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रोहतक : अब ड्यूटी ज्वाइन करेंगे जाट काॅलेज के नए प्राचार्य, नियुक्ति प्रक्रिया पर ईसी की मुहर

महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (Maharishi Dayanand University) की कार्यकारी परिषद ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। ईसी (EC) में 50 एजेंडे रखे। इनमें से एक एजेेंडा नियुक्ति प्रक्रिया (Appointment process) का भी रहा। 50 एजेंडों मेंं 4-5 एजेंडों काे छोड़कर बाकि के सभी प्रस्तावों पर कार्यकारी परिषद की मुहर लगी।

Jat College Rohtak
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जाट कॉलेज रोहतक

अमरजीत एस गिल : रोहतक

जाट कॉलेज के प्राचार्य की नियुक्ति करने की प्रक्रिया को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय Maharishi Dayanand University) की कार्यकारी परिषद ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। बृहस्पतिवार को ईसी में 50 एजेंडे रखे। इनमें से एक एजेेंडा नियुक्ति प्रक्रिया का भी रहा। 50 एजेंडों मेंं 4-5 एजेंडों काे छोड़कर बाकि के सभी प्रस्तावों पर कार्यकारी परिषद की मुहर लगी। इनमें प्रमुख प्रस्ताव रूप जाट काॅलेज के प्राचार्य की नियुक्ति का ही था। क्योंकि नियुक्ति को पिछले लगभग दो साल से विवाद बना हुआ था। यह मामला कोर्ट-कचहरी तक भी पहुंच गया था।

कोर्ट ने भी अपना फैसला नियुक्त होने वाले प्राचार्य के पक्ष में सुनाया था। लेकिन इन्होंने अभी तक ड्यूटी ज्वाइन नहीं की थी। क्योंकि कॉलेजों में प्राचार्य समेत दूसरी नियुक्तियों को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय कार्यकारी परिषद स्वीकृति प्रदान करती है। स्वीकृति प्रदान करने से पहले विश्वविद्यालय ने मामले को लेकर एक कमेटी का गठन किया था। जिसमें डीन अकडेमिक एफेयर प्रो. नीना सिंह, भौतिक विज्ञान के प्रो. अनूप सिंह मान और एक कॉलेज की प्राचार्या को कमेटी में शामिल किया गया था। इस कमेटी ने नियुक्ति प्रक्रिया की हर पहलू से जांच की और रिपोर्ट विश्वविद्यालय को सौंप दी। प्राचार्य की नियुक्ति के लिए जो प्रक्रिया अपनाई गई थी, वह सही पाई गई।बृहस्पतिवार को हुई कार्यकारी परिषद की बैठक में नियुक्ति प्रक्रिया को स्वीकृति प्रदान कर दी गई। अब नियुक्ति को सरकार केभेजा जाएगा। काफी लम्बे समय से अंग्रेजी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संगीता दलाल बतौर प्राचार्य कार्यभार देख रही हैं।

पदोन्नति का मामला भी उठा

बृहस्पतिवार की बैठक में 50 एजेंडे रखे थे। 22 एजेंडों का इंडक्स पहले से था। जबकि 28 एजेंडे पूरक रहे। इनमें ज्यादातर प्रस्तावों पर ईसी ने मुहर लगा दी है। इनमें विदेशी छात्रों की फीस न बढ़ाने, शिक्षकों की पदोन्नति, विश्वविद्यालय को सुरक्षा मुहैया करवा रही ईगल हंटर सोल्यूशन लिमिटेड पर यूनिवर्सिटी द्वारा लगातार किए जा रहे जुर्माने पर ईसी सदस्यों ने मंथन किया। फार्मास्यूटिकल साइंस के बर्खास्त शिक्षक डॉ. नीरज गिल्हौत्रा के मसले पर भी विचार विमर्श हुआ। डॉ. गिल्हौत्रा का एजेंडा दूसरी बार कार्यकारी परिषद में आया है। जूनियर इंजीनियर इलेक्ट्रिक की प्रमोशन पर पॉलिसी पर ईसी ने बृहस्पतिवार को फैसला लेना था। लेकिन इस पर निर्णय नहीं लिया जा सका। डीन अकेडमिक के पद पर नियुक्त किए गए प्रो. एके राजन की नियुक्ति को स्वीकृति प्रदान कर दी गई।

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