहीं मिला आवेदन संख्या चेक करने का ऑप्शन

सोमवार को दोपहर बाद उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से आवेदन के लिए पोर्टल ओपन हो चुका है। लेकिन अभी भी पोर्टल पर विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवदेन करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही कॉलेजों को अभी तक कितने आवेदन आए। जिससे कॉलेज के ऑनलाइन एडमिशन के नोडल अधिकारी ये नहीं देख पा रहे कि उनके कॉलेज में अभी तक कितने आवेदन आ चुके हैं। इस समस्या के समाधान के लिए कॉलेजों ने उच्चत्तर शिक्षा विभाग को पत्र भी भेज दिया है तथा जल्द ही समस्या दूर होने की बात उच्च अधिकारियों द्वारा कही गई है।

विद्यार्थियों को इस बार केवल 11 दिन का मिला समय

26 अगस्त तक विद्यार्थी एडमिशन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। विद्यार्थियों को इस बार 11 दिन का समय मिला है, लेकिन ऑनलाइन आवेदनों में विद्यार्थियों को आ रही परेशानी को देखते हुए विभाग को विद्यार्थियों को अधिक समय ऑनलाइन आवेदन करने का देना चाहिए। पहले ही कॉलेजों में कोरोना के चलते तीन माह की देरी से एडमिशन की प्रकिया शुरू हो रही है।

फोटो और हस्ताक्षर नहीं हो रहे अपलोड

मिशन एडमिशन में एक तरफ जहां परिवार पहचान पत्र का ओटीपी भविष्य में रोडा अटका रहा है तो वहीं दूसरी तरफ विभाग के पेार्टल पर लोड अधिक होने के चलते विद्यार्थियों की फोटो तथा हस्ताक्षर भी अपलोड होने में परेशानी हो रही है। कैफे संचालकों ने बताया कि इस बारे में विद्यार्थियों द्वारा विभाग द्वारा जो टोल फ्री नंबर जारी किया गया है उस पर शिकायत दर्ज करवाई गई है तथा उम्मीद जताई जा रही है कि आवेदन भरते समय जो परेशानी आ रही है वो जल्द ही दूर होगी।

दाखिला फॉर्म भरते समय इन कागजात की पडे़गी जरूरत

आधार कार्ड, 10वीं प्रमाण पत्र, 12वीं प्रमाण पत्र, डोमिसाइल (रिहायशी) प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र (एससी बीसी कैटेगरी स्टूडेंट्स के लिए) , गैप ईयर सर्टिफिकेट(जिनका गैप ईयर है) , पासपोर्ट साइज फोटो व हस्ताक्षर, इनकम सर्टिफिकेट, 6 महीने से ज्यादा पुराना न हो (बीसी 250000 वार्षिक), चरित्र प्रमाण पत्र (स्कूल द्वारा जारी, जिसने ओपन से 12वीं की है व जिनका गैप ईयर है, वो अपने वार्ड पार्षद, गांव के सरपंच से बनवा सकता है), ईमेल आईडी व मोबाइल नंबर (वही मेल आईडी व मोबाइल नम्बर भरें जो परमानेंट हो। क्योंकि भविष्य में कोई भी सूचना उसी मोबाइल नंबर व मेल आईडी पर जारी की जाएंगी), माइग्रेशन सर्टिफिकेट(जिन्होंने सीबीएसई या अन्य किसी बोर्ड से 12वीं कक्षा पास की है, एचबीएसई से पासआउट्स के लिए यह जरुरी नहीं है), बैंक खाते की पासबुक की फोटोकॉपी आईएफएससी कोड सहित (बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए), अगर कोई विद्यार्थी ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में फॉर्म भरता है तो उसका ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट, अतिरिक्त वेटेज के लिए एनसीसी, एनएसएस, स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट तथा फैमिली आईडी।

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