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अब ई-अटेंडेंस सिस्टम से लगेगी बैठक व प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हाजिरी

उपायुक्त के निर्देश पर यह एप एनआईसी भिवानी के माध्यम से तैयार की गई है। उपायुक्त जयबीर सिंह आर्य ने बताया कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन व समीक्षा को लेकर प्रतिदिन अधिकारियों की बैठकेंं आयोजित की जाती हैं।

अब ई-अटेंडेंस सिस्टम से लगेगी बैठक व प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हाजिरी
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भिवानी : क्यूआर कोड दिखाते उपायुक्त जयबीर सिंह आर्य।

हरिभूमि न्यूज : भिवानी

जिला प्रशासन द्वारा आयोजित की जाने वाली बैठकों व प्रशिक्षण कार्यक्रमों की हाजिरी अब ई-अटेंडेंस सिस्टम के माध्मय से लगेगी। उपायुक्त जयबीर सिंह आर्य ने लघु सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में ई-अटेंडेंस के लिए मोबाइल एप लांच की। उपायुक्त के निर्देश पर यह एप एनआईसी भिवानी के माध्यम से तैयार की गई है। उपायुक्त जयबीर सिंह आर्य ने बताया कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन व समीक्षा को लेकर प्रतिदिन अधिकारियों की बैठकेंं आयोजित की जाती हैं। इन बैठकों में अधिकारियों की हाजिरी भी ली जाती है, जो मैन्युअल अटेंडेंस सीट पर एक कर्मचारी द्वारा जाती है। उन्होंने बताया कि अब ई-अटेंडेंस सिस्टम लांच किया गया है, जिसमें मैन्युअल अटेंडेंस की जरूरत नहीं होगी। यह व्यवस्था शीघ्र ही अन्य विभागों में भी लागू की जाएगी।

जिला प्रशासन द्वारा ई-अटेंडेंस मोबाइल एप तैयार की गई है। इस एप में आयेाजित होने वाली बैठक के लिए एक क्यूआर कोड बनाया जाएगा, जिसमें बैठक का एजेंडा, शामिल होने वाले व्यक्ति का नाम आदि एक एक्सेल सीट में होगा। मीटिंग हॉल पर या मीटिंग हॉल के अंदर बैठक का क्यूआर कोड अंकित कर दिया जाएगा। बैठक में आने वाले अधिकारी अपने मोबाइल फोन की एप से इस क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे। क्यूआर कोड स्कैन होते हुए अधिकारी की हाजिरी लग जाएगी। उन्होंने बताया कि हाजिरी लगने के साथ-साथ इस एप के माध्यम से बैठक में शामिल होने वाले अधिकारी की लोकेशन व समय का भी पता लगेगा।

ई-अटेंडेंस सिस्टम के माध्यम से एटेंडेंस प्रक्रिया में लगने वाले समय की बचत होगी और बैठक में शामिल होने वाले अधिकारियों का रिकार्ड भी मेनटेन रहेगा। उपायुक्त ने बताया कि अब से पहले अगर सुबह सवेरे कोई मीटिंग होती थी तो पहले अधिकारी या कर्मचारी को अपने विभाग में हाजिरी लगाकर आना पड़ता था। अब नई व्यवस्था के तहत अगर अल सुबह ही कोई मीटिंग है तो अधिकारी या कर्मचारी सीधा आया तो भी उसकी मीटिंग हॉल में क्यूआर कोड स्कैन करते ही हाजिरी लग जाएगी। इससे यह भी पता लगा जाएगा कि किस विभाग से कौन अधिकारी किस मीटिंग में शामिल हुआ था और उसने क्या रिपोर्ट दी। इससे पहले सभी कर्मचारी व अधिकारियों की हाजिरी रजिस्टर में दर्ज कराई जाती रही है। इस दौरान डीआईओ पंकज बजाज ने उपायुक्त को इस एप के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

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